Prem Vatsa Profile: देश की सबसे बड़ी बैंकिंग डील! मिलिए प्रेम वत्स से जो बनने जा रहे हैं IDBI बैंक के नए मालिक

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नई दिल्ली: सरकार की काफी कोशिशों के बाद आईडीबीआई बैंक आखिरकार बिकने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने इसके लिए कनाडा की कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स के ऑफर को मंजूरी दे दी है और कभी भी इसकी औपचारिक घोषणा हो सकती है। यह डील 5.5 अरब डॉलर यानी करीब 53,000 करोड़ रुपये की हो सकती है। इस तरह भारत के बैंकिंग सेक्टर में सबसे बड़ा विदेशी निवेश होगा। फेयरफैक्स की भारतीय यूनिट के पास अभी CSB बैंक में 40% हिस्सेदारी है। फैयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स के चेयरमैन और सीईओ भारतीय मूल के प्रेम वत्स हैं। एक नजर उनके करियर पर।
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वत्स का जन्म 5 अगस्त 1950 को हैदराबाद में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। उन्होंने 1971 में आईआईटी मद्रास से केमिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया। इसके बाद वह व्यापक अवसरों की तलाश में कनाडा चले गए। वहां उन्होंने वेस्टर्न ओंटारियो यूनिवर्सिटी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री हासिल की। इस शिक्षा ने उन्हें एक ऐसा करियर शुरू करने में मदद की जिसने उन्हें कनाडा की प्रमुख वित्तीय हस्तियों में शामिल कर दिया। आज फेयरफैक्स का मार्केट कैप 5310.26 कैनेडियन डॉलर है।


प्रेम वत्स की सफलता की कहानीफाइनेंस में वत्स का सफर साल 1974 में कन्फेडरेशन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के साथ शुरू हुआ। वहां उन्होंने स्टॉक पोर्टफोलियो को मैनेज किया और निवेश पर रिसर्च की। यही वजह जगह थी जहां उन्होंने फाइनेंस और इंश्योरेंस इंडस्ट्री की बारीकियां सीखीं। इस कंपनी में कुछ साल काम करने के बाद उन्होंने इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट पर ध्यान केंद्रित करते हुए हैम्ब्लिन वत्स इन्वेस्टमेंट काउंसिल लिमिटेड की स्थापना की। साल 1985 में उन्होंने फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स