Home Loan Calculation: क्या आपकी सैलरी 50,000 रुपये है? जानिए आपको कितने लाख तक का होम लोन मिल सकता है

आम लोगों के लिए एक बहुत ही काम की खबर सामने आई है। खासकर अगर आप अपने लिए एक आशियाना यानी खुद का घर खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए ही है। अपना खुद का घर होना हर किसी का एक बड़ा सपना होता है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल जरूर उठता है कि उनकी कमाई या सैलरी के हिसाब से उन्हें कितना होम लोन मिल सकता है। अगर आपकी महीने की सैलरी 50,000 रुपये है और आप घर खरीदने का मन बना रहे हैं, तो हम आपको बेहद आसान शब्दों में समझाने जा रहे हैं कि बैंक आपको कितने लाख रुपये तक का लोन दे सकता है और इसकी गणना कैसे की जाती है।


बैंक कैसे तय करते हैं आपके लोन की रकम?

जब भी आप होम लोन के लिए किसी बैंक के पास जाते हैं, तो बैंक सबसे पहले यह देखता है कि आप लोन चुकाने के लायक हैं या नहीं। इसके लिए बैंक एक खास नियम का इस्तेमाल करते हैं जिसे फिक्स्ड ऑब्लिगेशन टू इनकम रेशियो (FOIR) कहा जाता है। आमतौर पर बैंकों का मानना होता है कि आपकी इन-हैंड सैलरी (कटौती के बाद मिलने वाले पैसे) का अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा ही ईएमआई (EMI) के रूप में जाना चाहिए।

इस नियम के मुताबिक अगर आपकी नेट मंथली सैलरी 50,000 रुपये है, तो बैंक यह मानकर चलेगा कि आप हर महीने बड़ी आसानी से 25,000 रुपये तक की ईएमआई दे सकते हैं।


50,000 रुपये की सैलरी पर कितने लाख का लोन मिलेगा?

आपको कुल कितना लोन मिलेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप 25,000 रुपये की ईएमआई कितने सालों तक दे सकते हैं। इसके अलावा दो और जरूरी बातें लोन की रकम तय करती हैं, वो हैं ब्याज की दर और लोन की अवधि (समय)।

मान लेते हैं कि इस समय होम लोन पर औसत ब्याज दर 9 प्रतिशत सालाना है। ऐसे में अगर आप 20 साल की अवधि के लिए लोन चुनते हैं, तो 9 प्रतिशत ब्याज दर पर 25,000 रुपये की मासिक ईएमआई के हिसाब से बैंक आपको लगभग 27.79 लाख रुपये का होम लोन दे सकता है। बैंक आमतौर पर इसे राउंड फिगर में 28 लाख रुपये मान लेते हैं।

अगर आप इसी लोन को 25 साल की अवधि के लिए लेते हैं, तो लोन चुकाने का समय बढ़ने से आपकी लोन लेने की क्षमता भी बढ़ जाती है। तब 9 प्रतिशत की ब्याज दर पर 25,000 रुपये की ईएमआई के आधार पर आपको लगभग 29.79 लाख रुपये यानी करीब 30 लाख रुपये तक का होम लोन मिल सकता है।


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लोन की रकम तय करने वाले अन्य जरूरी फैक्टर्स

सिर्फ आपकी सैलरी ही यह तय नहीं करती कि आपको कितना लोन मिलेगा। बैंक लोन को मंजूरी देने से पहले कई अन्य बातों की भी बारीकी से जांच करते हैं, जिससे आपकी लोन राशि बढ़ या घट सकती है।

  1. पहले से चल रहे लोन: अगर आपका पहले से कोई कार लोन, पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड का बिल चल रहा है, तो बैंक उसकी ईएमआई को आपकी 25,000 रुपये की क्षमता में से घटा देता है। उदाहरण के लिए, अगर आप पहले से ही 5,000 रुपये की कोई ईएमआई दे रहे हैं, तो बैंक आपकी होम लोन ईएमआई चुकाने की क्षमता को सिर्फ 20,000 रुपये ही मानेगा। इससे आपके लोन की कुल रकम कम हो जाएगी।
  2. आपका क्रेडिट स्कोर: लोन की दुनिया में आपका सिबिल स्कोर (CIBIL Score) बेहद मायने रखता है। अगर आपका स्कोर 750 से ऊपर है, तो बैंक आपको आसानी से और कम ब्याज दर पर लोन दे देते हैं। इसके उलट, अगर आपका क्रेडिट स्कोर खराब है, तो बैंक लोन देने से मना भी कर सकते हैं या फिर ज्यादा ब्याज वसूलते हैं।
  3. आपकी उम्र और नौकरी: बैंक यह भी देखता है कि आपकी नौकरी कितनी सुरक्षित है और आपकी रिटायरमेंट में कितने साल बचे हैं। आमतौर पर लोन चुकाने की अवधि आपके रिटायरमेंट की उम्र से ज्यादा नहीं हो सकती। आपकी उम्र जितनी कम होगी, आपको उतने ही लंबे समय के लिए लोन मिल सकता है।
  4. डाउन पेमेंट (LTV Ratio): बैंक कभी भी प्रॉपर्टी की कुल कीमत का 100 प्रतिशत लोन नहीं देता है। आपको घर की कीमत का 10 से 20 प्रतिशत हिस्सा अपनी जेब से डाउन पेमेंट के रूप में देना होता है। इसका मतलब यह है कि अगर बैंक 30 लाख रुपये का लोन मंजूर भी कर देता है, तो वह प्रॉपर्टी की कुल वैल्यू का 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा ही होगा।

देखा जाए तो अगर आपका कोई दूसरा लोन नहीं चल रहा है और आपका क्रेडिट स्कोर बेहतरीन है, तो 50,000 रुपये की सैलरी पर आप आराम से 28 से 30 लाख रुपये तक का होम लोन पा सकते हैं। लेकिन यहाँ एक और सवाल उठता है कि क्या आपको अपनी क्षमता के अनुसार अधिकतम लोन ले लेना चाहिए? इस बारे में एक्सपर्ट्स की क्या राय है, आइए आगे समझते हैं।

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