क्या है पोस्ट ऑफिस की NSC स्कीम? ₹1.16 लाख का मुनाफा पाने का आसान तरीका
सुरक्षित निवेश और गारंटीड रिटर्न की तलाश कर रहे लोगों के लिए पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाएं हमेशा से पहली पसंद रही हैं। अगर आप भी अपने मेहनत की कमाई को ऐसी जगह लगाना चाहते हैं जहां जोखिम शून्य हो और मुनाफा तगड़ा, तो पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) स्कीम आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है।
केंद्र सरकार द्वारा समर्थित इस योजना में न केवल आपका पैसा सुरक्षित रहता है बल्कि आपको बाजार के उतार चढ़ाव से दूर एक फिक्स्ड इनकम भी मिलती है।
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) में निवेश करने का सबसे बड़ा फायदा इसकी सुरक्षा है। चूंकि यह भारत सरकार की योजना है, इसलिए आपके मूलधन और ब्याज पर पूरी संप्रभु गारंटी (Sovereign Guarantee) मिलती है। शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड की तरह इसमें पैसा डूबने का कोई डर नहीं होता।
इसके अलावा यह योजना टैक्स बचाने वालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत इस योजना में किए गए 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर आप टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं। इससे आपकी सालाना टैक्स देनदारी काफी कम हो जाती है।
ब्याज दर और मिलने वाले लाभ
वर्तमान में नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट पर 7.7 प्रतिशत की सालाना ब्याज दर मिल रही है। हालांकि ब्याज की गणना सालाना आधार पर की जाती है, लेकिन इसका भुगतान पांच साल की मैच्योरिटी अवधि पूरी होने के बाद ही होता है। इस स्कीम की एक खास बात यह है कि निवेश के समय जो ब्याज दर तय हो जाती है, वह पूरे पांच साल तक बनी रहती है।
NSC में मिलने वाला सालाना ब्याज 'री-इन्वेस्टेड' माना जाता है। इसका मतलब है कि आखिरी साल को छोड़कर हर साल मिलने वाला ब्याज भी धारा 80C के तहत टैक्स छूट के दायरे में आता है। हालांकि मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम टैक्स के दायरे में आती है।
अगर कोई निवेशक नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट में एकमुश्त 2,50,000 रुपये जमा करता है, तो उसे कंपाउंडिंग ब्याज का जबरदस्त फायदा मिलता है। 7.7 प्रतिशत की वर्तमान ब्याज दर के हिसाब से पांच साल बाद इस निवेश पर लगभग 1,16,062 रुपये का शुद्ध ब्याज मिलेगा।
इस तरह मैच्योरिटी के समय निवेशक को कुल 3,66,062 रुपये की राशि प्राप्त होगी। यह रिटर्न पूरी तरह से तय होता है और इसमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं होता, जिससे आप अपने भविष्य की प्लानिंग आसानी से कर सकते हैं।
कौन कर सकता है निवेश?
NSC स्कीम में निवेश करने के नियम काफी सरल हैं:
पोस्ट ऑफिस की यह स्कीम उन लोगों के लिए सबसे अच्छी है जो मध्यम अवधि के लिए पैसा जमा करना चाहते हैं और साथ ही टैक्स भी बचाना चाहते हैं।
केंद्र सरकार द्वारा समर्थित इस योजना में न केवल आपका पैसा सुरक्षित रहता है बल्कि आपको बाजार के उतार चढ़ाव से दूर एक फिक्स्ड इनकम भी मिलती है।
NSC स्कीम: निवेश की सुरक्षा और टैक्स में भारी बचत
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) में निवेश करने का सबसे बड़ा फायदा इसकी सुरक्षा है। चूंकि यह भारत सरकार की योजना है, इसलिए आपके मूलधन और ब्याज पर पूरी संप्रभु गारंटी (Sovereign Guarantee) मिलती है। शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड की तरह इसमें पैसा डूबने का कोई डर नहीं होता।
इसके अलावा यह योजना टैक्स बचाने वालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत इस योजना में किए गए 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर आप टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं। इससे आपकी सालाना टैक्स देनदारी काफी कम हो जाती है।
ब्याज दर और मिलने वाले लाभ
वर्तमान में नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट पर 7.7 प्रतिशत की सालाना ब्याज दर मिल रही है। हालांकि ब्याज की गणना सालाना आधार पर की जाती है, लेकिन इसका भुगतान पांच साल की मैच्योरिटी अवधि पूरी होने के बाद ही होता है। इस स्कीम की एक खास बात यह है कि निवेश के समय जो ब्याज दर तय हो जाती है, वह पूरे पांच साल तक बनी रहती है। NSC में मिलने वाला सालाना ब्याज 'री-इन्वेस्टेड' माना जाता है। इसका मतलब है कि आखिरी साल को छोड़कर हर साल मिलने वाला ब्याज भी धारा 80C के तहत टैक्स छूट के दायरे में आता है। हालांकि मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम टैक्स के दायरे में आती है।
₹2.5 लाख के निवेश पर कितना होगा मुनाफा?
अगर कोई निवेशक नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट में एकमुश्त 2,50,000 रुपये जमा करता है, तो उसे कंपाउंडिंग ब्याज का जबरदस्त फायदा मिलता है। 7.7 प्रतिशत की वर्तमान ब्याज दर के हिसाब से पांच साल बाद इस निवेश पर लगभग 1,16,062 रुपये का शुद्ध ब्याज मिलेगा।
इस तरह मैच्योरिटी के समय निवेशक को कुल 3,66,062 रुपये की राशि प्राप्त होगी। यह रिटर्न पूरी तरह से तय होता है और इसमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं होता, जिससे आप अपने भविष्य की प्लानिंग आसानी से कर सकते हैं।
कौन कर सकता है निवेश?
NSC स्कीम में निवेश करने के नियम काफी सरल हैं: - भारत का कोई भी नागरिक इसमें अपना खाता खुलवा सकता है।
- वयस्क व्यक्ति अपने नाम पर या किसी नाबालिग की ओर से निवेश कर सकते हैं।
- 10 साल से अधिक उम्र के बच्चे खुद भी अपने नाम पर सर्टिफिकेट खरीद सकते हैं।
- यह योजना अनिवासी भारतीयों (NRIs), ट्रस्ट और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) के लिए उपलब्ध नहीं है। हालांकि HUF का कर्ता अपने व्यक्तिगत नाम से इसे खरीद सकता है।
पोस्ट ऑफिस की यह स्कीम उन लोगों के लिए सबसे अच्छी है जो मध्यम अवधि के लिए पैसा जमा करना चाहते हैं और साथ ही टैक्स भी बचाना चाहते हैं।
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