थलपति विजय सरकार का बड़ा दांव, Starbucks के साथ हुई डील, 800 नौकरियों के अवसर, 35 लाख तक सैलरी
नई दिल्ली: तमिलनाडु की सी जोसेफ विजय उर्फ थलपति विजय सरकार ने दुनिया की मशहूर कॉफी कंपनी स्टारबक्स के साथ बड़ी डील की है। Starbucks Coffee Company चेन्नई में अपना टेक्नोलॉजी हब स्थापित करने जा रही है। खास बात यह है कि यह अमेरिका के बाहर कंपनी का पहला कॉरपोरेट टेक्नोलॉजी हब होगा। तमिलनाडु सरकार ने 21 सितंबर को इसकी जानकारी दी।
स्टारबक्स ने टेक्नोलॉजी हब स्थापित करने के लिए तमिलनाडु सरकार के साथ एमओयू साइन किया है। इस सेंटर के जरिए करीब 800 नौकरियों के अवसर पैदा होंगे। सूत्रों के मुताबिक, इन नौकरियों में मेडियन सैलरी करीब 35 लाख रुपये सालाना हो सकती है। हालांकि, भर्ती एक साथ नहीं होगी। कंपनी अपनी कारोबारी जरूरतों के मुताबिक अलग-अलग चरणों में नियुक्तियां करेगी।

अमेरिका के बाद चेन्नई में बड़ा टेक सेंटरचेन्नई का यह हब Starbucks की ग्लोबल टेक्नोलॉजी क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करेगा। फिलहाल कंपनी के टेक्नोलॉजी सेंटर अमेरिका के Seattle और Nashville में हैं। चेन्नई सेंटर स्टारबक्स के ग्लोबल बिजनेस को सपोर्ट करेगा और अमेरिका समेत दूसरे देशों में मौजूद कंपनी की टेक्नोलॉजी और बिजनेस टीमों के साथ मिलकर काम करेगा।
Tata के साथ रिटेल कारोबार से अलग होगास्टारबक्स का चेन्नई टेक्नोलॉजी हब भारत में टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के साथ उसके रिटेल जॉइंट वेंचर से अलग काम करेगा। यानी इसका सीधा संबंध देश में स्टारबक्स के कैफे कारोबार से नहीं होगा।
चेन्नई को क्यों चुना?स्टारबक्स ने चेन्नई को चुनने के पीछे यहां मौजूद मजबूत टेक्नोलॉजी टैलेंट पूल, इंजीनियरिंग इकोसिस्टम, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कर्मचारियों की अच्छी रिटेंशन दर और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को वजह बताया है। कंपनी के मुताबिक, ये खूबियां भारत में उसकी टेक्नोलॉजी क्षमताओं के विस्तार में मदद करेंगी।
तमिलनाडु की GCC पॉलिसी से भी फायदास्टारबक्स का यह निवेश ऐसे समय में आया है, जब तमिलनाडु सरकार ग्लोबल कंपनियों को राज्य में Global Capability Centres (GCCs) स्थापित करने के लिए आकर्षित कर रही है।
राज्य की GCC स्पेशल स्कीम 2024-2027 के तहत पात्र ग्लोबल कंपनियों को हाई-पेइंग नौकरियों के लिए तीन साल तक पेरोल सब्सिडी दी जाती है। इसमें पहले साल 30%, दूसरे साल 20% और तीसरे साल 10% तक की सब्सिडी शामिल है।
स्टारबक्स ने टेक्नोलॉजी हब स्थापित करने के लिए तमिलनाडु सरकार के साथ एमओयू साइन किया है। इस सेंटर के जरिए करीब 800 नौकरियों के अवसर पैदा होंगे। सूत्रों के मुताबिक, इन नौकरियों में मेडियन सैलरी करीब 35 लाख रुपये सालाना हो सकती है। हालांकि, भर्ती एक साथ नहीं होगी। कंपनी अपनी कारोबारी जरूरतों के मुताबिक अलग-अलग चरणों में नियुक्तियां करेगी।
अमेरिका के बाद चेन्नई में बड़ा टेक सेंटरचेन्नई का यह हब Starbucks की ग्लोबल टेक्नोलॉजी क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करेगा। फिलहाल कंपनी के टेक्नोलॉजी सेंटर अमेरिका के Seattle और Nashville में हैं। चेन्नई सेंटर स्टारबक्स के ग्लोबल बिजनेस को सपोर्ट करेगा और अमेरिका समेत दूसरे देशों में मौजूद कंपनी की टेक्नोलॉजी और बिजनेस टीमों के साथ मिलकर काम करेगा।
Tata के साथ रिटेल कारोबार से अलग होगास्टारबक्स का चेन्नई टेक्नोलॉजी हब भारत में टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के साथ उसके रिटेल जॉइंट वेंचर से अलग काम करेगा। यानी इसका सीधा संबंध देश में स्टारबक्स के कैफे कारोबार से नहीं होगा।
चेन्नई को क्यों चुना?स्टारबक्स ने चेन्नई को चुनने के पीछे यहां मौजूद मजबूत टेक्नोलॉजी टैलेंट पूल, इंजीनियरिंग इकोसिस्टम, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कर्मचारियों की अच्छी रिटेंशन दर और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को वजह बताया है। कंपनी के मुताबिक, ये खूबियां भारत में उसकी टेक्नोलॉजी क्षमताओं के विस्तार में मदद करेंगी।
तमिलनाडु की GCC पॉलिसी से भी फायदास्टारबक्स का यह निवेश ऐसे समय में आया है, जब तमिलनाडु सरकार ग्लोबल कंपनियों को राज्य में Global Capability Centres (GCCs) स्थापित करने के लिए आकर्षित कर रही है।
राज्य की GCC स्पेशल स्कीम 2024-2027 के तहत पात्र ग्लोबल कंपनियों को हाई-पेइंग नौकरियों के लिए तीन साल तक पेरोल सब्सिडी दी जाती है। इसमें पहले साल 30%, दूसरे साल 20% और तीसरे साल 10% तक की सब्सिडी शामिल है।
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