भारत के बजाय चीन जा रहा अमेरिका का बादाम! दिवाली से पहले रेकॉर्ड हाई पर पहुंची ड्राई फूट्स की कीमत
नई दिल्ली: इस दिवाली गिफ्ट देना महंगा पड़ सकता है क्योंकि ड्राई फ्रूट्स की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं। सितंबर 2025 से जीएसटी में कटौती के बावजूद पिछले साल के मुकाबले इनके दाम 70% तक बढ़ गए हैं। सितंबर 2025 में नट्स पर जीएसटी को 12% से घटाकर 5% कर दिया गया था। व्यापारियों और इंपोर्टर्स का कहना है कि त्योहारों के दौरान ज्यादा मांग की वजह से कीमतें और भी बढ़ सकती हैं।
ईटी की एक रिपोर्ट क मुताबिक पिछली दिवाली के मुकाबले पिस्ता की कीमतों में 60-70% और बादाम की कीमतों में 25% की बढ़ोतरी हुई है। इसके कई कारण हैं। ईरान और अफगानिस्तान जैसे देशों से सप्लाई में गिरावट आई है। साथ ही दुनिया भर में बादाम का कम उत्पादन हुआ है। साथ ही ट्रांसपोर्ट का ज्यादा खर्च बढ़ा है और रुपये के कमजोर होने से इंपोर्ट चार्ज बढ़ गया है।

कितनी बढ़ी कीमत?नट्स एंड ड्राई फ्रूट्स काउंसिल (इंडिया) के प्रेसिडेंट गुंजन जैन ने कहा, "बादाम, पिस्ता, किशमिश, अखरोट वगैरह समेत लगभग सभी नट्स और ड्राई फ्रूट्स की कीमतें अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर हैं।" ट्रेड डेटा के मुताबिक पिछली दिवाली के मुकाबले काजू की कीमतों में 5-8%, किशमिश में 2-5%, खजूर में 5-10% और अंजीर में 5-15% की बढ़ोतरी हुई है।
भारतीय मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले पेशावरी पिस्ता की कीमत रिकॉर्ड ₹4,000 प्रति किलो तक पहुंच गई है, जो पिछले छह महीनों में लगभग 40% बढ़ी है। इंपोर्टर्स का कहना है कि अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से ईरान और अफगानिस्तान से नट्स और ड्राई फ्रूट्स मंगाने में सप्लाई की दिक्कतें आ रही हैं। छिलके वाले पिस्ता की थोक कीमत पिछले साल के मुकाबले लगभग 74% बढ़कर ₹1,650 प्रति किलो हो गई है।
चीन को प्राथमिकतापिछले दो महीनों में कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जैन ने कहा, "भारत के लिए खजूर का मुख्य स्रोत मिडिल ईस्ट है और वहां से फ्रेट का खर्च बढ़ने के कारण खजूर की कीमतें बढ़ गई हैं।" ड्राई फ्रूट कंपनी Class Alzone के मैनेजिंग डायरेक्टर रवींद्र मेहता ने कहा, "कई वजहों से नट्स और ड्राई फ्रूट्स की कीमतें आसमान छू रही हैं। हालांकि, बदलती जियो-पॉलिटिकल स्थिति के कारण पिछले कुछ महीनों में कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है।"
कैलिफोर्निया के बादाम इम्पोर्ट करने वालों ने बताया कि अमेरिका से शिपमेंट में देरी हो रही है क्योंकि शिपिंग कंपनियां चीन को प्राथमिकता दे रही हैं, जो भारत की तुलना में ज्यादा फ्रेट रेट दे रहा है। मेहता ने कहा, "खाद का कम इस्तेमाल होने के कारण कैलिफोर्निया में नई फसल के पहले के अनुमान से काफी कम होने की उम्मीद है।"
ईटी की एक रिपोर्ट क मुताबिक पिछली दिवाली के मुकाबले पिस्ता की कीमतों में 60-70% और बादाम की कीमतों में 25% की बढ़ोतरी हुई है। इसके कई कारण हैं। ईरान और अफगानिस्तान जैसे देशों से सप्लाई में गिरावट आई है। साथ ही दुनिया भर में बादाम का कम उत्पादन हुआ है। साथ ही ट्रांसपोर्ट का ज्यादा खर्च बढ़ा है और रुपये के कमजोर होने से इंपोर्ट चार्ज बढ़ गया है।
कितनी बढ़ी कीमत?नट्स एंड ड्राई फ्रूट्स काउंसिल (इंडिया) के प्रेसिडेंट गुंजन जैन ने कहा, "बादाम, पिस्ता, किशमिश, अखरोट वगैरह समेत लगभग सभी नट्स और ड्राई फ्रूट्स की कीमतें अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर हैं।" ट्रेड डेटा के मुताबिक पिछली दिवाली के मुकाबले काजू की कीमतों में 5-8%, किशमिश में 2-5%, खजूर में 5-10% और अंजीर में 5-15% की बढ़ोतरी हुई है।
भारतीय मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले पेशावरी पिस्ता की कीमत रिकॉर्ड ₹4,000 प्रति किलो तक पहुंच गई है, जो पिछले छह महीनों में लगभग 40% बढ़ी है। इंपोर्टर्स का कहना है कि अमेरिका-ईरान युद्ध
चीन को प्राथमिकतापिछले दो महीनों में कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जैन ने कहा, "भारत के लिए खजूर का मुख्य स्रोत मिडिल ईस्ट है और वहां से फ्रेट का खर्च बढ़ने के कारण खजूर की कीमतें बढ़ गई हैं।" ड्राई फ्रूट कंपनी Class Alzone के मैनेजिंग डायरेक्टर रवींद्र मेहता ने कहा, "कई वजहों से नट्स और ड्राई फ्रूट्स की कीमतें आसमान छू रही हैं। हालांकि, बदलती जियो-पॉलिटिकल स्थिति के कारण पिछले कुछ महीनों में कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है।"
कैलिफोर्निया के बादाम इम्पोर्ट करने वालों ने बताया कि अमेरिका से शिपमेंट में देरी हो रही है क्योंकि शिपिंग कंपनियां चीन को प्राथमिकता दे रही हैं, जो भारत की तुलना में ज्यादा फ्रेट रेट दे रहा है। मेहता ने कहा, "खाद का कम इस्तेमाल होने के कारण कैलिफोर्निया में नई फसल के पहले के अनुमान से काफी कम होने की उम्मीद है।"
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