HRA and Home Loan Tax Benefit: क्या एचआरए और होम लोन पर एक साथ मिल सकती है टैक्स छूट? जानिए क्या कहता है नियम

अक्सर ऐसे नौकरीपेशा लोग जो नया घर खरीदने के बाद भी किराए के मकान में रह रहे हैं या फिर काम के सिलसिले में किसी दूसरे शहर में किराए पर रहते हैं, उनके मन में एक सवाल जरूर आता है: "क्या हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और होम लोन दोनों पर एक साथ टैक्स छूट का दावा किया जा सकता है?"
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एक टैक्सपेयर ने एक्सपर्ट्स से ऐसा ही सवाल पूछा, "मैंने एक निर्माणाधीन (अंडर-कंस्ट्रक्शन) फ्लैट के लिए होम लोन लिया था, जिसका पजेशन मुझे अगस्त 2025 में मिला। मैंने तुरंत उस फ्लैट को किराए पर दे दिया और खुद एक दूसरे किराए के मकान में रह रहा हूं। क्या मैं वित्त वर्ष 2025-26 का आईटीआर फाइल करते समय पूरे साल के लिए एचआरए और होम लोन दोनों पर टैक्स छूट का दावा कर सकता हूं?"

आइए टैक्स एक्सपर्ट्स से समझते हैं कि इनकम टैक्स कानून इस बारे में क्या कहता है और इसके पूरे नियम क्या हैं।


क्या एचआरए और होम लोन दोनों पर एक साथ छूट मिल सकती है?


जी हां, बिल्कुल! इनकम टैक्स एक्ट 1961 के मुताबिक, अगर आप दोनों दावों के लिए जरूरी शर्तों को पूरा करते हैं, तो एचआरए और होम लोन दोनों पर एक साथ टैक्स बेनिफिट लेने पर कोई कानूनी रोक नहीं है:

एचआरए (HRA) की शर्तें: आपको अपने एम्प्लॉयर से धारा 10(13A) के तहत एचआरए मिल रहा हो, आप जिस घर में रह रहे हैं उसका वास्तविक किराया दे रहे हों और वह संपत्ति आपके अपने नाम पर रजिस्टर्ड न हो।


होम लोन की शर्त: जिस वित्तीय वर्ष में आपको प्रॉपर्टी का पजेशन (कब्जा) मिलता है, उस पूरे साल के लिए आप होम लोन पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं।

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पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) में मिलेगा अधिकतम फायदा


यहाँ यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि एचआरए और होम लोन के मूलधन (Principal) पर मिलने वाली टैक्स छूट पूरी तरह से आपके द्वारा चुनी गई टैक्स व्यवस्था पर निर्भर करती है। धारा 10(13A) के तहत एचआरए छूट और धारा 80C के तहत होम लोन के मूलधन भुगतान पर 1.50 लाख रुपये तक की छूट केवल पुरानी टैक्स व्यवस्था में ही उपलब्ध है। अगर आप नई टैक्स व्यवस्था चुनते हैं, तो आपको ये दोनों छूट नहीं मिलेंगी।

होम लोन के ब्याज पर टैक्स छूट के नियम


होम लोन के ब्याज (Interest) पर मिलने वाली टैक्स डिडक्शन की गणना इस बात पर निर्भर करती है कि आपको उस प्रॉपर्टी से कितना किराया मिल रहा है और आपने कौन सी टैक्स व्यवस्था चुनी है। धारा 24(b) के तहत नियम इस प्रकार हैं:


पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime): आप पूरे साल में चुकाए गए ब्याज की पूरी रकम का दावा कर सकते हैं। इसके अलावा, हाउस प्रॉपर्टी कैटेगरी के तहत 2 लाख रुपये तक के नुकसान (Loss) को अपनी अन्य आय के साथ एडजस्ट कर सकते हैं। अगर नुकसान 2 लाख रुपये से ज्यादा है, तो उसे अगले आठ सालों के लिए आगे (Carry Forward) बढ़ाया जा सकता है।

नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime): नई टैक्स व्यवस्था में होम लोन ब्याज पर मिलने वाली छूट केवल आपको मिलने वाले कर योग्य किराए तक ही सीमित है। इसमें हाउस प्रॉपर्टी से हुए नुकसान को अन्य आय से एडजस्ट करने या आगे ले जाने की अनुमति नहीं है।

पजेशन से पहले के ब्याज (Pre-construction Interest) का अतिरिक्त लाभ


एक्सपर्ट्स बताते हैं कि जिस साल पजेशन मिलता है, उस साल टैक्सपेयर्स को एक और बड़ा फायदा मिलता है। आप पजेशन मिलने वाले पूरे साल के होम लोन ब्याज के साथ-साथ, पजेशन मिलने से पहले की अवधि में चुकाए गए कुल ब्याज का 1/5वां (पांचवां) हिस्सा हर साल क्लेम कर सकते हैं।

अगर आपकी अपनी संपत्ति किराए पर उठी हुई है और आप खुद किसी दूसरे किराए के मकान में रह रहे हैं, तो आप नियमों का पालन करते हुए एक ही साल में एचआरए और होम लोन (ब्याज + मूलधन) दोनों पर डबल टैक्स छूट का फायदा उठा सकते हैं। अपने वित्तीय फायदों को अधिकतम करने के लिए सोच-समझकर सही टैक्स व्यवस्था का चुनाव करें।