पीएम मोदी की अपील के बीच सोने-चांदी पर सरकार का बड़ा फैसला, फेस्टिव सीजन के बीच महंगी हो जाएगी खरीदारी?
नई दिल्ली: फेस्टिव सीजन के बीच सरकार ने सोने और चांदी पर बड़ा फैसला लिया है। सोने, चांदी और प्लैटिनम के आयात पर बैंकों और नामित एजेंसियों को 1 अप्रैल, 2026 से तीन प्रतिशत इंटिग्रेटेड जीएसटी (आईजीएसटी) देना होगा। सोने और कीमती धातुओं के आयात पर आईजीएसटी से छूट पाने वाले नामित बैंकों और एजेंसियों की सूची को 31 मार्च, 2026 के बाद आगे नहीं बढ़ाया गया है। इस टैक्स के कारण देश में सोने का आयात महंगा हो जाएगा।

रेवेन्यू सेक्रेटरी अरविंद श्रीवास्तव ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने जीएसटी परिषद की बैठक में यह जानकारी दी कि सोने और कीमती धातुओं के आयात पर आईजीएसटी से छूट पाने वाले नामित बैंकों और एजेंसियों की सूची को 31 मार्च, 2026 के बाद आगे नहीं बढ़ाया गया है। यह कदम बुलियन एवं अन्य माध्यमों से होने वाले सोने और अन्य कीमती धातुओं के आयात पर लगने वाले करों में समानता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
कब शुरू हुई थी व्यवस्था?सोने, चांदी और प्लैटिनम के आयात पर तीन प्रतिशत आईजीएसटी लगता है। हालांकि, 1 अप्रैल, 2026 से पहले बैंकों और सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित नामित एजेंसियों द्वारा इन कीमती धातुओं के आयात पर आईजीएसटी से छूट मिलती थी। सरकार ने इस साल 1 अप्रैल को नामित बैंकों एवं एजेंसियों की सूची को अधिसूचित नहीं किया। दरअसल, कीमती धातुओं के आयात से विदेशी मुद्रा की बड़े पैमाने पर हुई निकासी सरकार के लिए चिंता का विषय बन गई थी।
यह छूट 2017 में सोने के लिए शुरू की गई थी और बाद में इसे चांदी और प्लैटिनम तक बढ़ा दिया गया। इससे इंपोर्टर्स को IGST देने से राहत मिली थी। यह राहत अप्रूव्ड ट्रेडर्स के जरिए बुलियन के फ्लो को आसान बनाने के लिए डिजाइन की गई थी। अब इस छूट के खत्म होने से इन इंपोर्टर्स के लिए सोने का आयात ज्यादा महंगा हो जाएगा।
प्रधानमंत्री की अपीलभारत, चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता है और सोने का आयात मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग से संचालित होता है। सरकार ने मई में कीमती धातुओं के गैर-जरूरी आयात पर अंकुश लगाने के लिए सोने एवं चांदी पर आयात शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था जबकि प्लैटिनम पर शुल्क 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया था।
ईरान पर अमेरिका-इजराइल हमले से छिड़े संघर्ष के बीच आयात बिल बढ़ने से रुपये पर दबाव बढ़ने लगा। इसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से सोने की खरीद से बचने की अपील की थी। वित्त वर्ष 2026-27 के अप्रैल-अगस्त में सोने का आयात 3.38 प्रतिशत बढ़कर 17.47 अरब डॉलर हो गया, जबकि चांदी का आयात 8.81 प्रतिशत घटकर 1.74 अरब डॉलर रहा।
रेवेन्यू सेक्रेटरी अरविंद श्रीवास्तव ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने जीएसटी परिषद की बैठक में यह जानकारी दी कि सोने और कीमती धातुओं के आयात पर आईजीएसटी से छूट पाने वाले नामित बैंकों और एजेंसियों की सूची को 31 मार्च, 2026 के बाद आगे नहीं बढ़ाया गया है। यह कदम बुलियन एवं अन्य माध्यमों से होने वाले सोने और अन्य कीमती धातुओं के आयात पर लगने वाले करों में समानता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
कब शुरू हुई थी व्यवस्था?सोने, चांदी और प्लैटिनम के आयात पर तीन प्रतिशत आईजीएसटी लगता है। हालांकि, 1 अप्रैल, 2026 से पहले बैंकों और सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित नामित एजेंसियों द्वारा इन कीमती धातुओं के आयात पर आईजीएसटी से छूट मिलती थी। सरकार ने इस साल 1 अप्रैल को नामित बैंकों एवं एजेंसियों की सूची को अधिसूचित नहीं किया। दरअसल, कीमती धातुओं के आयात से विदेशी मुद्रा की बड़े पैमाने पर हुई निकासी सरकार के लिए चिंता का विषय बन गई थी।
यह छूट 2017 में सोने के लिए शुरू की गई थी और बाद में इसे चांदी और प्लैटिनम तक बढ़ा दिया गया। इससे इंपोर्टर्स को IGST देने से राहत मिली थी। यह राहत अप्रूव्ड ट्रेडर्स के जरिए बुलियन के फ्लो को आसान बनाने के लिए डिजाइन की गई थी। अब इस छूट के खत्म होने से इन इंपोर्टर्स के लिए सोने का आयात ज्यादा महंगा हो जाएगा।
प्रधानमंत्री की अपीलभारत, चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता है और सोने का आयात मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग से संचालित होता है। सरकार ने मई में कीमती धातुओं के गैर-जरूरी आयात पर अंकुश लगाने के लिए सोने एवं चांदी पर आयात शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था जबकि प्लैटिनम पर शुल्क 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया था।
ईरान पर अमेरिका-इजराइल हमले से छिड़े संघर्ष के बीच आयात बिल बढ़ने से रुपये पर दबाव बढ़ने लगा। इसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से सोने की खरीद से बचने की अपील की थी। वित्त वर्ष 2026-27 के अप्रैल-अगस्त में सोने का आयात 3.38 प्रतिशत बढ़कर 17.47 अरब डॉलर हो गया, जबकि चांदी का आयात 8.81 प्रतिशत घटकर 1.74 अरब डॉलर रहा।
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