EPFO Higher Pension: 15.24 लाख आवेदन पहुंचे, 1.49 लाख PPO जारी; PF निकासी के नए नियम भी जानें

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EPFO Higher Pension Update 2026: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए हायर पेंशन को लेकर महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं। केंद्र सरकार ने संसद में बताया है कि अधिक वेतन के आधार पर ज्यादा पेंशन पाने के विकल्प के तहत EPFO को अब तक 15.24 लाख से ज्यादा आवेदन मिले हैं। इनमें बड़ी संख्या में मामलों की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 5 अगस्त 2026 तक हायर पेंशन से जुड़े केवल 11,595 क्लेम लंबित थे। वहीं पात्र रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए 1.49 लाख से अधिक Pension Payment Orders (PPO) जारी किए जा चुके हैं।

इसके साथ ही EPF और EPS से पैसा निकालने की व्यवस्था में भी कई बदलाव बताए गए हैं। इनमें अंतिम सेटलमेंट के लिए वेटिंग पीरियड से लेकर आंशिक निकासी की प्रक्रिया तक शामिल है।

हायर पेंशन के लिए आए 15.24 लाख से ज्यादा आवेदन

लोकसभा में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लिखित जवाब में हायर पेंशन से संबंधित आंकड़े साझा किए।

सरकार के मुताबिक, अधिक वेतन के आधार पर पेंशन का विकल्प चुनने के लिए 15.24 लाख से अधिक आवेदन

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प्राप्त हुए हैं।

इनमें से 5 अगस्त 2026 तक सिर्फ 11,595 मामले पेंडिंग थे। इससे संकेत मिलता है कि प्राप्त आवेदनों के बड़े हिस्से पर प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है।

हायर पेंशन से जुड़ी प्रक्रिया नवंबर 2022 में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद महत्वपूर्ण हो गई थी। इसके बाद पात्र कर्मचारियों और पेंशनर्स को निर्धारित नियमों के तहत विकल्प देने का अवसर मिला।

1,49,806 Pension Payment Orders जारी

हायर पेंशन के लिए आवेदन करने वाले रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए PPO जारी करने की प्रक्रिया भी जारी है।

संसद में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1,49,806 Pension Payment Orders

जारी किए जा चुके हैं।

PPO पेंशनर्स के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। इसमें पेंशन से संबंधित जरूरी जानकारी दर्ज रहती है और इसी के आधार पर पेंशन भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

इसलिए जिन पेंशनर्स ने हायर पेंशन का विकल्प चुना था, उनके लिए PPO जारी होना प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है।

EPFO की Higher Pension क्या है?

सामान्य व्यवस्था में Employees' Pension Scheme यानी EPS के तहत पेंशन योगदान निर्धारित वेतन सीमा के आधार पर किया जाता रहा है।

हायर पेंशन विकल्प के तहत पात्र कर्मचारी निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर अपने वास्तविक वेतन के आधार पर अधिक पेंशन योग्य योगदान का विकल्प चुन सकते हैं।

इसका उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली मासिक पेंशन को बढ़ाना है।

हालांकि अधिक पेंशन का मतलब यह भी है कि संबंधित अवधि के लिए अधिक राशि EPS में जानी होगी। इसलिए कर्मचारी के EPF कॉर्पस और पेंशन के बीच राशि का समायोजन हो सकता है।

हायर पेंशन को केवल रिटायरमेंट के बाद ज्यादा मासिक रकम मिलने के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। इसका असर कर्मचारी के कुल रिटायरमेंट कॉर्पस पर भी पड़ सकता है।

EPS में 85.85 लाख पेंशनर्स

सरकार ने कर्मचारी पेंशन व्यवस्था के दायरे से जुड़े आंकड़े भी साझा किए हैं।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 31 मार्च 2026 तक EPS के अंतर्गत करीब 85.85 लाख पेंशनर्स

रजिस्टर्ड थे।

इसमें अलग-अलग श्रेणियों में पेंशन प्राप्त करने वाले लाभार्थी शामिल हैं।

इसी अवधि तक योजना के तहत पेंशन भुगतान के रूप में कुल ₹15,819.28 करोड़ वितरित किए जाने की जानकारी दी गई है।

ये आंकड़े दिखाते हैं कि EPS देश की प्रमुख संगठित क्षेत्र की रिटायरमेंट योजनाओं में से एक है।

EPS में सरकार और नियोक्ता का कितना योगदान?

कर्मचारी पेंशन व्यवस्था में नियोक्ता और केंद्र सरकार दोनों की भूमिका होती है।

नियोक्ता के योगदान में से निर्धारित हिस्सा EPS में जाता है। सामान्य व्यवस्था के तहत नियोक्ता की ओर से वेतन का 8.33 प्रतिशत

हिस्सा निर्धारित नियमों और वेज सीलिंग के अधीन पेंशन फंड में जाता है।

इसके अलावा केंद्र सरकार की ओर से लागू वेतन सीमा के आधार पर 1.16 प्रतिशत योगदान की व्यवस्था भी बताई गई है।

पेंशन फंड की वित्तीय स्थिति का समय-समय पर मूल्यांकन किया जाता है।

न्यूनतम EPS पेंशन कितनी है?

EPS के तहत पात्र पेंशनर्स के लिए न्यूनतम पेंशन से जुड़ी व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है।

सरकार बजटीय सहायता के जरिए पात्र लाभार्थियों के लिए ₹1,000 प्रति माह की न्यूनतम पेंशन

सुनिश्चित करने में सहायता देती है।

लंबे समय से न्यूनतम EPS पेंशन में बढ़ोतरी की मांग भी उठती रही है। हालांकि किसी भी संशोधन को तभी अंतिम माना जाना चाहिए जब सरकार की ओर से आधिकारिक अधिसूचना या आदेश जारी किया जाए।

EPF से पैसा निकालने के नियमों में क्या बदलाव?

रिटायरमेंट सेविंग को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के उद्देश्य से EPFO निकासी व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं।

दिए गए नियमों के मुताबिक, नौकरी छूटने या दूसरी परिस्थितियों में पूरा PF निकालने के लिए अलग-अलग वेटिंग पीरियड लागू किए गए हैं।

EPF Final Settlement के लिए 12 महीने

समय से पहले पूरा EPF सेटलमेंट करने के लिए 12 महीने का वेटिंग पीरियड

बताया गया है।

इसका उद्देश्य कर्मचारी की रिटायरमेंट सेविंग को नौकरी बदलने या थोड़े समय की बेरोजगारी के दौरान पूरी तरह समाप्त होने से बचाना है।

EPS Withdrawal Benefit के लिए 36 महीने

पेंशन से संबंधित EPS Withdrawal Benefit के लिए वेटिंग पीरियड 36 महीने बताया गया है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य पेंशन कॉर्पस को लंबे समय तक बनाए रखना और कर्मचारियों को रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त बचत रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।

आंशिक PF निकासी की प्रक्रिया हुई सरल

EPFO ने जरूरत के समय एडवांस या आंशिक निकासी की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए अलग-अलग जरूरतों को तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा है।

इनमें अनिवार्य आवश्यकताएं, आवास संबंधी जरूरतें और विशेष परिस्थितियां

शामिल हैं।

इस व्यवस्था के तहत बीमारी, मेडिकल इमरजेंसी, शिक्षा, आवास और अन्य निर्धारित परिस्थितियों में कर्मचारी अपने PF खाते से एडवांस ले सकते हैं।

75% तक PF एडवांस निकालने का प्रावधान

दिए गए नियमों के अनुसार, निर्धारित परिस्थितियों में सदस्य अपने उपलब्ध EPF बैलेंस का 75 प्रतिशत तक एडवांस निकाल सकते हैं।

इसमें बेरोजगारी, गंभीर वित्तीय जरूरत, इलाज, बच्चों की शिक्षा और मकान से संबंधित आवश्यकताओं जैसी परिस्थितियां शामिल हो सकती हैं।

हालांकि हर प्रकार की निकासी पर पात्रता, सर्विस अवधि और अन्य शर्तें अलग हो सकती हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित श्रेणी के नियम जांचना जरूरी है।

विशेष परिस्थितियों में निकासी का विकल्प

निकासी व्यवस्था में विशेष परिस्थितियों के लिए भी प्रावधान बताया गया है।

ऐसे मामलों में पात्र सदस्यों को निर्धारित सीमा के भीतर एडवांस लेने की सुविधा मिल सकती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुछ विशेष परिस्थितियों में साल में दो बार तक निकासी का विकल्प दिया गया है।

हालांकि सदस्य को अपने मामले में लागू सीमा और पात्रता की पुष्टि EPFO के आधिकारिक नियमों से करनी चाहिए।

Higher Pension चुनने वालों को क्या समझना चाहिए?

हायर पेंशन का विकल्प रिटायरमेंट के बाद नियमित मासिक आय बढ़ाने में मदद कर सकता है, लेकिन इसके साथ एक महत्वपूर्ण वित्तीय पहलू जुड़ा है।

अधिक पेंशन के लिए EPS में अधिक योगदान की जरूरत पड़ सकती है। इसका अर्थ है कि कर्मचारी के EPF हिस्से में उपलब्ध राशि पर भी असर पड़ सकता है।

इसलिए हायर पेंशन का फायदा केवल संभावित मासिक पेंशन देखकर नहीं आंका जाना चाहिए। कर्मचारी को यह भी समझना चाहिए कि उसके PF कॉर्पस से कितनी राशि समायोजित होगी और रिटायरमेंट के समय एकमुश्त उपलब्ध रकम पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।

EPFO सदस्यों के लिए क्यों अहम है यह अपडेट?

हायर पेंशन के 15.24 लाख से अधिक आवेदन और 1,49,806 PPO जारी होना उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट है जिन्होंने अधिक वेतन के आधार पर पेंशन का विकल्प चुना है।

वहीं सामान्य EPFO सदस्यों के लिए निकासी नियमों में बदलाव का सीधा संबंध उनकी रिटायरमेंट सेविंग से है।

नई व्यवस्था का फोकस जरूरत के समय आंशिक निकासी की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ पूरे PF और पेंशन कॉर्पस को जल्दी समाप्त होने से बचाने पर दिखाई देता है।

ऐसे में PF से पैसा निकालने या हायर पेंशन से जुड़ा कोई निर्णय लेने से पहले सदस्य को अपने UAN खाते, सर्विस रिकॉर्ड, पात्रता और EPFO के मौजूदा आधिकारिक नियमों की जांच करनी चाहिए।

डिस्क्लेमर:

यह लेख उपलब्ध सरकारी और संसदीय जानकारी के आधार पर सामान्य सूचना के उद्देश्य से तैयार किया गया है। EPF, EPS और हायर पेंशन से जुड़े नियम सदस्य की पात्रता और परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकते हैं। किसी भी क्लेम या निकासी से पहले EPFO के आधिकारिक नियमों और संबंधित कार्यालय से जानकारी की पुष्टि करें।