FASTag New Rules: फास्टैग से अलग गाड़ी का नंबर तो होगा बंद, ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा, पूरी डिटेल
नई दिल्ली: अगर आपका फास्टैग का नंबर आपकी गाड़ी के नंबर से मेल नहीं खाता है तो सावधान हो जाएं। ये आपस में मैच नहीं करते हैं तो आपका फास्टैग बंद कर ब्लैक लिस्ट में डाला जा सकता है। टोल प्लाजाओं पर फास्टैग से टोल कटते हुए फास्टैग रीडर और गाड़ी नंबर का मेल ना खाने के बाद मिली इस तरह की शिकायतों पर अमल करते हुए एनएचएआई ने फास्टैग जारी करने वाले सभी बैंकों से कहा है कि वह इनका मिलान करें।

एनएचएआई ने बैंको से कहा है कि वे इसकी जांच करके यह सुनिश्चित करें कि जिस नंबर पर फास्टैग लिया गया है क्या उसी नंबर पर उसका इस्तेमाल भी किया जा रहा है या नहीं? कहीं ऐसा तो नहीं कि इसमें किसी तरह की हेराफेरी की जा रही हो। अगर किसी फास्टैग में कोई गड़बड़ी मिलती है तो उसे ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाए।
एनएचएआई ने क्या बताया है?एनएचएआई ने स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा है:
आगे किस पर रहेगा जोर?
इस अवधि के दौरान जांच व्यवस्था अपेक्षाकृत सीमित थी और 'मैन्युअल' प्रक्रियाओं पर अधिक निर्भर थी। एनएचएआई ने कहा है कि उसने विशेष रूप से आने वाले समय में देश में 'मल्टी-लेन फ्री फ्लो' (एमएलएफएफ) टोलिंग जैसे सिस्टम को देखते हुए फास्टैग के साथ वीआरएन मैपिंग की सटीकता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
एनएचएआई ने बैंको से कहा है कि वे इसकी जांच करके यह सुनिश्चित करें कि जिस नंबर पर फास्टैग लिया गया है क्या उसी नंबर पर उसका इस्तेमाल भी किया जा रहा है या नहीं? कहीं ऐसा तो नहीं कि इसमें किसी तरह की हेराफेरी की जा रही हो। अगर किसी फास्टैग में कोई गड़बड़ी मिलती है तो उसे ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाए।
एनएचएआई ने क्या बताया है?एनएचएआई ने स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा है:
- इस तरह की किसी भी विसंगति से बचने के लिए इसे क्रॉस चेक करना जरूरी है।
- इसका मकसद यह है कि सिस्टम में कहीं कोई लीकेज ना रहे।
- यह देखा गया है कि इस तरह की विसंगतियों की एक बड़ी संख्या गाड़ी डेटाबेस में दर्ज होने से पहले जारी किए गए फास्टैग से संबंधित है।
आगे किस पर रहेगा जोर?
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