LIC जीवन लाभ बनाम बैंक FD और RD, जानिए सिर्फ 10-16 साल प्रीमियम देकर 25 साल तक कवर और मैच्योरिटी का गणित
अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित जगह निवेश करने और भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने के लिए लोग अक्सर पारंपरिक बचत साधनों जैसे बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), रिकरिंग डिपॉजिट (RD) या लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों का सहारा लेते हैं। LIC Jeevan Labh Plan 936 vs Bank FD RD Returns 2026 के तुलनात्मक विश्लेषण से पता चलता है कि भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की 'जीवन लाभ' (प्लान 936) नीति निवेशकों को एक अनोखी सुविधा देती है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आपको पूरी पॉलिसी अवधि तक प्रीमियम नहीं भरना पड़ता, बल्कि प्रीमियम भुगतान की अवधि पॉलिसी टर्म से काफी कम होती है।
एलआईसी जीवन लाभ (Plan 936) के तीन अलग-अलग कॉम्बिनेशन
LIC Jeevan Labh Policy Benefits Maturity Calculation 2026 के अंतर्गत यह योजना एक नॉन-लिंक्ड, विथ-प्रॉफिट, एंडोमेंट योजना है। इसमें निवेशकों को अपनी सुविधा अनुसार तीन अलग-अलग पॉलिसी टर्म और प्रीमियम भुगतान अवधि (PPT) चुनने का विकल्प मिलता है:
LIC Jeevan Labh Plan 936 Premium Payment Term Options की तुलना जब हम बैंक एफडी या आरडी से करते हैं, तो बुनियादी अंतर सुरक्षा और बोनस का आता है। बैंक एफडी में आपको एकमुश्त रकम जमा करनी होती है और आरडी में हर महीने तय राशि देनी पड़ती है। एफडी और आरडी में जमा राशि पर केवल निश्चित ब्याज मिलता है और इनमें कोई लाइफ इंश्योरेंस कवर शामिल नहीं होता। इसके विपरीत, एलआईसी जीवन लाभ में निवेशक को बचत के साथ-साथ पूरी पॉलिसी अवधि के दौरान उच्च बीमा सुरक्षा (Sum Assured), सिंपल रिवर्सनरी बोनस और अंतिम अतिरिक्त बोनस (Final Additional Bonus) का लाभ भी प्रदान किया जाता है।
डेथ बेनिफिट और मैच्योरिटी पर मिलने वाले लाभ
LIC Jeevan Labh vs FD RD Investment Comparison Rules के अनुसार यदि पॉलिसी अवधि के दौरान बीमित व्यक्ति की असमय मृत्यु हो जाती है, तो नॉमिनी को बीमित राशि (Sum Assured) के साथ-साथ मृत्यु की तारीख तक अर्जित हुआ पूरा बोनस दिया जाता है। एफडी या आरडी के मामले में केवल जमा राशि और उस पर बना ब्याज ही वापस मिलता है, जबकि एलआईसी में प्रीमियम भुगतान बंद होने के बाद भी पॉलिसी टर्म खत्म होने तक लाइफ कवर एक्टिव रहता है। वहीं पॉलिसीधारक के जीवित रहने पर 25 साल की अवधि पूरी होने पर बेसिक सम एश्योर्ड के साथ पूरा जमा बोनस मिलाकर एक बड़ा कॉर्पस मैच्योरिटी के रूप में मिलता है।
टैक्स छूट और लोन की सुविधा
How to Invest LIC Jeevan Labh Policy Plan 936 Calculator के नियमों के तहत इस योजना में जमा किए गए प्रीमियम पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट का लाभ मिलता है। इसके अलावा मैच्योरिटी या डेथ बेनिफिट पर मिलने वाली राशि धारा 10(10D) के तहत पूरी तरह से टैक्स फ्री होती है, जबकि बैंक एफडी के ब्याज पर एक सीमा के बाद टीडीएस (TDS) कटता है। लगातार 2 वर्षों तक प्रीमियम का भुगतान करने के बाद जीवन लाभ पॉलिसी पर लोन लेने की सुविधा भी उपलब्ध हो जाती है, जो इसे आपातकालीन जरूरतों के लिए भी एक उपयोगी वित्तीय साधन बनाती है।
एलआईसी जीवन लाभ (Plan 936) के तीन अलग-अलग कॉम्बिनेशन
LIC Jeevan Labh Policy Benefits Maturity Calculation 2026 के अंतर्गत यह योजना एक नॉन-लिंक्ड, विथ-प्रॉफिट, एंडोमेंट योजना है। इसमें निवेशकों को अपनी सुविधा अनुसार तीन अलग-अलग पॉलिसी टर्म और प्रीमियम भुगतान अवधि (PPT) चुनने का विकल्प मिलता है:
- 16 वर्ष का पॉलिसी टर्म: इसमें आपको केवल 10 वर्ष तक ही प्रीमियम देना होता है।
- 21 वर्ष का पॉलिसी टर्म: इसमें केवल 15 वर्ष तक ही प्रीमियम का भुगतान करना होता है।
- 25 वर्ष का पॉलिसी टर्म: इसमें आपको केवल 16 वर्ष तक प्रीमियम जमा करना होता है, जबकि रिस्क कवर पूरे 25 सालों तक बना रहता है।
LIC Jeevan Labh Plan 936 Premium Payment Term Options की तुलना जब हम बैंक एफडी या आरडी से करते हैं, तो बुनियादी अंतर सुरक्षा और बोनस का आता है। बैंक एफडी में आपको एकमुश्त रकम जमा करनी होती है और आरडी में हर महीने तय राशि देनी पड़ती है। एफडी और आरडी में जमा राशि पर केवल निश्चित ब्याज मिलता है और इनमें कोई लाइफ इंश्योरेंस कवर शामिल नहीं होता। इसके विपरीत, एलआईसी जीवन लाभ में निवेशक को बचत के साथ-साथ पूरी पॉलिसी अवधि के दौरान उच्च बीमा सुरक्षा (Sum Assured), सिंपल रिवर्सनरी बोनस और अंतिम अतिरिक्त बोनस (Final Additional Bonus) का लाभ भी प्रदान किया जाता है।
डेथ बेनिफिट और मैच्योरिटी पर मिलने वाले लाभ
LIC Jeevan Labh vs FD RD Investment Comparison Rules के अनुसार यदि पॉलिसी अवधि के दौरान बीमित व्यक्ति की असमय मृत्यु हो जाती है, तो नॉमिनी को बीमित राशि (Sum Assured) के साथ-साथ मृत्यु की तारीख तक अर्जित हुआ पूरा बोनस दिया जाता है। एफडी या आरडी के मामले में केवल जमा राशि और उस पर बना ब्याज ही वापस मिलता है, जबकि एलआईसी में प्रीमियम भुगतान बंद होने के बाद भी पॉलिसी टर्म खत्म होने तक लाइफ कवर एक्टिव रहता है। वहीं पॉलिसीधारक के जीवित रहने पर 25 साल की अवधि पूरी होने पर बेसिक सम एश्योर्ड के साथ पूरा जमा बोनस मिलाकर एक बड़ा कॉर्पस मैच्योरिटी के रूप में मिलता है।
टैक्स छूट और लोन की सुविधा
How to Invest LIC Jeevan Labh Policy Plan 936 Calculator के नियमों के तहत इस योजना में जमा किए गए प्रीमियम पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट का लाभ मिलता है। इसके अलावा मैच्योरिटी या डेथ बेनिफिट पर मिलने वाली राशि धारा 10(10D) के तहत पूरी तरह से टैक्स फ्री होती है, जबकि बैंक एफडी के ब्याज पर एक सीमा के बाद टीडीएस (TDS) कटता है। लगातार 2 वर्षों तक प्रीमियम का भुगतान करने के बाद जीवन लाभ पॉलिसी पर लोन लेने की सुविधा भी उपलब्ध हो जाती है, जो इसे आपातकालीन जरूरतों के लिए भी एक उपयोगी वित्तीय साधन बनाती है।
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