8th Pay Commission: माना गया यह फॉर्मूला तो ₹18,000 सीधे ₹69,000 पहुंच जाएगी मिनिमम बेसिक सैलरी, जानिए पूरी कैलकुलेशन
नई दिल्ली: आठवें वेतन आयोग के सदस्य अपनी फाइनल रिपोर्ट तैयार करने से पहले विभिन्न स्टेकहोल्डर्स से बातचीत कर रहे हैं। बैठकों का यह सिलसिला अप्रैल में शुरू हुआ था और जून में भी इसके सदस्यों का कई राज्यों का दौरा करने की कार्यक्रम है। आठवें पे कमीशन में कई फैक्टर्स से कर्मचारियों की सैलरी पर असर पड़ेगा। इनमें महंगाई, फिटमेंट फैक्टर और डीए के साथ-साथ एक और फैक्टर भी अहम है। इसके फैमिली यूनिट फॉर्मूला कहा जाता है जो पे कैलकुलेशन में अहम है। इससे पता चलता है कि किसी परिवार को चलाने के लिए कम से कम कितने पैसों की जरूरत पड़ती है।

मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक कर्मचारियों के कई संगठनों ने फैमिली यूनिट फॉर्मूले के मौजूदा तरीके में बदलाव की मांग की है। उनका कहना है कि यह फॉर्मूला आज के जमाने के हिसाब से नहीं है। आज खाने-पीने की चीजों, शिक्षा और मेडिकल का खर्च कई गुना बढ़ गया है। पे कमीशन के तहत फैमिली यूनिट में कर्मचारी और उस पर निर्भर लोगों को शामिल किया जाता है। इसके आधार पर यह तय होता है कि परिवार को चलाने के लिए कम से कम कितना खर्च चाहिए।
क्या है फॉर्मूला?
यह फॉर्मूला Aykroyd फॉर्मूले पर आधारित है। इसमें रोटी, कपड़ा और मकान जैसी बुनियादी जरूरतों को कवर करने के लिए मिनिमम सैलरी का अनुमान लगाया जाता है। मौजूदा व्यवस्था में एक फैमिली को तीन यूनिट माना जाता है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि आठवें वेतन आयोग के तहत सैलरी कैलकुलेट करने के लिए फैमिली को पांच यूनिट काउंट किया जाना चाहिए। कर्मचारी और उसके जीवनसाथी को अलग यूनिट माना जाना चाहिए, दो बच्चों में से प्रत्येक को 0.8 यूनिट माना जाना चाहिए और माता-पिता को 0.8 यूनिट माना जाना चाहिए। इस तरह कुल 5.2 यूनिट बनती है जिसे 5 यूनिट माना जा सकता है।
पे कमीशन के साथ एक हालिया मीटिंग में नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने यह मांग रखी। यूनियन के मुताबिक स्टाफ साइड नेशनल काउंसिल ने 5 यूनिट फैमिली के लिए मिनिमम पे 69,000 रुपये कंप्यूट किया है। इसके मुताबिक मौजूदा कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए फिटमेंट फॉर्मूला 3.833 होगा। अगर पे कमीशन ने इसे माना तो इससे कर्मचारियों की सैलरी में भारी इजाफा होगा। सातवें पे कमीशन के तहत मिनिमम सैलरी 18,000 रुपये है।
किसे होगा फायदा?
पे कमीशन से 1.1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा होगा। देश में अब तक 7 पे कमीशन का गठन हो चुका है। पहला पे कमीशन जनवरी 1946 में हुआ था और उसके बाद हर 10 साल में पे कमीशन का गठन किया जाता है। आठवां पे कमीशन 3 नवंबर, 2025 को गठित किया गया था। माना जा रहा है कि इसकी सिफारिशें 1 जनवरी, 2026 से लागू होंगी।
मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक कर्मचारियों के कई संगठनों ने फैमिली यूनिट फॉर्मूले के मौजूदा तरीके में बदलाव की मांग की है। उनका कहना है कि यह फॉर्मूला आज के जमाने के हिसाब से नहीं है। आज खाने-पीने की चीजों, शिक्षा और मेडिकल का खर्च कई गुना बढ़ गया है। पे कमीशन के तहत फैमिली यूनिट में कर्मचारी और उस पर निर्भर लोगों को शामिल किया जाता है। इसके आधार पर यह तय होता है कि परिवार को चलाने के लिए कम से कम कितना खर्च चाहिए।
क्या है फॉर्मूला?
यह फॉर्मूला Aykroyd फॉर्मूले पर आधारित है। इसमें रोटी, कपड़ा और मकान जैसी बुनियादी जरूरतों को कवर करने के लिए मिनिमम सैलरी का अनुमान लगाया जाता है। मौजूदा व्यवस्था में एक फैमिली को तीन यूनिट माना जाता है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि आठवें वेतन आयोग के तहत सैलरी कैलकुलेट करने के लिए फैमिली को पांच यूनिट काउंट किया जाना चाहिए। कर्मचारी और उसके जीवनसाथी को अलग यूनिट माना जाना चाहिए, दो बच्चों में से प्रत्येक को 0.8 यूनिट माना जाना चाहिए और माता-पिता को 0.8 यूनिट माना जाना चाहिए। इस तरह कुल 5.2 यूनिट बनती है जिसे 5 यूनिट माना जा सकता है।
पे कमीशन के साथ एक हालिया मीटिंग में नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने यह मांग रखी। यूनियन के मुताबिक स्टाफ साइड नेशनल काउंसिल ने 5 यूनिट फैमिली के लिए मिनिमम पे 69,000 रुपये कंप्यूट किया है। इसके मुताबिक मौजूदा कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए फिटमेंट फॉर्मूला 3.833 होगा। अगर पे कमीशन ने इसे माना तो इससे कर्मचारियों की सैलरी में भारी इजाफा होगा। सातवें पे कमीशन के तहत मिनिमम सैलरी 18,000 रुपये है।
किसे होगा फायदा?
पे कमीशन से 1.1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा होगा। देश में अब तक 7 पे कमीशन का गठन हो चुका है। पहला पे कमीशन जनवरी 1946 में हुआ था और उसके बाद हर 10 साल में पे कमीशन का गठन किया जाता है। आठवां पे कमीशन 3 नवंबर, 2025 को गठित किया गया था। माना जा रहा है कि इसकी सिफारिशें 1 जनवरी, 2026 से लागू होंगी।
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