RBI Gold Sale: RBI के सोना बेचने वाली स्टोरी से ब्लूमबर्ग ने पल्ला झाड़ा, मान ली कैसे हुई थी गलती
नई दिल्ली: न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग ने हाल में एक खबर जारी की थी। इसमें दावा किया गया था कि आरबीआई ने चुपचाप 12 अरब डॉलर यानी करीब 1.14 लाख करोड़ रुपये का सोना बेच दिया। ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स की रिपोर्ट में अर्थशास्त्री अभिषेक गुप्ता के हवाले से यह दावा किया गया था कि केंद्रीय बैंक ने 22 मई को समाप्त हुए दो हफ्तों के भीतर यह सोना बेचा। इस मुद्दे पर अब सरकार की सफाई भी आई थी कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है और यह पूरी तरह फर्जी खबर है। अब ब्लूमबर्ग ने इस खबर को वापस ले लिया है।

ब्लूमबर्ग ने कहा कि उसने 2 जून को प्रकाशित स्टोरी वापस ले ली। यह ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के गलत एनालिसिस पर आधारित थी। इस आरबीआई के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू तय करने के लिए गलती से उसी दिन की घरेलू सोने की कीमतों का इस्तेमाल किया गया था। लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन की पिछले दिन की कीमतों का इस्तेमाल करने पर पता चलता है कि मई में आरबीआई सोने की होल्डिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ था।
सरकार की सफाईइस खबर पर काफी हंगामा मचा था और सरकार को बयान जारी करना पड़ा था। सरकार ने एक बयान में कहा कि इस खबर में सच्चाई नहीं है। आरबीआई के मुताबिक देश के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी सितंबर 2025 के अंत में 13.92% थी जो 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 16.70% और 22 मई 2026 तक 16.85% पहुंच गई।
आरबीआई ने अपने मासिक बुलेटिन में भी गोल्ड के फिजिकल स्टॉक के बारे में जानकारी दी है। आरबीआई के मुताबिक उसका गोल्ड स्टॉक 880.52 टन बना हुआ है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण भारत पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों और विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों को बचाने के लिए रिजर्व बैंक ने अपने सोने के भंडार का एक हिस्सा बेचा है। लेकिन अब उसने इस रिपोर्ट को वापस ले लिया है।
ब्लूमबर्ग ने कहा कि उसने 2 जून को प्रकाशित स्टोरी वापस ले ली। यह ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के गलत एनालिसिस पर आधारित थी। इस आरबीआई के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू तय करने के लिए गलती से उसी दिन की घरेलू सोने की कीमतों का इस्तेमाल किया गया था। लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन की पिछले दिन की कीमतों का इस्तेमाल करने पर पता चलता है कि मई में आरबीआई सोने की होल्डिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ था।
सरकार की सफाईइस खबर पर काफी हंगामा मचा था और सरकार को बयान जारी करना पड़ा था। सरकार ने एक बयान में कहा कि इस खबर में सच्चाई नहीं है। आरबीआई के मुताबिक देश के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी सितंबर 2025 के अंत में 13.92% थी जो 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 16.70% और 22 मई 2026 तक 16.85% पहुंच गई।
आरबीआई ने अपने मासिक बुलेटिन में भी गोल्ड के फिजिकल स्टॉक के बारे में जानकारी दी है। आरबीआई के मुताबिक उसका गोल्ड स्टॉक 880.52 टन बना हुआ है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण भारत पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों और विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों को बचाने के लिए रिजर्व बैंक ने अपने सोने के भंडार का एक हिस्सा बेचा है। लेकिन अब उसने इस रिपोर्ट को वापस ले लिया है।
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