Advance Tax Last Date Alert: 15 मार्च तक जमा करें अपनी आखिरी किस्त, जानें पेनाल्टी से बचने के तरीके

अगर आप एक करदाता हैं, तो मार्च का महीना आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। वित्तीय वर्ष 2023-24 अब खत्म होने वाला है और इसके साथ ही टैक्स से जुड़ी जिम्मेदारियों को पूरा करने का समय भी आ गया है। इस समय सबसे चर्चा में है 'एडवांस टैक्स'। क्या आप जानते हैं कि इनकम टैक्स विभाग ने एडवांस टैक्स की चौथी और आखिरी किस्त जमा करने के लिए 15 मार्च 2024 की तारीख तय की है?
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अक्सर लोग सोचते हैं कि टैक्स तो साल के अंत में रिटर्न भरते समय दिया जाता है, लेकिन एडवांस टैक्स का नियम थोड़ा अलग है। आइए समझते हैं कि यह क्या है और समय पर भुगतान न करने से आपको क्या नुकसान हो सकता है।

क्या होता है एडवांस टैक्स?

जैसा कि नाम से ही साफ है, यह वह टैक्स है जिसका भुगतान कमाई के साथ-साथ किया जाता है। इसे 'पे एज़ यू अर्न' (Pay as you earn) स्कीम भी कहा जाता है। नियम के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति की अनुमानित टैक्स देनदारी पूरे साल में 10,000 रुपये या उससे ज्यादा है, तो उसे एडवांस टैक्स चुकाना अनिवार्य होता है। यह उन लोगों के लिए जरूरी है जिनकी आय का स्रोत केवल सैलरी नहीं, बल्कि बिजनेस, रेंट, फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज या शेयर बाजार से होने वाला मुनाफा भी है।


किसे जमा करना चाहिए यह टैक्स?

एडवांस टैक्स का नियम वेतनभोगी कर्मचारियों (Salaried Employees) और फ्रीलांसरों या बिजनेसमैन, दोनों पर लागू होता है। हालांकि, सैलरी पाने वाले लोगों का टैक्स कंपनी टीडीएस के रूप में काट लेती है। लेकिन अगर आपकी सैलरी के अलावा अन्य स्रोतों से भी अच्छी कमाई हो रही है और उस पर टीडीएस नहीं कटा है, तो आपको एडवांस टैक्स की गणना खुद करनी होगी।

वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से अधिक) को एक बड़ी राहत दी गई है। अगर किसी बुजुर्ग की बिजनेस से कोई आय नहीं है, तो उन्हें एडवांस टैक्स भरने की जरूरत नहीं होती है।


15 मार्च क्यों है खास?

इनकम टैक्स विभाग एडवांस टैक्स को चार किस्तों में वसूलता है। 15 मार्च की तारीख आखिरी यानी चौथी किस्त जमा करने की अंतिम तिथि है। इस तारीख तक करदाताओं को अपनी कुल अनुमानित टैक्स देनदारी का 100 प्रतिशत हिस्सा जमा कर देना चाहिए। अगर आपने पिछली तीन किस्तों में कुछ कमी रखी है, तो यह उसे पूरा करने का आखिरी मौका है।

देरी करने पर लगेगा तगड़ा झटका

अगर आप 15 मार्च की समय सीमा चूक जाते हैं, तो आपको केवल टैक्स ही नहीं भरना होगा, बल्कि ब्याज का बोझ भी उठाना पड़ेगा। इनकम टैक्स कानून की धारा 234B और 234C के तहत, टैक्स की बकाया राशि पर हर महीने 1 प्रतिशत की दर से साधारण ब्याज वसूला जाता है। यह छोटी सी लापरवाही आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है।

कैसे करें भुगतान?

डिजिटल इंडिया के दौर में एडवांस टैक्स भरना अब बहुत आसान हो गया है। आप आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। इसके अलावा अधिकृत बैंकों की शाखाओं में जाकर भी चालान के माध्यम से इसे जमा किया जा सकता है।

टैक्स की योजना बनाना केवल पैसा बचाने के लिए ही नहीं, बल्कि कानूनी पेचीदगियों से बचने के लिए भी जरूरी है। 15 मार्च की समय सीमा का ध्यान रखें और अंतिम समय की अफरा-तफरी से बचने के लिए आज ही अपनी गणना पूरी करें। समय पर टैक्स का भुगतान करना एक जिम्मेदार नागरिक की पहचान है और इससे आपको मानसिक शांति भी मिलती है।