Share Market Crash: शेयर बाजार से ₹6000000000000 स्वाहा, सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा तक लुढ़का, जानें गिरावट के 5 बड़े कारण
नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को बड़ी गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 में भारी बिकवाली देखी गई। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1000 से अधिक अंक टूटकर 76,100 के स्तर से नीचे चला गया। वहीं निफ्टी 50 भी 300 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ 23,800 के आंकड़े के नीचे फिसल गया। इस गिरावट के कारण निवेशकों का बड़ा नुकसान हुआ।
मंगलवार को सेंसेक्स 893.39 अंकों की गिरावट के साथ 76,200.68 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 भी 278.80 अंक लुढ़ककर 23,824.10 अंक पर बंद हुआ। इस गिरावट के कारण सेंसेक्स पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप करीब 6 लाख करोड़ रुपये गिरकर 475 लाख करोड़ रुपये के नीचे चला गया।
बाजार में भारी गिरावट के 5 बड़े कारण1. कोस्पी इंडेक्स हुआ धड़ाम
2. अमेरिकी फेडरल रिजर्व का डर
मिडल ईस्ट (पश्चिम एशिया) के संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर महंगाई (महंगाई दर) की चिंता बढ़ा दी है। इसके चलते यह उम्मीद मजबूत हुई है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं।
3. आईटी शेयरों में तेज बिकवाली
सोमवार को मिली थोड़ी राहत के बाद मंगलवार को आईटी शेयरों में एक बार फिर गिरावट का दौर शुरू हो गया। टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और एचसीएल टेक के शेयर 3-3% से ज्यादा टूट गए।
मंगलवार को सेंसेक्स 893.39 अंकों की गिरावट के साथ 76,200.68 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 भी 278.80 अंक लुढ़ककर 23,824.10 अंक पर बंद हुआ। इस गिरावट के कारण सेंसेक्स पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप करीब 6 लाख करोड़ रुपये गिरकर 475 लाख करोड़ रुपये के नीचे चला गया।
बाजार में भारी गिरावट के 5 बड़े कारण1. कोस्पी इंडेक्स हुआ धड़ाम
- हाल ही में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने वाले दक्षिण कोरिया के बेंचमार्क इंडेक्स कोस्पी (Kospi) में मंगलवार को भारी बिकवाली दर्ज की गई।
- सेमीकंडक्टर और कंप्यूटर चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनियों के वैल्युएशन के बहुत महंगे होने की चिंता में निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की।
- कोस्पी इंडेक्स 10% तक टूट गया, जिससे बाजार में घबराहट रोकने के लिए कोरियन एक्सचेंज को 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी (सर्किट ब्रेकर लगाना) पड़ी।
- दिग्गज टेक कंपनी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर करीब 13% और एसके हाइनिक्स के शेयर 12% से ज्यादा गिर गए, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ा।
2. अमेरिकी फेडरल रिजर्व का डर
मिडल ईस्ट (पश्चिम एशिया) के संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर महंगाई (महंगाई दर) की चिंता बढ़ा दी है। इसके चलते यह उम्मीद मजबूत हुई है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं।
- 'सीएमई फेडवॉच टूल' के मुताबिक, ट्रेडर्स अब दिसंबर में अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की 88% संभावना जता रहे हैं, जो पिछले हफ्ते तक सिर्फ 61% थी।
- अमेरिका में उच्च ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड (Bond Yield) बढ़ने से विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से अपना पैसा निकालकर अमेरिकी ट्रेजरी में लगा सकते हैं।
3. आईटी शेयरों में तेज बिकवाली
सोमवार को मिली थोड़ी राहत के बाद मंगलवार को आईटी शेयरों में एक बार फिर गिरावट का दौर शुरू हो गया। टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और एचसीएल टेक के शेयर 3-3% से ज्यादा टूट गए।
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