LPG Subsidized Cylinder: 'कुछ लोग गलत फायदा उठा रहे थे', सरकार ने बताया क्यों घटाई सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत सब्सिडी वाले सिलेंडर्स की संख्या को घटाकर वार्षिक स्तर पर नौ से चार करने पर केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को कहा कि यह कदम कुछ लाभार्थियों द्वारा सब्सिडी वाले सिलेंडर्स के दुरुपयोग के चलते उठाया गया है।
केंद्रीय मंत्री पुरी ने आईएएनएस से कहा कि यह कदम इस सबूत के आधार पर उठाया गया था कि कई लाभार्थियों को अतिरिक्त सिलेंडरों की जरूरत नहीं थी और कुछ सिलेंडरों का इस्तेमाल कमर्शियल कामों के लिए किया जा रहा था।
मंत्री ने बताया ठोस कारणकेंद्रीय मंत्री ने कहा, 'इस बात पर काफी चर्चा हो रही है कि हमने उज्ज्वला सिलेंडर्स की संख्या नौ से घटाकर चार कर दी है। लेकिन अगर आपको चार से अधिक सिलेंडर्स की जरूरत नहीं है, तो आपको और सिलेंडरों की क्या जरूरत होगी?' उन्होंने तर्क दिया कि अगर किसी परिवार को साल में चार से अधिक सिलेंडर की जरूरत नहीं है, तो उन्हें और सब्सिडी वाले रिफिल देने का कोई ठोस कारण नहीं है। उन्होंने इसके पीछे ये कारण भी बताए:
साल 2016 में शुरू हुई थी स्कीमप्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को एलपीजी कनेक्शन और रियायती दरों पर रिफिल की सुविधा देकर स्वच्छ खाना पकाने का ईंधन उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई थी। यह योजना साल 2016 में शुरू की गई थी। शुरू में इस योजना के तहत सालाना 12 सिलेंडर दिए जाते थे। पिछले साल इनकी संख्या घटाकर 9 कर दी गई थी। अब यह संख्या 4 हो गई है।
केंद्रीय मंत्री पुरी ने आईएएनएस से कहा कि यह कदम इस सबूत के आधार पर उठाया गया था कि कई लाभार्थियों को अतिरिक्त सिलेंडरों की जरूरत नहीं थी और कुछ सिलेंडरों का इस्तेमाल कमर्शियल कामों के लिए किया जा रहा था।
मंत्री ने बताया ठोस कारणकेंद्रीय मंत्री ने कहा, 'इस बात पर काफी चर्चा हो रही है कि हमने उज्ज्वला सिलेंडर्स की संख्या नौ से घटाकर चार कर दी है। लेकिन अगर आपको चार से अधिक सिलेंडर्स की जरूरत नहीं है, तो आपको और सिलेंडरों की क्या जरूरत होगी?' उन्होंने तर्क दिया कि अगर किसी परिवार को साल में चार से अधिक सिलेंडर की जरूरत नहीं है, तो उन्हें और सब्सिडी वाले रिफिल देने का कोई ठोस कारण नहीं है। उन्होंने इसके पीछे ये कारण भी बताए:
- पुरी ने कहा कि सरकार ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उन्हें भरोसेमंद जानकारी मिली थी कि उनके कई उज्ज्वला लाभार्थियों को असल में सिलेंडर की जरूरत नहीं थी।
- वे सिलेंडर ले रहे थे और या तो उसे कमर्शियल इस्तेमाल के लिए बेच रहे थे, या कहीं और इस्तेमाल कर रहे थे, या फिर किसी और अधिक रुपये में दे रहे थे।
- उन्होंने बताया कि सरकार ने यह फैसला स्कीम के इस्तेमाल के तरीके को समझने और इसके गलत इस्तेमाल के मामलों की पहचान करने के बाद लिया।
साल 2016 में शुरू हुई थी स्कीमप्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को एलपीजी कनेक्शन और रियायती दरों पर रिफिल की सुविधा देकर स्वच्छ खाना पकाने का ईंधन उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई थी। यह योजना साल 2016 में शुरू की गई थी। शुरू में इस योजना के तहत सालाना 12 सिलेंडर दिए जाते थे। पिछले साल इनकी संख्या घटाकर 9 कर दी गई थी। अब यह संख्या 4 हो गई है।
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