Sushiro China: चीन में सुशी की दीवानगी, खाली प्लेटों का टावर बनाने के लिए पागल हुए लोग, जापानी कंपनी के शेयर बने रॉकेट
नई दिल्ली: चीन के युवाओं के सिर इन दिनों एक जापानी फूड चेन का जादू चढ़कर बोल रहा है। आर्थिक सुस्ती के बीच जापान की मशहूर कन्वर्टर-बेल्ट सुशी चेन सुशिरो (Sushiro) चीन की एमजेड जनरेशन (मिलेनियल्स और जेन-जी) के लिए सबसे बड़ा क्रेज बन चुकी है। दीवानगी का आलम यह है कि लोग यहां सुशी खाने के लिए 5 से 14 घंटे तक की लंबी कतारों में इंतजार करने को तैयार हैं।
इस जापानी ब्रांड के अचानक वायरल होने के पीछे चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स डोयिन (Douyin) और श्याओहोंगशू (Xiaohongshu) का बड़ा हाथ है। दरअसल, यहां आने वाले युवा सुशी खाने के बाद खाली प्लेटों को एक के ऊपर एक रखकर ऊंचे-ऊंचे टावर बना रहे हैं, जिसे सुशिरो टावर नाम दिया गया है। 60 से 80 प्लेटों वाले इन टावर्स के वीडियो सोशल मीडिया पर लाखों-करोड़ों लाइक्स बटोर रहे हैं और यह युवाओं के लिए एक नया स्टेटस सिंबल बन गया है।
कमाई के सारे रिकॉर्ड टूटेइस जबरदस्त दीवानगी का सीधा असर कंपनी की वित्तीय सेहत और शेयर बाजार पर देखने को मिला है। सुशिरो ने चालू वित्त वर्ष की महज पहली छमाही में ही अपने पूरे साल के ऑपरेटिंग प्रॉफिट के लक्ष्य का 70% हिस्सा कमा लिया है।
वहीं टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी के शेयरों में इस साल 23% का भारी उछाल आया है, जिसने जापान के बेंचमार्क इंडेक्स टोपिक्स (TOPIX) को भी पीछे छोड़ दिया है।
मंदी में काम आया यह फॉर्मूलाविशेषज्ञों के मुताबिक मंदी के इस दौर में सुशिरो की कामयाबी का सबसे बड़ा हथियार इसकी आक्रामक और किफायती प्राइसिंग है। यह चेन दूसरी सुशी कंपनियों के मुकाबले काफी कम दाम में प्रीमियम क्वालिटी दे रही है।
ग्राहकों को बांधने के लिए खास तकनीककंपनी ने अपने स्टोर्स में डिगिरी (Digiri) नाम का एक इन-स्टोर डिजिटल ऑर्डरिंग सिस्टम लगाया है। इसके तहत ग्राहकों को ये चीजें ऑफर की जाती हैं:
420 रुपये में ब्लैक हो रहे टोकनसाल 2021 में गुआंगझू से चीन में एंट्री करने वाली इस कंपनी की लोकप्रियता पिछले साल शंघाई पहुंचने के बाद सातवें आसमान पर पहुंच गई। भीड़ का फायदा उठाकर कुछ लोग सेकंड-हैंड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर रेस्टोरेंट का वेटिंग कतार नंबर (टोकन) 420 रुपये तक में ब्लैक कर रहे हैं।
इस जापानी ब्रांड के अचानक वायरल होने के पीछे चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स डोयिन (Douyin) और श्याओहोंगशू (Xiaohongshu) का बड़ा हाथ है। दरअसल, यहां आने वाले युवा सुशी खाने के बाद खाली प्लेटों को एक के ऊपर एक रखकर ऊंचे-ऊंचे टावर बना रहे हैं, जिसे सुशिरो टावर नाम दिया गया है। 60 से 80 प्लेटों वाले इन टावर्स के वीडियो सोशल मीडिया पर लाखों-करोड़ों लाइक्स बटोर रहे हैं और यह युवाओं के लिए एक नया स्टेटस सिंबल बन गया है।
कमाई के सारे रिकॉर्ड टूटेइस जबरदस्त दीवानगी का सीधा असर कंपनी की वित्तीय सेहत और शेयर बाजार पर देखने को मिला है। सुशिरो ने चालू वित्त वर्ष की महज पहली छमाही में ही अपने पूरे साल के ऑपरेटिंग प्रॉफिट के लक्ष्य का 70% हिस्सा कमा लिया है।
वहीं टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी के शेयरों में इस साल 23% का भारी उछाल आया है, जिसने जापान के बेंचमार्क इंडेक्स टोपिक्स (TOPIX) को भी पीछे छोड़ दिया है।
मंदी में काम आया यह फॉर्मूलाविशेषज्ञों के मुताबिक मंदी के इस दौर में सुशिरो की कामयाबी का सबसे बड़ा हथियार इसकी आक्रामक और किफायती प्राइसिंग है। यह चेन दूसरी सुशी कंपनियों के मुकाबले काफी कम दाम में प्रीमियम क्वालिटी दे रही है।
ग्राहकों को बांधने के लिए खास तकनीककंपनी ने अपने स्टोर्स में डिगिरी (Digiri) नाम का एक इन-स्टोर डिजिटल ऑर्डरिंग सिस्टम लगाया है। इसके तहत ग्राहकों को ये चीजें ऑफर की जाती हैं:
- जो भी ग्राहक 60 युआन (करीब 840 रुपये) या उससे अधिक खर्च करता है, उसे स्क्रीन पर एक डिजिटल लॉटरी गेम खेलने का मौका मिलता है।
- इस गेम को जीतने पर ग्राहकों को सुशी कैरेक्टर वाले खिलौने और अन्य आकर्षक इनाम मिलते हैं, जो युवाओं को बार-बार यहां आने के लिए आकर्षित कर रहे हैं।
420 रुपये में ब्लैक हो रहे टोकनसाल 2021 में गुआंगझू से चीन में एंट्री करने वाली इस कंपनी की लोकप्रियता पिछले साल शंघाई पहुंचने के बाद सातवें आसमान पर पहुंच गई। भीड़ का फायदा उठाकर कुछ लोग सेकंड-हैंड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर रेस्टोरेंट का वेटिंग कतार नंबर (टोकन) 420 रुपये तक में ब्लैक कर रहे हैं।
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