Ration System New Rules: राशन व्यवस्था पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, शुरू हुई सार्थक-पीडीएस योजना
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में राशन व्यवस्था को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। सरकार के इस बड़े कदम का सीधा असर देश के 800 मिलियन यानी लगभग 80 करोड़ राशन उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने एक नई "सार्थक-पीडीएस" (SARTHAK-PDS) योजना की शुरुआत की है। इस पूरी लोक-कल्याणकारी योजना को जमीन पर उतारने के लिए सरकार की तरफ से लगभग 25,530 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, "राज्य सरकारें भारतीय खाद्य निगम (FCI) के बड़े गोदामों से अनाज को विभिन्न जिलों, ब्लॉकों और अंततः राशन की दुकानों तक ले जाने में आर्थिक रूप से संघर्ष कर रही थीं। केंद्र सरकार अब राज्यों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।"
इस योजना के तहत किया गया दूसरा बड़ा बदलाव राशन दुकान मालिकों यानी डीलरों के कमीशन में बढ़ोतरी से जुड़ा है। केंद्रीय मंत्री ने इस बात का जिक्र करते हुए कहा, "राशन डीलरों के कमीशन में काफी समय से कोई बढ़ोतरी नहीं देखी गई थी। डीलर कमीशन में बढ़ोतरी की लगातार मांग की जा रही थी। आज सरकार ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया है और उनके कमीशन को बढ़ाने का निर्णय लिया है।"
राशन व्यवस्था में किया गया तीसरा और आखिरी बड़ा सुधार नई तकनीक को अपनाने से जुड़ा है, ताकि पूरी राशन वितरण प्रणाली को पहले से कहीं अधिक आधुनिक और पारदर्शी बनाया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने इस पर आगे कहा, "सरकार इस बड़े बजट से राशन वितरण की लागत का वित्तपोषण करेगी, दुकानदारों की कमाई बढ़ाएगी और पूरी प्रणाली को डिजिटल और आधुनिक बनाएगी।"
उन्होंने देशवासियों को राहत देने की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, "हमने हीट वेव के दौरान भारतीय नागरिकों को राहत प्रदान करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया, जिसमें स्वास्थ्य मंत्रालय, जल संसाधन क्षेत्र और अन्य संबंधित क्षेत्रों द्वारा कार्यान्वित की जा सकने वाली सुविधाओं और कार्रवाइयों पर विशेष जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने बहुत स्पष्ट रूप से कहा कि जब ऐसी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, तो हमें 'पूरे देश की भावना' (whole of nation spirit) के साथ उनसे निपटना चाहिए।"
सार्थक-पीडीएस योजना से जुड़े तीन बड़े अपडेट
केंद्रीय कैबिनेट की इस अहम बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि देश भर के 80 करोड़ नागरिकों को सुचारू रूप से राशन पहुंचाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम पर काम चल रहा है। इस प्रभावी सार्थक-पीडीएस योजना में मुख्य रूप से तीन बड़े और जरूरी बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों के तहत राज्य सरकारों को वित्तीय मदद देना, राशन वितरण में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करना और अब लाभार्थियों के रजिस्ट्रेशन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को शामिल करना तय किया गया है।केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, "राज्य सरकारें भारतीय खाद्य निगम (FCI) के बड़े गोदामों से अनाज को विभिन्न जिलों, ब्लॉकों और अंततः राशन की दुकानों तक ले जाने में आर्थिक रूप से संघर्ष कर रही थीं। केंद्र सरकार अब राज्यों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।"
इस योजना के तहत किया गया दूसरा बड़ा बदलाव राशन दुकान मालिकों यानी डीलरों के कमीशन में बढ़ोतरी से जुड़ा है। केंद्रीय मंत्री ने इस बात का जिक्र करते हुए कहा, "राशन डीलरों के कमीशन में काफी समय से कोई बढ़ोतरी नहीं देखी गई थी। डीलर कमीशन में बढ़ोतरी की लगातार मांग की जा रही थी। आज सरकार ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया है और उनके कमीशन को बढ़ाने का निर्णय लिया है।"
राशन व्यवस्था में किया गया तीसरा और आखिरी बड़ा सुधार नई तकनीक को अपनाने से जुड़ा है, ताकि पूरी राशन वितरण प्रणाली को पहले से कहीं अधिक आधुनिक और पारदर्शी बनाया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने इस पर आगे कहा, "सरकार इस बड़े बजट से राशन वितरण की लागत का वित्तपोषण करेगी, दुकानदारों की कमाई बढ़ाएगी और पूरी प्रणाली को डिजिटल और आधुनिक बनाएगी।"
भीषण गर्मी और हीट वेव से निपटने के लिए सरकार की रणनीति
राशन व्यवस्था में सुधारों के अलावा इस उच्च स्तरीय बैठक में देश के मौजूदा मौसम और स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी गंभीर चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, "सभी मंत्रियों के साथ मौजूदा हीट वेव (भीषण गर्मी) की स्थिति की समीक्षा की गई। देश के साथ प्रधानमंत्री के संदेश को साझा करने के लिए कई ट्वीट भेजे गए थे। उस संदेश के जवाब में, हमने उन विशिष्ट कार्यों पर चर्चा की जो प्रत्येक मंत्रालय और विभाग अपने संबंधित क्षेत्रों में कर सकते हैं।"उन्होंने देशवासियों को राहत देने की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, "हमने हीट वेव के दौरान भारतीय नागरिकों को राहत प्रदान करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया, जिसमें स्वास्थ्य मंत्रालय, जल संसाधन क्षेत्र और अन्य संबंधित क्षेत्रों द्वारा कार्यान्वित की जा सकने वाली सुविधाओं और कार्रवाइयों पर विशेष जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने बहुत स्पष्ट रूप से कहा कि जब ऐसी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, तो हमें 'पूरे देश की भावना' (whole of nation spirit) के साथ उनसे निपटना चाहिए।"
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