LPG Price Hike: रसोई गैस महंगी होने के बाद अब सालभर में 12 सिलेंडरों के लिए देने होंगे कितने पैसे, यहाँ देखें पूरा हिसाब
आम जनता के लिए एक बड़ी अपडेट सामने आई है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में हाल ही में हुई 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद भी सरकार का दावा है कि उपभोक्ताओं को अभी भी बहुत बड़ी राहत मिल रही है। सरकार के मुताबिक, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की असली कीमत 1,600 रुपये से भी ज्यादा है, लेकिन आम उपभोक्ताओं को इसके लिए सिर्फ 942 रुपये ही चुकाने पड़ रहे हैं। सरकार का कहना है कि आम ग्राहकों को हर सिलेंडर पर करीब 700 रुपये की छूट मिल रही है। इस हिसाब से अगर आप सालभर में 12 सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी सीधे तौर पर 8,400 रुपये की बचत हो रही है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण खनूजा ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को इसके अलावा 300 रुपये की एक्स्ट्रा सब्सिडी भी दी जाती है। इससे उनका कुल फायदा हर सिलेंडर पर करीब 1,000 रुपये तक पहुंच जाता है। नतीजतन, अगर वे साल में 12 सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं, तो उन्हें कुल 12,000 रुपये की राहत मिलती है।
सालभर में आपके घर की रसोई का बजट कितना बढ़ जाएगा?
अगर हम जनवरी 2026 से तुलना करें, तो शुरुआती दो महीनों में गैस की कीमतों ने आपकी रसोई के बजट पर कोई असर नहीं डाला था। मान लीजिए कि आपके घर में हर महीने एक सिलेंडर की खपत होती है और आपने 7 मार्च के बाद सिलेंडर रिफिल कराया था, तो मार्च से मई के बीच आपको 120 रुपये का एक्स्ट्रा खर्च उठाना पड़ा होगा। इसके बाद अगर आपने 7 जून को सिलेंडर खरीदा, तो आपको जून के महीने में 89 रुपये का सीधा नुकसान हुआ। अब अगर मान लें कि दिसंबर तक कीमतों में कोई बदलाव नहीं होता है और रेट्स ऐसे ही बने रहते हैं, तो आपकी रसोई के बजट पर सीधे 803 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है।
ये भी पढ़ें: LPG Cylinder Booking: घर बैठे इस ऐप से मिनटों में बुक करें गैस सिलेंडर
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर पड़ी दोहरी मार
यह बात बिल्कुल सच है कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को शुरुआती चार सिलेंडरों पर अप्रत्यक्ष रूप से 1,000 रुपये का फायदा मिल रहा है, लेकिन इसके साथ ही वे कीमतों में बढ़ोतरी और सब्सिडी में कटौती की दोहरी मार भी झेल रहे हैं।
इसे आसान शब्दों में समझें तो इस वित्तीय वर्ष में यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 के बीच, केवल चार सिलेंडरों पर ही सब्सिडी दी जाएगी। इससे पहले कुल नौ सिलेंडरों पर 2,700 रुपये की सब्सिडी मिला करती थी, जिसे अब घटाकर सिर्फ 1,200 रुपये कर दिया गया है। इसके चलते लाभार्थियों को सीधे तौर पर 1,500 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
क्या उज्ज्वला लाभार्थी साल में सिर्फ 4 सिलेंडर ही इस्तेमाल करते हैं?
इस मामले पर सरकार ने स्थिति साफ करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाली 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी साल की पहली चार रिफिल तक ही सीमित रखने का एक खास कारण है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, उज्ज्वला योजना वाले परिवार औसतन सालभर में केवल 4 से 5 सिलेंडरों का ही इस्तेमाल करते हैं।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण खनूजा ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को इसके अलावा 300 रुपये की एक्स्ट्रा सब्सिडी भी दी जाती है। इससे उनका कुल फायदा हर सिलेंडर पर करीब 1,000 रुपये तक पहुंच जाता है। नतीजतन, अगर वे साल में 12 सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं, तो उन्हें कुल 12,000 रुपये की राहत मिलती है।
सालभर में आपके घर की रसोई का बजट कितना बढ़ जाएगा?
अगर हम जनवरी 2026 से तुलना करें, तो शुरुआती दो महीनों में गैस की कीमतों ने आपकी रसोई के बजट पर कोई असर नहीं डाला था। मान लीजिए कि आपके घर में हर महीने एक सिलेंडर की खपत होती है और आपने 7 मार्च के बाद सिलेंडर रिफिल कराया था, तो मार्च से मई के बीच आपको 120 रुपये का एक्स्ट्रा खर्च उठाना पड़ा होगा। इसके बाद अगर आपने 7 जून को सिलेंडर खरीदा, तो आपको जून के महीने में 89 रुपये का सीधा नुकसान हुआ। अब अगर मान लें कि दिसंबर तक कीमतों में कोई बदलाव नहीं होता है और रेट्स ऐसे ही बने रहते हैं, तो आपकी रसोई के बजट पर सीधे 803 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है।ये भी पढ़ें: LPG Cylinder Booking: घर बैठे इस ऐप से मिनटों में बुक करें गैस सिलेंडर
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर पड़ी दोहरी मार
यह बात बिल्कुल सच है कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को शुरुआती चार सिलेंडरों पर अप्रत्यक्ष रूप से 1,000 रुपये का फायदा मिल रहा है, लेकिन इसके साथ ही वे कीमतों में बढ़ोतरी और सब्सिडी में कटौती की दोहरी मार भी झेल रहे हैं।इसे आसान शब्दों में समझें तो इस वित्तीय वर्ष में यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 के बीच, केवल चार सिलेंडरों पर ही सब्सिडी दी जाएगी। इससे पहले कुल नौ सिलेंडरों पर 2,700 रुपये की सब्सिडी मिला करती थी, जिसे अब घटाकर सिर्फ 1,200 रुपये कर दिया गया है। इसके चलते लाभार्थियों को सीधे तौर पर 1,500 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
क्या उज्ज्वला लाभार्थी साल में सिर्फ 4 सिलेंडर ही इस्तेमाल करते हैं?
इस मामले पर सरकार ने स्थिति साफ करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाली 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी साल की पहली चार रिफिल तक ही सीमित रखने का एक खास कारण है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, उज्ज्वला योजना वाले परिवार औसतन सालभर में केवल 4 से 5 सिलेंडरों का ही इस्तेमाल करते हैं। Next Story