अमेरिका से लेकर साउथ कोरिया और जापान तक शेयर बाजार में हाहाकार, फिर भारत में कैसे हुआ चमत्कार?
नई दिल्ली: अमेरिकी शेयर बाजार में पिछले सत्र में भारी गिरावट आई। जापान का शेयर बाजार भी आज करीब 5 फीसदी लुढ़क गया जबकि साउथ कोरिया का कोस्पी भी 8 फीसदी गिर गया। लेकिन भारतीय बाजार में आज भारी तेजी देखने को मिल रही है। बीएसई सेंसेक्स कारोबार के दौरान करीब 1,500 अंक उछल गया जबकि निफ्टी 400 अंक से ज्यादा उछाल के बाद फिर से 23,000 अंक के पार चला गया। ग्लोबल मार्केट में हाहाकार के बीच भारतीय बाजार में कैसे हुआ यह चमत्कार?

बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई। इसकी मुख्य वजह महंगाई के ऊंचे आंकड़े और टेक्नोलॉजी तथा सेमीकंडक्टर शेयरों में भारी बिकवाली रही। नैस्डैक कंपोजिट में 1.88%, S&P 500 में 1.11% और डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.09% गिरावट रही। इसका असर एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का Kospi करीब 8% गिर गया। जापान का Nikkei 225 करीब 4.4% नीचे आया, जबकि हैंग सेंग इंडेक्स में 1% की गिरावट आई। चीन का CSI 300 इंडेक्स 1.41% गिर गया। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 इंडेक्स 0.85% नीचे रहा।
भारत में तेजीइसके उलट भारतीय बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। बुधवार की गिरावट के बाद गुरुवार को निफ्टी और सेंसेक्स में जोरदार वापसी देखने को मिली। IT, बैंकिंग और कंज्यूमर शेयरों में आई तेजी ने दलाल स्ट्रीट का माहौल सुधार दिया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,500 अंकों से ज्यादा की तेजी के साथ 74,330.29 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 400 अंकों से ज्यादा चढ़कर वापस 23,000 के पार पहुंच गया। तेजी के पीछे मुख्य कारण इस प्रकार रहे:
1) IT शेयरों में लगातार तेजीबेहतर नतीजों और AI से जुड़े शेयरों में बिकवाली के बीच, TCS, इन्फोसिस, HCL टेक और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों में लगातार तीसरे सत्र में तेजी देखने को मिली। भारतीय बाजार के नजरिए से AI शेयरों में आई गिरावट एक सकारात्मक बात है। FIIs भारतीय शेयरों को बेचकर AI शेयरों में निवेश कर रहे थे, वे अब इस ट्रेंड को रोक सकते हैं। वित्त मंत्रालय के LTCG टैक्स पर फिर से विचार किए जाने के संकेत मिल रहे हैं। इससे बाजार में मजबूती बनी रह सकती है।
2) कच्चे तेल में गिरावटगुरुवार को तेल की कीमतों में 1 डॉलर से ज्यादा की गिरावट आई। अमेरिका जहाजों पर लगे प्रतिबंधों में ढील देकर पेट्रोलियम ट्रांसपोर्ट की कॉस्ट को कम करने की कोशिश कर रहा है। दूसरी तरफ होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों के कारण सप्लाई में रुकावट का खतरा बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.76 डॉलर (1.75%) गिरकर 104 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
3) रुपये में मजबूतीभारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.2% की तेजी के साथ 94.92 पर खुला। पिछले सत्र में यह 95.15 पर बंद हुआ था। डॉलर पिछले सत्र में 18 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन आज उसमें गिरावट आई है। जानकारों का कहना है कि डॉलर में कमजोरी दिख रही है। MACD इंडिकेटर भी नेगेटिव क्रॉसओवर दिखा रहा है, हालांकि यह पेयर 'ओवरसोल्ड' जोन में है। इसमें तुरंत सपोर्ट 95.05-94.80 के स्तर पर है, जबकि रेजिस्टेंस 95.4500-95.80 के आसपास दिख रहा है।
4) सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी15 अक्टूबर यानी आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है। एक्सपायरी के दिन बाजार में तेज उतार-चढ़ाव आ सकता है, क्योंकि ट्रेडर अपनी फ्यूचर्स और ऑप्शंस पोजीशन को या तो क्लोज करते हैं या फिर आगे के लिए रोलओवर करते हैं। 'शॉर्ट कवरिंग' से इंडेक्स ऊपर जा सकता है, जबकि नई बिकवाली और लॉन्ग अनवाइंडिंग इसे नीचे खींच सकती है।
बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई। इसकी मुख्य वजह महंगाई के ऊंचे आंकड़े और टेक्नोलॉजी तथा सेमीकंडक्टर शेयरों में भारी बिकवाली रही। नैस्डैक कंपोजिट में 1.88%, S&P 500 में 1.11% और डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.09% गिरावट रही। इसका असर एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का Kospi करीब 8% गिर गया। जापान का Nikkei 225 करीब 4.4% नीचे आया, जबकि हैंग सेंग इंडेक्स में 1% की गिरावट आई। चीन का CSI 300 इंडेक्स 1.41% गिर गया। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 इंडेक्स 0.85% नीचे रहा।
भारत में तेजीइसके उलट भारतीय बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। बुधवार की गिरावट के बाद गुरुवार को निफ्टी और सेंसेक्स में जोरदार वापसी देखने को मिली। IT, बैंकिंग और कंज्यूमर शेयरों में आई तेजी ने दलाल स्ट्रीट का माहौल सुधार दिया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,500 अंकों से ज्यादा की तेजी के साथ 74,330.29 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 400 अंकों से ज्यादा चढ़कर वापस 23,000 के पार पहुंच गया। तेजी के पीछे मुख्य कारण इस प्रकार रहे:
1) IT शेयरों में लगातार तेजीबेहतर नतीजों और AI से जुड़े शेयरों में बिकवाली के बीच, TCS, इन्फोसिस, HCL टेक और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों में लगातार तीसरे सत्र में तेजी देखने को मिली। भारतीय बाजार के नजरिए से AI शेयरों में आई गिरावट एक सकारात्मक बात है। FIIs भारतीय शेयरों को बेचकर AI शेयरों में निवेश कर रहे थे, वे अब इस ट्रेंड को रोक सकते हैं। वित्त मंत्रालय के LTCG टैक्स पर फिर से विचार किए जाने के संकेत मिल रहे हैं। इससे बाजार में मजबूती बनी रह सकती है।
2) कच्चे तेल में गिरावटगुरुवार को तेल की कीमतों में 1 डॉलर से ज्यादा की गिरावट आई। अमेरिका जहाजों पर लगे प्रतिबंधों में ढील देकर पेट्रोलियम ट्रांसपोर्ट की कॉस्ट को कम करने की कोशिश कर रहा है। दूसरी तरफ होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों के कारण सप्लाई में रुकावट का खतरा बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.76 डॉलर (1.75%) गिरकर 104 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
3) रुपये में मजबूतीभारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.2% की तेजी के साथ 94.92 पर खुला। पिछले सत्र में यह 95.15 पर बंद हुआ था। डॉलर पिछले सत्र में 18 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन आज उसमें गिरावट आई है। जानकारों का कहना है कि डॉलर में कमजोरी दिख रही है। MACD इंडिकेटर भी नेगेटिव क्रॉसओवर दिखा रहा है, हालांकि यह पेयर 'ओवरसोल्ड' जोन में है। इसमें तुरंत सपोर्ट 95.05-94.80 के स्तर पर है, जबकि रेजिस्टेंस 95.4500-95.80 के आसपास दिख रहा है।
4) सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी15 अक्टूबर यानी आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है। एक्सपायरी के दिन बाजार में तेज उतार-चढ़ाव आ सकता है, क्योंकि ट्रेडर अपनी फ्यूचर्स और ऑप्शंस पोजीशन को या तो क्लोज करते हैं या फिर आगे के लिए रोलओवर करते हैं। 'शॉर्ट कवरिंग' से इंडेक्स ऊपर जा सकता है, जबकि नई बिकवाली और लॉन्ग अनवाइंडिंग इसे नीचे खींच सकती है।
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