40 रुपये का बड़ा खेल... डीजल के लिए पेट्रोल पंपों पर लगी लिमिट, अब मनमर्जी से नहीं मिलेगा तेल

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नई दिल्ली: डीजल की कीमतों में रिटेल और बल्क खरीद के बीच बढ़ते अंतर का असर अब पेट्रोल पंपों पर दिखाई देने लगा है। दोनों की कीमत में 40 रुपये का अंतर है। ऐसे में इंडस्ट्रियल और बड़े ग्राहक सस्ता डीजल खरीदने के लिए रिटेल पंपों का रुख कर रहे हैं, जिससे कुछ कंपनियों ने डीजल की खरीद पर सीमा तय कर दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, Jio-bp के पेट्रोल पंपों पर एक ग्राहक के लिए डीजल खरीद की सीमा 50 लीटर प्रतिदिन तय की गई है। वहीं नायरा एनर्जी आउटलेट्स पर यह सीमा 70 से 200 लीटर के बीच बताई गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की IOC, BPCL और HPCL भी ऐसी मात्रा सीमा लागू करने पर विचार कर सकती हैं।
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हालांकि, जियो-बीपी ने कहा है कि उसके सभी मोबिलिटी स्टेशन चालू हैं और पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है। कंपनी के मुताबिक, मौजूदा मांग को देखते हुए ईंधन की समान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।


कीमत में 40 रुपये तक अंतरइस स्थिति की बड़ी वजह रिटेल और बल्क डीजल की कीमतों में बढ़ता अंतर है। रिपोर्ट के अनुसार, पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की कीमतें मई से नहीं बदली हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत करीब 108 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।

दूसरी ओर, बल्क ग्राहकों के लिए डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरूप ज्यादा तेजी से बढ़ी हैं। दोनों कीमतों में अंतर 40 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। यही अंतर बड़ी मात्रा में डीजल इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को रिटेल पंपों से खरीदारी के लिए आकर्षित कर रहा है।

ज्यादा डीजल खरीद रहे बड़े ग्राहकफैक्ट्रियां, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, टेलीकॉम कंपनियां, होटल, मॉल, डेटा सेंटर और अस्पताल जैसे संस्थान मशीनरी या डीजल जेनरेटर के लिए बड़ी मात्रा में ईंधन इस्तेमाल करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से कुछ ग्राहक अब रिटेल पेट्रोल पंपों से एक बार में 400 से 600 लीटर तक डीजल खरीद रहे हैं।

इससे पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध स्टॉक तेजी से घट रहा है। प्रत्येक स्टेशन की स्टोरेज क्षमता सीमित होती है और सप्लाई नेटवर्क से दोबारा स्टॉक आने में कुछ दिन लग सकते हैं। ऐसे में कंपनियां रिटेल ग्राहकों के लिए ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए खरीद सीमा लगा रही हैं।

क्या डीजल की कमी हो गई है?रिटेल पंपों पर खरीद सीमा लगाए जाने का मतलब जरूरी नहीं कि देशभर में डीजल की कमी हो गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, मौजूदा दबाव मुख्य रूप से स्थानीय पेट्रोल पंपों के स्टॉक और सप्लाई नेटवर्क पर बढ़ी मांग के कारण है।

अगर रिटेल और बल्क डीजल की कीमतों में बड़ा अंतर बना रहता है, तो इंडस्ट्रियल ग्राहक रिटेल पंपों से खरीद जारी रख सकते हैं। इससे उन पंपों पर दबाव बढ़ सकता है जो मुख्य रूप से आम वाहन चालकों की जरूरत पूरी करने के लिए बनाए गए हैं।