Bengal Election 2026: बंगाल में BJP जीती तो क्या शेयर बाजार मारेगा फर्राटा? कोटक ने बताया 4 मई को कैसा रहेगा मार्केट का मूड
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे सोमवार 4 मई को आने वाले हैं। इस बीच कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Kotak Institutional Equities) ने रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि चुनाव परिणामों का भारतीय शेयर बाजार पर क्या असर पड़ सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार अगर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जीत दर्ज करती है, तो शेयर बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। बिजनेस टुडे के मुताबिक कोटक ने कहा कि एग्जिट पोल के नतीजे 4 मई को सही साबित होते हैं, तो भारतीय शेयरों में अल्पकालिक तेजी आ सकती है। वहीं अन्य राज्यों (असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी) में भी अगर मौजूदा सरकारों की वापसी होती है, तो बाजार इसे स्थिरता के संकेत के रूप में देखेगा और निवेशकों में उत्साह बढ़ेगा।
क्रूड ऑयल बिगाड़ सकता है खेलहालांकि, ब्रोकरेज ने आगाह किया है कि चुनावी जीत से मिलने वाली यह तेजी ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएगी। इसके ये कारण बताए हैं:
अगले 10 महीने होंगे महत्वपूर्णसाल 2026 के इन विधानसभा चुनावों के बाद अगले 10 महीनों तक कोई बड़ा चुनाव नहीं है। कोटक को उम्मीद है कि इस 'इलेक्शन-फ्री' समय में सरकार कड़े फैसले ले सकती है। इनमें ये शामिल हो सकते हैं:
कैसी रही बाजार की स्थिति?कल यानी शुक्रवार को महाराष्ट्र दिवस के कारण भारतीय शेयर बाजार बंद रहे। इससे पहले गुरुवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई थी। विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल के अनुमान से बढ़ी अनिश्चितता के कारण भी निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा। वहीं वैश्विक और घरेलू अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
गुरुवार को आखिर में सेंसेक्स 582.86 अंक यानी 0.75% गिरावट के साथ 76,913.50 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी भी 180.10 अंक यानी 0.74% फिसलकर 23,997.55 अंक पर आ गया। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 1200 अंक से ज्यादा गिर गया था, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी 50 इंडेक्स में 300 अंकों से ज्यादा की गिरावट आई।
रिपोर्ट के अनुसार अगर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जीत दर्ज करती है, तो शेयर बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। बिजनेस टुडे के मुताबिक कोटक ने कहा कि एग्जिट पोल के नतीजे 4 मई को सही साबित होते हैं, तो भारतीय शेयरों में अल्पकालिक तेजी आ सकती है। वहीं अन्य राज्यों (असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी) में भी अगर मौजूदा सरकारों की वापसी होती है, तो बाजार इसे स्थिरता के संकेत के रूप में देखेगा और निवेशकों में उत्साह बढ़ेगा।
क्रूड ऑयल बिगाड़ सकता है खेलहालांकि, ब्रोकरेज ने आगाह किया है कि चुनावी जीत से मिलने वाली यह तेजी ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएगी। इसके ये कारण बताए हैं:
- कोटक के मुताबिक, किसी भी रैली की मजबूती का असली परीक्षण कच्चे तेल की कीमतों से होगा। तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ा अल्पकालिक जोखिम है।
- चुनाव खत्म होने के बाद सरकार का ध्यान तेल की ऊंची कीमतों, मानसून की अनिश्चितता के कारण खाद्य मुद्रास्फीति और बढ़ते चालू खाता घाटे को संभालने पर होगा। इससे बाजार में गिरावट देखी जा सकती है।
अगले 10 महीने होंगे महत्वपूर्णसाल 2026 के इन विधानसभा चुनावों के बाद अगले 10 महीनों तक कोई बड़ा चुनाव नहीं है। कोटक को उम्मीद है कि इस 'इलेक्शन-फ्री' समय में सरकार कड़े फैसले ले सकती है। इनमें ये शामिल हो सकते हैं:
- ऊर्जा सब्सिडी को तर्कसंगत बनाना।
- भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना।उन सुधारों को गति देना जो राजनैतिक कारणों से धीमे चल रहे थे।
कैसी रही बाजार की स्थिति?कल यानी शुक्रवार को महाराष्ट्र दिवस के कारण भारतीय शेयर बाजार बंद रहे। इससे पहले गुरुवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई थी। विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल के अनुमान से बढ़ी अनिश्चितता के कारण भी निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा। वहीं वैश्विक और घरेलू अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
गुरुवार को आखिर में सेंसेक्स 582.86 अंक यानी 0.75% गिरावट के साथ 76,913.50 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी भी 180.10 अंक यानी 0.74% फिसलकर 23,997.55 अंक पर आ गया। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 1200 अंक से ज्यादा गिर गया था, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी 50 इंडेक्स में 300 अंकों से ज्यादा की गिरावट आई।
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