15 साल पुराना पीएफ अकाउंट कैसे खोजें? EPFO ने बताया सबसे आसान तरीका
रिटायरमेंट के बाद की वित्तीय सुरक्षा हो या आपात स्थिति में पैसों की ज़रूरत, प्रॉविडेंट फंड यानी पीएफ (PF) हर नौकरीपेशा व्यक्ति के लिए सबसे बड़ा भरोसा होता है। वर्षों की मेहनत से जमा हुई यह राशि बुढ़ापे का सहारा बनती है। लेकिन कई बार नौकरी बदलते समय हम अपने पुराने पीएफ अकाउंट की जानकारी खो देते हैं। खासकर उनके लिए यह बड़ी समस्या रही है जिन्होंने 2014 से पहले काम किया था।
अगर आप भी अपने 10 से 15 साल पुराने पीएफ अकाउंट को लेकर परेशान हैं, तो अब चिंता छोड़ दीजिए। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पुराने खातों को खोजने का एक बेहद आसान तरीका बताया है।
साल 2014 से पहले यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) की सुविधा नहीं थी। उस समय हर नई कंपनी कर्मचारी को एक नया पीएफ नंबर देती थी। नौकरी बदलते ही पुराना खाता पीछे छूट जाता था। धीरे-धीरे लोग अपना पुराना पीएफ नंबर भूल गए और पुरानी कंपनियों से संपर्क भी टूट गया। ऐसे में बरसों पुराने खातों को ढूँढना नामुमकिन सा लगता था।
कर्मचारियों की इसी परेशानी को देखते हुए ईपीएफओ ने एक सरल प्रक्रिया साझा की है। अब अगर आपके पास पुराना पीएफ नंबर नहीं है, तब भी आप अपना खाता खोज सकते हैं। इसके लिए आपको ईपीएफओ के Unified Member Portal पर जाना होगा। यहाँ अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन या रजिस्ट्रेशन करने के बाद आप उपलब्ध सेवाओं के माध्यम से अपने पुराने रिकॉर्ड्स सर्च कर सकते हैं।
यूएएन और केवाईसी का जादू
यदि आपकी केवाईसी (KYC) पूरी है और आपका आधार, पैन और बैंक विवरण आपके यूएएन (UAN) से लिंक है, तो सिस्टम आपके पुराने पीएफ अकाउंट को ऑटोमैटिक तरीके से खोज लेता है। चाहे खाता 2010 का हो या उससे भी पुराना, सही जानकारी दर्ज करते ही आपका रिकॉर्ड सामने आ जाएगा। इसके बाद आप अपनी पासबुक देख सकते हैं और पुराने फंड को नए खाते में ट्रांसफर करने या उसे निकालने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
इसे समझने के लिए राहुल का उदाहरण लेते हैं। राहुल ने 2011 में एक प्राइवेट कंपनी छोड़ी थी। नई नौकरी में नया पीएफ खाता खुला और वह पुराने खाते की जानकारी भूल गया। सालों बाद जब उसे शादी के लिए पैसों की ज़रूरत पड़ी, तो उसने UMANG App के जरिए 'Forgot UAN' विकल्प चुना। अपने नाम, जन्मतिथि और आधार नंबर की मदद से उसने नया यूएएन प्राप्त किया। फिर पुराने खाते को नए से लिंक किया और कुछ ही दिनों में ब्याज सहित पूरी राशि उसके हाथ में थी।
ईपीएफओ 3.0: अब एटीएम और यूपीआई से निकालें पैसे
डिजिटल इंडिया के इस दौर में पीएफ से पैसा निकालना अब और भी आसान हो गया है। EPFO 3.0 के तहत साल 2026 से पीएफ निकासी की सुविधा ATM और UPI के माध्यम से भी मिलने लगी है। इसका मतलब है कि अब कर्मचारियों को पीएफ दफ्तरों के चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल है और बहुत कम समय में पूरी हो जाती है।
कर्मचारियों के लिए खास सलाह
ईपीएफओ की सलाह है कि जिन लोगों ने 2014 से पहले काम किया है, उन्हें अपने सभी पुराने खातों को वर्तमान यूएएन से लिंक कर लेना चाहिए। इससे न केवल आपका पुराना पैसा सुरक्षित रहेगा, बल्कि भविष्य में फंड ट्रांसफर और निकासी की प्रक्रिया भी बिना किसी रुकावट के पूरी हो सकेगी।
अगर आप भी अपने 10 से 15 साल पुराने पीएफ अकाउंट को लेकर परेशान हैं, तो अब चिंता छोड़ दीजिए। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पुराने खातों को खोजने का एक बेहद आसान तरीका बताया है।
2014 से पहले क्यों आती थी समस्या?
साल 2014 से पहले यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) की सुविधा नहीं थी। उस समय हर नई कंपनी कर्मचारी को एक नया पीएफ नंबर देती थी। नौकरी बदलते ही पुराना खाता पीछे छूट जाता था। धीरे-धीरे लोग अपना पुराना पीएफ नंबर भूल गए और पुरानी कंपनियों से संपर्क भी टूट गया। ऐसे में बरसों पुराने खातों को ढूँढना नामुमकिन सा लगता था।
ईपीएफओ ने निकाला समाधान
कर्मचारियों की इसी परेशानी को देखते हुए ईपीएफओ ने एक सरल प्रक्रिया साझा की है। अब अगर आपके पास पुराना पीएफ नंबर नहीं है, तब भी आप अपना खाता खोज सकते हैं। इसके लिए आपको ईपीएफओ के Unified Member Portal पर जाना होगा। यहाँ अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन या रजिस्ट्रेशन करने के बाद आप उपलब्ध सेवाओं के माध्यम से अपने पुराने रिकॉर्ड्स सर्च कर सकते हैं।
यूएएन और केवाईसी का जादू
यदि आपकी केवाईसी (KYC) पूरी है और आपका आधार, पैन और बैंक विवरण आपके यूएएन (UAN) से लिंक है, तो सिस्टम आपके पुराने पीएफ अकाउंट को ऑटोमैटिक तरीके से खोज लेता है। चाहे खाता 2010 का हो या उससे भी पुराना, सही जानकारी दर्ज करते ही आपका रिकॉर्ड सामने आ जाएगा। इसके बाद आप अपनी पासबुक देख सकते हैं और पुराने फंड को नए खाते में ट्रांसफर करने या उसे निकालने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। राहुल की कहानी
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इसे समझने के लिए राहुल का उदाहरण लेते हैं। राहुल ने 2011 में एक प्राइवेट कंपनी छोड़ी थी। नई नौकरी में नया पीएफ खाता खुला और वह पुराने खाते की जानकारी भूल गया। सालों बाद जब उसे शादी के लिए पैसों की ज़रूरत पड़ी, तो उसने UMANG App के जरिए 'Forgot UAN' विकल्प चुना। अपने नाम, जन्मतिथि और आधार नंबर की मदद से उसने नया यूएएन प्राप्त किया। फिर पुराने खाते को नए से लिंक किया और कुछ ही दिनों में ब्याज सहित पूरी राशि उसके हाथ में थी।









