Rupee vs Dollar: बड़े दिनों बाद रुपये में आई तेजी, डॉलर के मुकाबले 50 पैसे चढ़ गया भाव, कहां से मिला बूस्ट?
नई दिल्ली: सरकार ने विदेशी संस्थागत निवेशकों को बड़ी राहत दी है। उनके लिए सरकारी सिक्योरिटीज की बिक्री या उनसे मिलने वाले ब्याज से होने वाली कमाई पर कैपिटल गेन टैक्स खत्म कर दिया है। साथ ही आरबीआई ने विदेशी संस्थागत निवेशकों के लिए नियमों में छूट दी है। इससे आज डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को कारोबार के दौरान 50 पैसे चढ़कर 95.24 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। रुपये की कीमत में लंबे समय बाद इतनी तेजी आई है।

सरकार ने विदेशी संस्थागत निवेशकों और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स को सरकारी सिक्योरिटीज की बिक्री या उनसे मिलने वाले ब्याज से होने वाली कमाई पर कैपिटल गेन टैक्स खत्म कर दिया है। एक अध्यादेश के जरिए इससे जुड़े कानून में बदलाव किया गया है। मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक विदेशी निवेशकों को 12 महीने से ज्यादा समय तक रखे गए लिस्टेड शेयरों और बॉन्ड पर 12.5% लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होता है।
क्यों चढ़ा रुपया?विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि आरबीआई की नीतिगत घोषणाओं और लॉन्ग टर्म टैक्स गेन खत्म होने से निवेशकों की धारणा बेहतर हुई है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार बाहरी झटकों से बचाव के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करता है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया 95.72 पर खुला और फिर कारोबार के दौरान 95.24 तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 50 पैसे की वृद्धि है।
रुपया गुरुवार को डॉलर के मुकाबले दो पैसे बढ़कर 95.74 पर बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल के दाम में तेजी और इससे महंगाई पर पड़ने वाले असर को देखते हुए रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष में लगातार दूसरी बार प्रमुख नीतिगत दर रेपो को उम्मीद के मुताबिक 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा। इसके अलावा, आरबीआई ने प्रवासी भारतीयों और भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों के लिए इक्विटी से जुड़े उत्पादों में निवेश की सीमा बढ़ा दी है। (भाषा से इनपुट के साथ)
सरकार ने विदेशी संस्थागत निवेशकों और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स को सरकारी सिक्योरिटीज की बिक्री या उनसे मिलने वाले ब्याज से होने वाली कमाई पर कैपिटल गेन टैक्स खत्म कर दिया है। एक अध्यादेश के जरिए इससे जुड़े कानून में बदलाव किया गया है। मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक विदेशी निवेशकों को 12 महीने से ज्यादा समय तक रखे गए लिस्टेड शेयरों और बॉन्ड पर 12.5% लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होता है।
क्यों चढ़ा रुपया?विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि आरबीआई की नीतिगत घोषणाओं और लॉन्ग टर्म टैक्स गेन खत्म होने से निवेशकों की धारणा बेहतर हुई है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार बाहरी झटकों से बचाव के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करता है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया 95.72 पर खुला और फिर कारोबार के दौरान 95.24 तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 50 पैसे की वृद्धि है।
रुपया गुरुवार को डॉलर के मुकाबले दो पैसे बढ़कर 95.74 पर बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल के दाम में तेजी और इससे महंगाई पर पड़ने वाले असर को देखते हुए रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष में लगातार दूसरी बार प्रमुख नीतिगत दर रेपो को उम्मीद के मुताबिक 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा। इसके अलावा, आरबीआई ने प्रवासी भारतीयों और भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों के लिए इक्विटी से जुड़े उत्पादों में निवेश की सीमा बढ़ा दी है। (भाषा से इनपुट के साथ)
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