हर महीने 1 लाख कमाते हैं? जानें कैसे करें सही बचत और निवेश की शुरुआत
हर महीने 1 लाख रुपये की सैलरी सुनना सुनने में बहुत अच्छी लगती है, लेकिन असलियत में इस कमाई के साथ बचत करना उतना आसान नहीं होता जितना दिखता है। घर का किराया, ईएमआई और रोजमर्रा के खर्च अक्सर पूरी सैलरी को डकार जाते हैं। महीने के अंत में बचत के नाम पर बहुत कम बचता है।
हकीकत यह है कि समस्या आपकी सैलरी नहीं बल्कि एक सही स्ट्रक्चर की कमी है। बिना किसी स्पष्ट योजना के निवेश या तो पीछे छूट जाता है या फिर हम बिना सोचे-समझे ज्यादा रिटर्न के पीछे भागने लगते हैं। अगर आपकी सैलरी 1 लाख रुपये है, तो यहाँ निवेश और बचत का एक व्यावहारिक तरीका दिया गया है।
बजट बनाने का सबसे सरल और प्रसिद्ध तरीका 50-30-20 का नियम है। अपनी 1 लाख रुपये की आय को इस तरह बांटें:
अगर आप अभी 15,000 रुपये बचा रहे हैं, तो कोशिश करें कि धीरे-धीरे अपने खर्चों में कटौती कर इसे 20,000 रुपये के बेंचमार्क तक ले जाएं।
निवेश की रेस शुरू करने से पहले आपके पास एक सेफ्टी नेट होना चाहिए। इसके लिए तीन चीजें सबसे जरूरी हैं:
कहां करें निवेश? शुरुआत के लिए म्यूचुअल फंड
शुरुआती निवेशकों के लिए सीधे शेयर बाजार में उतरना जोखिम भरा हो सकता है। म्यूचुअल फंड एक बेहतर विकल्प है। पिछले 5 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अलग-अलग कैटेगरी ने अलग रिटर्न दिया है। स्मॉलकैप फंड्स ने जहां 21 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया, वहीं लार्जकैप फंड्स करीब 13.70 प्रतिशत के आसपास रहे।
लेकिन याद रखें, ज्यादा रिटर्न के साथ जोखिम भी ज्यादा होता है। नए निवेशकों के लिए ये विकल्प बेहतर हो सकते हैं:
निवेश को जितना हो सके उतना सरल रखें। बहुत सारे फंड्स में पैसा लगाने के बजाय कुछ अच्छे फंड्स चुनें और जल्दी शुरुआत करें। कंपाउंडिंग का जादू तभी काम करता है जब आप लंबे समय तक निवेशित रहते हैं।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना और जागरूकता के लिए है। न्यूज़पॉइंट किसी भी निवेश सलाह या वित्तीय लाभ-हानि के लिए जिम्मेदार नहीं है। निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। कोई भी निवेश करने से पहले कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
हकीकत यह है कि समस्या आपकी सैलरी नहीं बल्कि एक सही स्ट्रक्चर की कमी है। बिना किसी स्पष्ट योजना के निवेश या तो पीछे छूट जाता है या फिर हम बिना सोचे-समझे ज्यादा रिटर्न के पीछे भागने लगते हैं। अगर आपकी सैलरी 1 लाख रुपये है, तो यहाँ निवेश और बचत का एक व्यावहारिक तरीका दिया गया है।
बचत का सही फॉर्मूला: 50-30-20 नियम
बजट बनाने का सबसे सरल और प्रसिद्ध तरीका 50-30-20 का नियम है। अपनी 1 लाख रुपये की आय को इस तरह बांटें:
- 50 प्रतिशत जरूरतें: किराया, राशन और बिजली बिल जैसे जरूरी खर्चों के लिए 50,000 रुपये।
- 30 प्रतिशत इच्छाएं: बाहर खाना, शॉपिंग और घूमने-फिरने के लिए 30,000 रुपये।
- 20 प्रतिशत बचत: निवेश और बचत के लिए कम से कम 20,000 रुपये।
अगर आप अभी 15,000 रुपये बचा रहे हैं, तो कोशिश करें कि धीरे-धीरे अपने खर्चों में कटौती कर इसे 20,000 रुपये के बेंचमार्क तक ले जाएं।
निवेश से पहले सुरक्षा कवच तैयार करें
निवेश की रेस शुरू करने से पहले आपके पास एक सेफ्टी नेट होना चाहिए। इसके लिए तीन चीजें सबसे जरूरी हैं:
- हेल्थ इंश्योरेंस: एक 25 साल के व्यक्ति के लिए 10 लाख रुपये का कवर लगभग 800 से 1,000 रुपये महीने में मिल जाता है। यह आपको अचानक आने वाले बड़े मेडिकल खर्चों से बचाता है।
- इमरजेंसी फंड: आपके पास कम से कम 3 से 6 महीने के खर्च के बराबर राशि अलग होनी चाहिए। अगर आपका जरूरी खर्च 50,000 रुपये है, तो करीब 1.5 लाख रुपये का फंड धीरे-धीरे तैयार करें।
- लाइफ इंश्योरेंस: अगर आपके ऊपर कोई निर्भर है, तो अपनी सालाना आय का 15 गुना लाइफ कवर लें। अगर कोई निर्भर नहीं है, तो इसे फिलहाल छोड़ा जा सकता है।
कहां करें निवेश? शुरुआत के लिए म्यूचुअल फंड
शुरुआती निवेशकों के लिए सीधे शेयर बाजार में उतरना जोखिम भरा हो सकता है। म्यूचुअल फंड एक बेहतर विकल्प है। पिछले 5 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अलग-अलग कैटेगरी ने अलग रिटर्न दिया है। स्मॉलकैप फंड्स ने जहां 21 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया, वहीं लार्जकैप फंड्स करीब 13.70 प्रतिशत के आसपास रहे।
लेकिन याद रखें, ज्यादा रिटर्न के साथ जोखिम भी ज्यादा होता है। नए निवेशकों के लिए ये विकल्प बेहतर हो सकते हैं:
- लार्जकैप इंडेक्स फंड: यह देश की टॉप 100 कंपनियों में निवेश करते हैं। यह कम जोखिम वाले और स्थिर विकल्प हैं।
- फ्लेक्सीकैप फंड: यह फंड मैनेजर को बड़ी, मध्यम और छोटी कंपनियों में निवेश की छूट देते हैं, जिससे रिस्क और रिटर्न का संतुलन बना रहता है।
- डायनेमिक एसेट एलोकेशन फंड: यह बाजार के उतार-चढ़ाव के हिसाब से इक्विटी और डेट के बीच स्विच करते हैं, जो नए लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है।
निवेश को जितना हो सके उतना सरल रखें। बहुत सारे फंड्स में पैसा लगाने के बजाय कुछ अच्छे फंड्स चुनें और जल्दी शुरुआत करें। कंपाउंडिंग का जादू तभी काम करता है जब आप लंबे समय तक निवेशित रहते हैं।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना और जागरूकता के लिए है। न्यूज़पॉइंट किसी भी निवेश सलाह या वित्तीय लाभ-हानि के लिए जिम्मेदार नहीं है। निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। कोई भी निवेश करने से पहले कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
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