Pranav Construction IPO GMP: प्रणव कंस्ट्रक्शन का आईपीओ आज खुल गया है, यहां जानिए जीएमपी से लेकर हर बात
मुंबई: आप आईपीओ मार्केट में निवेश करते हैं तो आपके लिए इस सप्ताह कई कंपनियों में मौका है। ऐसी ही एक कंपनी है प्रणव कंस्ट्रक्शन्स, जिसका आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। इस आईपीओ पर ग्रे मार्केट में भी 36% का प्रीमियम दिखाया जा रहा है। हम बता रहे हैं इस आईपीओ के बारे में।
क्या है आईपीओ की योजना
Pranav Constructions IPO के जरिये बाजार से 351.03 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी है। इसमें 2.55 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल है। इसकी कीमत 315.60 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही 28.57 लाख शेयरों को ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचा जाएगा। ओएफएस के रास्ते बेचे जाने वाले शेयरों का मूल्य 35.43 करोड़ रुपये है।

कब तक निवेश हो सकता है
प्रणव कंस्ट्रक्शन का आईपीओ आज यानी 7 सितंबर को खुल गया है। इसमें निवेशक परसों यानी 9 सितंबर 2026 को बंद हो जाएगा। इस आईपीओ में अलॉटमेंट 10 सितंबर 2026 को हो जाने की उम्मीद है। सब कुछ पूर्व निर्धारित तरीके से चला तो इस कंपनी के शेयर 15 सितंबर 2026 को एनएसई और बीएसई दोनों पर लिस्ट हो जाएंगे।
क्या है प्राइस बैंड
प्रणव कंस्ट्रक्शन ने अपने आईपीओ का प्राइस बैंड 118 से 124 रुपये प्रति शेयर तय किया है। इस आईपीओ का लॉट साइज 120 शेयरों का है। मतलब कि निवेशकों को एक लॉट में कम से कम इतने शेयरों के लिए आवेदन देना होगा। यदि खुदरा निवेशकों यानी रिटेल इन्वेस्टर्स की बात करें तो यदि वे आईपीओ के अपर प्राइस बैंड पर निवेश करते हैं तो उन्हें एक लॉट के लिए कम से कम 14,880 रुपये लगाने होंगे।
क्या है जीएमपी
प्रणव कंस्टक्शन आईपीओ का ग्रे मार्केट में अच्छी पूछ है। इस समय इसका जीएमपी 44 रुपये दिखाया जा रहा है। मतलब कि यदि आईपीओ के अपर प्राइस बैंड 124 रुपये को अलॉटमेंट प्राइस माना जाए तो इसके मुकाबले 35.48 फीसदी या 35 रुपये बढ़ कर लिस्ट होने की संभावना है।
क्या करती है कंपनी
मुंबई की यह रियल एस्टेट कंपनी साल 2003 में बनी है। यह मुख्य रूप से MCGM region, विशेष रूप से पश्चिमी उपनगरों में पुनर्विकास परियोजनाओं पर केंद्रित है। कंपनी एक प्योर-प्ले रीडेवलपमेंट मॉडल पर काम करती है। इसमें अफोर्डेबल और मिड-मार्केट से लेकर एस्पिरेशनल रेसिडेंस तक आवासीय सेगमेंट शामिल हैं। इस साल 31 मार्च तक इसके पोर्टफोलियो में 65 प्रोजेक्ट शामिल थे। इनमें से 28 प्रोजेक्ट पूर्ण हो चुके हैं और 20 निर्माणाधीन तथा 17 फ्यूचर प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनमें करीब 5.01 मिलियन वर्ग फुट का कुल डेवलपमेंट एरिया शामिल है।
डिस्क्लेमर: यह न्यूज आर्टिकल सिर्फ एजुकेशन उद्देशों से बनाई गई है। निवेश का कोई भी निर्णय लेने से पहले कृपया किसी इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से सलाह जरूर लें।
क्या है आईपीओ की योजना
Pranav Constructions IPO के जरिये बाजार से 351.03 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी है। इसमें 2.55 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल है। इसकी कीमत 315.60 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही 28.57 लाख शेयरों को ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचा जाएगा। ओएफएस के रास्ते बेचे जाने वाले शेयरों का मूल्य 35.43 करोड़ रुपये है।
कब तक निवेश हो सकता है
प्रणव कंस्ट्रक्शन का आईपीओ आज यानी 7 सितंबर को खुल गया है। इसमें निवेशक परसों यानी 9 सितंबर 2026 को बंद हो जाएगा। इस आईपीओ में अलॉटमेंट 10 सितंबर 2026 को हो जाने की उम्मीद है। सब कुछ पूर्व निर्धारित तरीके से चला तो इस कंपनी के शेयर 15 सितंबर 2026 को एनएसई और बीएसई दोनों पर लिस्ट हो जाएंगे।
क्या है प्राइस बैंड
प्रणव कंस्ट्रक्शन ने अपने आईपीओ का प्राइस बैंड 118 से 124 रुपये प्रति शेयर तय किया है। इस आईपीओ का लॉट साइज 120 शेयरों का है। मतलब कि निवेशकों को एक लॉट में कम से कम इतने शेयरों के लिए आवेदन देना होगा। यदि खुदरा निवेशकों यानी रिटेल इन्वेस्टर्स की बात करें तो यदि वे आईपीओ के अपर प्राइस बैंड पर निवेश करते हैं तो उन्हें एक लॉट के लिए कम से कम 14,880 रुपये लगाने होंगे।
क्या है जीएमपी
प्रणव कंस्टक्शन आईपीओ का ग्रे मार्केट में अच्छी पूछ है। इस समय इसका जीएमपी 44 रुपये दिखाया जा रहा है। मतलब कि यदि आईपीओ के अपर प्राइस बैंड 124 रुपये को अलॉटमेंट प्राइस माना जाए तो इसके मुकाबले 35.48 फीसदी या 35 रुपये बढ़ कर लिस्ट होने की संभावना है।
क्या करती है कंपनी
मुंबई की यह रियल एस्टेट कंपनी साल 2003 में बनी है। यह मुख्य रूप से MCGM region, विशेष रूप से पश्चिमी उपनगरों में पुनर्विकास परियोजनाओं पर केंद्रित है। कंपनी एक प्योर-प्ले रीडेवलपमेंट मॉडल पर काम करती है। इसमें अफोर्डेबल और मिड-मार्केट से लेकर एस्पिरेशनल रेसिडेंस तक आवासीय सेगमेंट शामिल हैं। इस साल 31 मार्च तक इसके पोर्टफोलियो में 65 प्रोजेक्ट शामिल थे। इनमें से 28 प्रोजेक्ट पूर्ण हो चुके हैं और 20 निर्माणाधीन तथा 17 फ्यूचर प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनमें करीब 5.01 मिलियन वर्ग फुट का कुल डेवलपमेंट एरिया शामिल है।
डिस्क्लेमर: यह न्यूज आर्टिकल सिर्फ एजुकेशन उद्देशों से बनाई गई है। निवेश का कोई भी निर्णय लेने से पहले कृपया किसी इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से सलाह जरूर लें।
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