Manufacturing Future: 'खुशकिस्मती या बदकिस्मती, मुझे नहीं पता', हर्ष गोयनका ने मैन्युफैक्चरिंग का भविष्‍य दिखा दिया

Newspoint
नई दिल्‍ली: आरपीजी ग्रुप के संस्‍थापक ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर एक वीडियो शेयर कर मैन्‍युफैक्‍चरिंग का भविष्‍य दिखा दिया है। उद्योगपति ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि उन्‍हें नहीं पता कि यह खुशकिस्मती है या बदकिस्मती। लेकिन, मैन्युफैक्चरिंग का फ्यूचर यही लगता है। करीब एक मिनट के इस वीडियो में बुजुर्ग महिला कर्मचारी सिलाई करते हुए दिखती हैं। अचानक उनके बीच एक मैनेजर आता है जो उनके हाथों में एक डिवाइस पहनने को जरूरी करने का निर्देश देता है। बाद में वह बताता है कि कैसे इन कर्मचारियों की जगह रोबोट से काम कराया जाएगा।
Hero Image

पोस्ट पर ताबड़तोड़ रिएक्शन
हर्ष गोयनका के शेयर किए गए वीडियो पर ताबड़तोड़ प्रतिक्रियाएं आई हैं। इसे खूब शेयर किया जा रहा है। उद्योग ने लिखा- 'खुशकिस्मती है या बदकिस्मती, मुझे नहीं पता। लेकिन, मैन्युफैक्चरिंग का भविष्य यही लगता है।'



महिला कर्मचारियों के हाथों में लगाई जाती है डिवाइसवीडियो में दिखता है कि कुछ बुजुर्ग महिलाएं सिलाई कर रही हैं। उनके बीच में एक शख्‍स आता है। वह कहता है, 'आज से सभी कर्मचारियों को काम करते समय यह डिवाइस पहनना जरूरी है। यह हाथों की हर हरकत, हर सिलाई, हर एडजस्टमेंट को रिकॉर्ड करता है ताकि एआई सिस्टम इस प्रक्रिया को बहुत ज्‍यादा एक्‍यूरेसी के साथ सीख सके।'

फिर वह शख्‍स एक मॉनिटरिंग वर्क स्‍टेशन में जाता है। वहां जाकर बताता है, 'सब कुछ यहां आता है। हाथ, उनकी हरकत, सिलाई। एआई यह सब देखता है और सीखता है।'

दावा- शायद कर्मचारियों की जरूरत न पड़े
वह आगे कहता है, 'कुछ समय बाद शायद हमें कर्मचारियों की जरूरत ही न रहे। काम के दौरान सोने की कोई जरूरत नहीं, एआई सब कुछ संभाल लेगा।'

इस दौरान वह शख्‍स दिखाता है कि कैसे सारे इनपुट सिस्‍टम में डाले जा रहे हैं। फिर वह दोबारा उत्‍साहित होकर रोबोट्स की भूमिका के बारे में बताता है।

वह कहता है, 'और यहीं पर जादू होता है। अब रोबोट ही सारी सिलाई करते हैं। वे ज्‍यादा तेज हैं, कोई ब्रेक नहीं लेते, कोई गलती नहीं करते। हमें बस अपने मौजूदा कर्मचारियों से मिले ज्‍यादा डेटा के जरिए उन्हें लगातार ट्रेन करते रहना है।'

आखिर में वह शख्‍स बोलता है, 'हम बहुत कम लोगों के साथ बहुत ज्‍यादा उत्पादन कर पा रहे हैं। और यही, मैन्युफैक्चरिंग का भविष्य है।'