India Trade Map: पश्चिम एशिया संकट ने चुपचाप बदल दिया भारत के व्यापार का नक्शा, ओमान उछलकर टॉप 10 में पहुंचा

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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया के संघर्ष ने बड़ा बदलाव कर दिया है। इसने चुपचाप भारत के व्यापार के नक्शे को चेंज किया है। इस उलटफेर में ओमान बहुत तेजी से आगे बढ़ा है। वहीं, संयुक्‍त अरब अमीरात (यूएई) नीचे फिसला है। हाल में भारत ने ओमान के साथ एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) किया है।

अप्रैल-मई 2025 के दौरान ओमान भारत के लिए आयात का 30वां सबसे बड़ा सोर्स था। चालू वित्त वर्ष के पहले दो महीनों में एनर्जी की वजह से ओमान 10वें स्थान पर आ गया। कारण है कि आयात 3.8 गुना बढ़कर 3.4 अरब डॉलर हो गया।
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यूएई चौथे पायदान पर खिसका
इसके उलट, अप्रैल-मई के दौरान यूएई चौथे स्थान पर खिसक गया, जबकि रूस दूसरे स्थान पर लौट आया और उसके बाद अमेरिका का स्थान रहा।

अमेरिका के ऊपर आने के पीछे भारत की LPG या खाना पकाने वाली गैस की जरूरत है। वहीं, एनर्जी ने इस दौरान ब्राजील से आयात को भी 2.8 गुना बढ़ाकर 2.7 अरब डॉलर तक पहुंचाने में मदद की।

पेरू से शिपमेंट में 3.7 गुना की बढ़ोतरी
वाणिज्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पेरू से शिपमेंट भी 3.7 गुना ज्‍यादा यानी 2 अरब डॉलर से अधिक रहे। दक्षिण अमेरिकी देश अब आयात का 20वां सबसे बड़ा सोर्स है। वहीं, अप्रैल-मई 2025 में यह 35वें स्थान पर था।

निर्यात के मोर्चे पर भी व्यापार के क्रम में बदलाव आया है। अप्रैल-मई के दौरान सिंगापुर ने चीन और नीदरलैंड को पीछे छोड़ते हुए भारत के तीसरे सबसे बड़े एक्‍सपोर्ट डेस्टिनेशन के तौर पर जगह बनाई। यह दूसरे स्थान पर मौजूद यूएई से 18 करोड़ डॉलर पीछे रहा।

कुछ और बदलाव भी हुए हैं:
  • तंजानिया निर्यात के लिए आठवां सबसे बड़ा डेस्टिनेशन बन गया।
  • जबकि अप्रैल और मई 2025 में यह 25वें स्थान पर था।
  • वहीं, दक्षिण अफ्रीका 10वें स्थान पर रहा और एक साल में दो स्थान ऊपर चढ़ गया।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि तेल और रत्‍न व आभूषण तंजानिया को निर्यात को बढ़ावा दे रहे हैं। पिछले साल अप्रैल-मई में यह 80 करोड़ डॉलर से बढ़कर इस साल अब तक 2.2 अरब डॉलर हो गया है। पड़ोसी श्रीलंका अब 12वें स्थान पर है। वहां एक्‍सपोर्ट लगभग तीन गुना बढ़कर 1.8 अरब डॉलर हो गया है।

सिंंगापुर को एक्सपोर्ट को भारी बढ़ोतरी
सिंगापुर को निर्यात में 2.2 गुना की बढ़ोतरी (5.1 अरब डॉलर तक) मुख्य रूप से इस द्वीप देश को तेल उत्पादों के निर्यात में उछाल के कारण हुई। यह पश्चिम एशिया में युद्ध से बुरी तरह प्रभावित हुआ। इससे उसे चीन से आगे निकलने में मदद मिली।

चीन के साथ व्यापार में भारत का एक्सपोर्ट 25% से ज्‍यादा बढ़ा, जो कम्युनिस्ट देश की सख्‍त पाबंदियों को देखते हुए कोई मामूली बात नहीं है।

ओमान इसलिए बन गया है खास
फारस की खाड़ी के लिए अहम कड़ी होर्मुज स्‍ट्रेट की नाकेबंदी का मतलब यह हुआ है कि ओमान इस इलाके के लिए एक तरह का गेटवे बन गया है।

अग्रवाल ने कहा कि खाड़ी देश ने अपने तीन बंदरगाहों को भारतीय सामानों के लिए खोल दिया है ताकि उन्हें यूएई समेत दूसरे देशों तक भेजा जा सके। इनमें सोहर, सलालाह और डुक्म शामिल हैं। ओमान के साथ भारत ने इस महीने की शुरुआत में एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) किया था।

इन कोशिशों के नतीजे में पश्चिम एशिया को होने वाला एक्सपोर्ट लगभग पिछले साल के स्तर पर वापस आ गया है। हालांकि, एनर्जी सप्लाई में रुकावट की वजह से इंपोर्ट अभी भी लगभग 18% कम है।