HDFC बैंक की नई FD दरें: 1, 3 और 5 साल की एफडी पर कितना मिलेगा ब्याज?

अगर आप शेयर बाजार के जोखिमों से दूर रहकर अपने पैसों को सुरक्षित रखना चाहते हैं और पक्का रिटर्न पाना चाहते हैं, तो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से एक पसंदीदा जरिया रहा है। HDFC बैंक 3 करोड़ रुपये से कम की घरेलू FD पर आम ग्राहकों को 2.75% से 6.50% तक और वरिष्ठ नागरिकों को 3.25% से 7.10% तक सालाना ब्याज दे रहा है। अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बैंक में FD खोलना एक अच्छा कदम हो सकता है।
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7 दिनों से 10 साल तक की एफडी पर ब्याज दरें

HDFC बैंक में ग्राहकों को 7 दिनों से लेकर 10 साल तक की अवधि चुनने का विकल्प मिलता है। छोटी अवधि की FD पर ब्याज दर कम होती है, जबकि लंबी अवधि के निवेश पर ज्यादा फायदा मिलता है।


  • आम नागरिकों के लिए: 7 से 14 दिनों की FD पर 2.75% ब्याज मिलता है। वहीं, 3 साल से अधिक और 4 साल 7 महीने से कम की अवधि पर सबसे ज्यादा 6.50% ब्याज दिया जा रहा है। 5 साल 1 दिन से लेकर 10 साल तक की FD पर 6.15% की दर से ब्याज मिलता है।
वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए खास दरें

60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को बैंक आम ग्राहकों के मुकाबले ज्यादा ब्याज देता है:


  • 7 से 14 दिन: 3.25% ब्याज
  • 6 महीने 1 दिन से 9 महीने: 6.00% ब्याज
  • 1 साल से 15 महीने से कम: 6.75% ब्याज
  • 18 महीने से 21 महीने से कम: 6.95% ब्याज
  • 3 साल 1 दिन से 4 साल 7 महीने से कम: 7.10% ब्याज
  • 5 साल 1 दिन से 10 साल: 6.65% ब्याज
रिटर्न का पूरा गणित समझें

FD पर मिलने वाला कुल फायदा सिर्फ ब्याज दर पर ही निर्भर नहीं करता, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपने कितना पैसा जमा किया है, कितने समय के लिए किया है और ब्याज पाने का तरीका क्या चुना है।

अगर आप क्यूम्युलेटिव (Cumulative) FD चुनते हैं, तो आपका ब्याज मूलधन में जुड़ता जाता है और उस पर भी ब्याज मिलता है (कंपाउंडिंग का फायदा)। वहीं, नॉन-क्यूम्युलेटिव (Non-Cumulative) विकल्प में आपको हर महीने या तिमाही पर ब्याज का पैसा मिलता रहता है।

FD कराने से पहले ध्यान रखने योग्य जरूरी बातें


केवल ऊंची ब्याज दर देखकर ही निर्णय न लें। FD कराने से पहले यह जरूर सोचें कि आपको इस पैसे की जरूरत कब पड़ सकती है।

  • पेनल्टी और कम ब्याज: अगर आप तय समय से पहले FD तोड़ते हैं (Premature Withdrawal), तो बैंक आपकी ब्याज दर में कटौती करता है और पेनल्टी भी लगाता है।
  • टैक्स (TDS): FD से मिलने वाले कुल ब्याज पर नियमानुसार TDS (Tax Deducted at Source) कटता है, इसलिए टैक्स की देनदारी को भी ध्यान में रखें।
FD पर मिलने वाला रिटर्न कैसे कैलकुलेट करें?

HDFC बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध आधिकारिक FD कैलकुलेटर का इस्तेमाल करके आप अपना रिटर्न आसानी से जान सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले रेगुलर या सीनियर सिटीजन कैटेगरी चुनें। फिर अपनी जमा राशि (₹5,000 से ₹2.99 करोड़ तक) और समय सीमा (Tenure) दर्ज करें। कैलकुलेटर आपको तुरंत बता देगा कि मैच्योरिटी पर आपको कुल कितना पैसा मिलेगा।

किन लोगों के लिए सही है HDFC बैंक की FD?

जो लोग बाजार के उतार-चढ़ाव से बचकर सुरक्षित और स्थिर रिटर्न चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह अतिरिक्त आय का बहुत अच्छा जरिया साबित हो सकती है। बस निवेश करने से पहले निकासी और टैक्स के नियमों को अच्छे से समझ लें।


यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए दी गई है। इसे किसी भी प्रकार की वित्तीय एडवाइज न माना जाए। किसी भी बैंक या योजना में निवेश करने से पहले उसके नियमों व शर्तों की पूरी जांच कर लें और अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।