Crude Oil Price: कच्चे तेल पर भारत को तीन महीने में पहली बार मिली गुड न्यूज, क्या पेट्रोल-डीजल की कीमत घटेगी?
नई दिल्ली: कच्चे तेल के मोर्चे पर भारत के लिए गुड न्यूज है। इंडियन ऑयल बास्केट की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है। 6 मार्च के बाद पहली बार ऐसा हुआ है। पिछले हफ्ते कच्चे तेल की कीमत में 11 फीसदी गिरावट आई। इससे भारतीय रिफाइनर्स के लिए कच्चे तेल की कीमत शुक्रवार को 97.52 डॉलर प्रति बैरल रह गई जबकि बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 91.12 डॉलर प्रति बैरल रह गया। ईरान युद्ध के बाद कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई थी लेकिन हाल में शांति की उम्मीदों के कारण इसमें गिरावट आई है।

कच्चे तेल की कीमत में गिरावट से रिफाइनर्स के लिए इनपुट कॉस्ट में कमी आने की उम्मीद है लेकिन इससे पूरी तरह उनके नुकसान की भरपाई नहीं होगी। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी पर सरकारी ऑयल कंपनियों को अब भी रोजाना 550 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। साथ ही रुपये की कीमत में गिरावट से भी उन्हें कच्चे तेल में गिरावट का ज्यादा फायदा नहीं मिलेगा। यानी पेट्रोल और डीजल की कीमत में फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
पेट्रोल-डीजल की कीमत
पश्चिम एशिया में युद्ध से होर्मुज की खाड़ी से जहाजों का आवाजाही ठप है। दुनिया का 20 फीसदी कच्चा तेल और गैस इसी रूट से गुजरती है। फरवरी में भारतीय ऑयल बास्केट की औसत कीमत 69 डॉलर प्रति बैरल थी जो अप्रैल में 114.5 डॉलर और मई में 106.83 डॉलर रही। भारत अपनी जरूरत का करीब 90 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। हाल में पेट्रोल और डीजल की कीमत में कई चरणों में बढ़ोतरी हुई है।
कच्चे तेल की कीमत में गिरावट से रिफाइनर्स के लिए इनपुट कॉस्ट में कमी आने की उम्मीद है लेकिन इससे पूरी तरह उनके नुकसान की भरपाई नहीं होगी। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी पर सरकारी ऑयल कंपनियों को अब भी रोजाना 550 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। साथ ही रुपये की कीमत में गिरावट से भी उन्हें कच्चे तेल में गिरावट का ज्यादा फायदा नहीं मिलेगा। यानी पेट्रोल और डीजल की कीमत में फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
पेट्रोल-डीजल की कीमत
पश्चिम एशिया में युद्ध से होर्मुज की खाड़ी से जहाजों का आवाजाही ठप है। दुनिया का 20 फीसदी कच्चा तेल और गैस इसी रूट से गुजरती है। फरवरी में भारतीय ऑयल बास्केट की औसत कीमत 69 डॉलर प्रति बैरल थी जो अप्रैल में 114.5 डॉलर और मई में 106.83 डॉलर रही। भारत अपनी जरूरत का करीब 90 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। हाल में पेट्रोल और डीजल की कीमत में कई चरणों में बढ़ोतरी हुई है।
Next Story