Gold Rate Today: रूस से भर-भरकर आ रहा सोना, पूरे एशिया की डिमांड हो रही पूरी, देख लीजिए ये आंकड़े
नई दिल्ली: यूक्रेन युद्ध के बाद रूस एशियाई देशों के लिए कच्चे तेल का सबसे बड़ा सप्लायर बनकर उभरा है। भारत और चीन जैसे बड़े देश जमकर रूसी तेल की खरीदारी कर रहे हैं। अब रूस एशियाई बाजार में जमकर सोना बेच रहा है। इस साल के पहले सात महीनों में हॉन्ग कॉन्ग का रूस से सोने का आयात 14.4 अरब डॉलर पहुंच गया जो पिछले पूरे साल से 50% ज्यादा है। इतना ही नहीं यह 2023 और 2024 के मुकाबले तीन गुना है। हॉन्ग कॉन्ग से सोना पूरे एशिया में पहुंचता है।

पिछले साल हॉन्ग कॉन्ग ने रूस से कुल 9.6 अरब डॉलर का सोना आयात किया था। इस साल यह आंकड़ा कहीं पीछे छूट चुका है। यह बढ़ोतरी दिखाती है कि पश्चिमी देशों की पाबंदियों की वजह से लंदन और दूसरे पश्चिमी हब रूसी सोने के लिए बंद हो गए। इसके बाद रूसी सोने के एक्सपोर्ट का रुख एशियाई बाजारों की तरफ मुड़ गया।
रूस क्यों बेच रहा सोना?असल में हॉन्ग कॉन्ग में रूस से सोने के आयात पर कोई पाबंदी नहीं है। इसलिए यह एशियाई बाजार में आने वाले रूसी सोने के लिए एक बड़े ट्रेडिंग हब के तौर पर तेजी से उभर रहा है। जानकारों का कहना है कि रूस अपना सोना बेच रहा है क्योंकि यूक्रेन युद्ध के कारण रूसी सरकार का खर्च काफी बढ़ गया है। बजट घाटे को पूरा करने के लिए रूस ने अब तक लगभग 50 टन सोना बेच दिया है।
दुनिया के टॉप 10 गोल्ड प्रोड्यूसर्स (मात्रा मीट्रिक टन में) दुनिया के बड़े गोल्ड प्रोड्यूसर्सचीन के बाद रूस सोने का दूसरा बड़ा उत्पादक है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक उसका सालाना गोल्ड प्रोडक्शन 345 टन है जबकि चीन 384.3 टन के साथ पहले नंबर पर है। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, पेरू, घाना, अमेरिका, उजबेकिस्तान, मेक्सिको और इंडोनेशिया का नंबर है। भारत दुनिया में सोने का दूसरा बड़ा उत्पादक है लेकिन वह अपना अधिकांश सोना आयात करता है।
पिछले साल हॉन्ग कॉन्ग ने रूस से कुल 9.6 अरब डॉलर का सोना आयात किया था। इस साल यह आंकड़ा कहीं पीछे छूट चुका है। यह बढ़ोतरी दिखाती है कि पश्चिमी देशों की पाबंदियों की वजह से लंदन और दूसरे पश्चिमी हब रूसी सोने के लिए बंद हो गए। इसके बाद रूसी सोने के एक्सपोर्ट का रुख एशियाई बाजारों की तरफ मुड़ गया।
रूस क्यों बेच रहा सोना?असल में हॉन्ग कॉन्ग में रूस से सोने के आयात पर कोई पाबंदी नहीं है। इसलिए यह एशियाई बाजार में आने वाले रूसी सोने के लिए एक बड़े ट्रेडिंग हब के तौर पर तेजी से उभर रहा है। जानकारों का कहना है कि रूस अपना सोना बेच रहा है क्योंकि यूक्रेन युद्ध के कारण रूसी सरकार का खर्च काफी बढ़ गया है। बजट घाटे को पूरा करने के लिए रूस ने अब तक लगभग 50 टन सोना बेच दिया है।
दुनिया के टॉप 10 गोल्ड प्रोड्यूसर्स (मात्रा मीट्रिक टन में) दुनिया के बड़े गोल्ड प्रोड्यूसर्सचीन के बाद रूस सोने का दूसरा बड़ा उत्पादक है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक उसका सालाना गोल्ड प्रोडक्शन 345 टन है जबकि चीन 384.3 टन के साथ पहले नंबर पर है। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, पेरू, घाना, अमेरिका, उजबेकिस्तान, मेक्सिको और इंडोनेशिया का नंबर है। भारत दुनिया में सोने का दूसरा बड़ा उत्पादक है लेकिन वह अपना अधिकांश सोना आयात करता है।
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