गुरुग्राम मेट्रो को जल्द पूरा करने पर PM मोदी का जोर, ₹1,662 करोड़ के फेज 2 का टेंडर जारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुग्राम मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की धीमी रफ्तार पर ध्यान देते हुए अधिकारियों को इसके काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इस साल अगस्त में हुई समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने आईटी सिटी गुरुग्राम के लिए अहम माने जा रहे इस मेट्रो कॉरिडोर को जल्द पूरा करने पर जोर दिया था। CNN-News18 को सूत्रों ने यह जानकारी दी है। इससे ₹5,453 करोड़ की शुरुआती लागत वाले इस प्रोजेक्ट में हो रही देरी एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
गुरुग्राम मेट्रो को जल्द पूरा करने पर PM मोदी का जोर


PMO की निगरानी में गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट

अगस्त में प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों से देरी का सामना कर रहे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की जिम्मेदारी लेने और उनके काम में तेजी लाने को कहा था। अब गुरुग्राम मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की निगरानी प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के स्तर पर की जा रही है। प्रशासनिक अड़चनें और अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी इस परियोजना को समय पर पूरा करने में बड़ी चुनौतियां बनकर सामने आई हैं।

28.5 किलोमीटर लंबा होगा गुरुग्राम मेट्रो कॉरिडोर

केंद्र सरकार ने जून 2023 में गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को ₹5,452.72 करोड़ की अनुमानित लागत से मंजूरी दी थी। इस 28.5 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर के जरिए मिलेनियम सिटी सेंटर को साइबर सिटी से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, द्वारका एक्सप्रेसवे की ओर 1.85 किलोमीटर लंबा एक अतिरिक्त कॉरिडोर भी प्रस्तावित है।


मई 2026 में हरियाणा सरकार ने परियोजना की योजना में बदलाव किया। इसके बाद मेट्रो प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत बढ़कर करीब ₹8,500 करोड़ हो गई। संशोधित योजना में गुरुग्राम रेलवे स्टेशन की ओर एक अतिरिक्त कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव भी शामिल किया गया है।

गुरुग्राम मेट्रो निर्माण में अहम प्रगति

गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट में 29 अगस्त को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई। साइबर पार्क के पास पहली 160 टन की प्रीकास्ट यू-गर्डर लगाई गई। इसे स्थापित करने के लिए 400 टन और 600 टन क्षमता वाली हाइड्रोलिक क्रेनों का इस्तेमाल किया गया।


सितंबर के अंत तक परियोजना के पहले चरण में सिविल निर्माण कार्य लगभग 35 प्रतिशत पूरा हो चुका था। हालांकि, निर्माण में प्रगति के बावजूद मेट्रो को चालू करने की समयसीमा को लेकर अभी भी अलग-अलग अनुमान सामने आ रहे हैं।

फेज 1 का काम 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य

गुरुग्राम मेट्रो के पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर 9 तक 15.3 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इस हिस्से का निर्माण कार्य 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

हालांकि, पूरे मेट्रो कॉरिडोर को तैयार करने में इससे अधिक समय लग सकता है। कुछ रिपोर्टों में पूरे प्रोजेक्ट के लिए 2029 का लक्ष्य बताया गया है, जबकि संशोधित समयसीमा को लेकर अभी भी चर्चा जारी है।

गुरुग्राम मेट्रो फेज 2 के लिए ₹1,662.5 करोड़ का टेंडर

हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम मेट्रो के दूसरे चरण के लिए ₹1,662.5 करोड़ के सिविल वर्क्स पैकेज को मंजूरी दे दी है। यह चरण सेक्टर 9 से साइबर सिटी तक के हिस्से को कवर करेगा।


गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) के टेंडर शेड्यूल के मुताबिक, इस पैकेज के लिए बोली जमा करने की तारीख 9 से 18 नवंबर 2026 तय की गई है। इसमें एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों और वायाडक्ट के निर्माण से जुड़े काम शामिल हैं।

इस चरण में ओल्ड दिल्ली रोड और बजघेरा रोड पर डबल-डेकर कॉरिडोर बनाने की योजना भी है। इसका उद्देश्य इन सड़कों पर यातायात के दबाव को कम करना और गुरुग्राम में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।

यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए अलग टेंडर भी जारी

गुरुग्राम मेट्रो निर्माण से जुड़े कामों को आगे बढ़ाने के लिए ₹62.25 करोड़ का एक अलग टेंडर भी जारी किया गया है। यह टेंडर यूटिलिटी शिफ्टिंग और ट्रैफिक डायवर्जन से जुड़े कामों के लिए है।

मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण के दौरान मौजूदा सेवाओं और उपयोगिताओं को स्थानांतरित करना जरूरी है। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) और बिजली से जुड़ी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत होगी।