B52 Bomber Price: दुनिया में केवल अमेरिका के पास है बी-52 बॉम्बर, किस कंपनी ने बनाया है और कितनी है कीमत?
नई दिल्ली: अमेरिका में एक बी-52 बमवर्षक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से आठ क्रू मेंबर की मौत हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक यह विमान राडार आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत एक टेस्ट कर रहा था। इसने सोमवार सुबह कैलिफोर्निया के एडवर्ड्स एयर फ़ोर्स बेस से उड़ान भरी थी लेकिन कुछ ही देर में यह क्रैश हो गया। यह 1982 के बाद से बी-52 विमान का सबसे घातक क्रैश है। केवल अमेरिका की एयर फोर्स ही बी-52 विमानों को ऑपरेट करती है। किसी दूसरे देश को इस विमान को बेचने या लीज पर देने की अनुमति नहीं है। जानिए किस कंपनी ने बनाया था यह विमान और कितनी है इसकी कीमत।

बी-52 विमान अमेरिकी एयरफोर्स के सबसे पुराने विमानों में से एक है। बोइंग कंपनी द्वारा बनाए गए इस विमान को पहली बार साल 1955 में वायुसेना में शामिल किया गया था। लंबी दूरी तक मार करने वाले इस भारी बमवर्षक में आमतौर पांच क्रू मेंबर होते हैं। यह 70,000 पाउंड तक बम और अन्य हथियार ले जा सकता है। बोइंग ने 1962 से ही इसे बनाना बंद कर दिया था। लेकिन कई लाइफ-एक्सटेंशन प्रोग्राम के जरिए इसके एयरफ्रेम को मॉडर्न बनाया गया है।
क्या है खूबी?
अमेरिकी वायुसेना अभी इसके B-52H वर्जन का यूज कर रही है। क्रैश से पहले उसके पास ऐसे 76 विमान मौजूद थे। अमेरिका और ईरान के बीच हाल में हुए संघर्ष के दौरान बॉम्बिंग मिशन में इसका इस्तेमाल किया गया था। B-52H परमाणु बम और परमाणु हथियार वाली क्रूज मिसाइल ले जाने में सक्षम है। इसकी ऑपरेटिंग कॉस्ट 70,000 डॉलर प्रति घंटा है जबकि बी-2ए की ऑपरेटिंग कॉस्ट $160,000 प्रति घंटे है।
बोइंग का बनाया यह बॉम्बर 1962 से नहीं बन रहा है, हालांकि कई 'लाइफ-एक्सटेंशन' (उम्र बढ़ाने वाले) प्रोग्राम के जरिए इसके एयरफ्रेम को मॉडर्न बनाया गया है और इसे उड़ाया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूएस एयर फ़ोर्स ने हाल ही में B-52 को अपग्रेड करने का एक और प्रोग्राम शुरू किया है। इसमें नए इंजन डिजाइन करने पर फोकस किया गया है और इसकी कुल अनुमानित लागत $48.6 बिलियन है।
कितनी है कीमत?
सोमवार को हादसे का शिकार हुआ विमान B-52H स्ट्रैटोफोर्ट्रेस था। इसकी मौजूदा कीमत के बारे में कोई डेटा उपलब्ध नहीं है। लेकिन अमेरिकी एयर फोर्स के डेटा के मुताबिक 2012 में इसकी एक यूनिट की कीमत $84 मिलियन थी। एयर फोर्स को उम्मीद है कि B-52 विमान आधुनिकीकरण के बाद साल 2050 तक उड़ान भरते रहेंगे। इन विमानों ने ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म, सीरिया और इराक में भी अहम भूमिका निभाई थी।
बी-52 विमान अमेरिकी एयरफोर्स के सबसे पुराने विमानों में से एक है। बोइंग कंपनी द्वारा बनाए गए इस विमान को पहली बार साल 1955 में वायुसेना में शामिल किया गया था। लंबी दूरी तक मार करने वाले इस भारी बमवर्षक में आमतौर पांच क्रू मेंबर होते हैं। यह 70,000 पाउंड तक बम और अन्य हथियार ले जा सकता है। बोइंग ने 1962 से ही इसे बनाना बंद कर दिया था। लेकिन कई लाइफ-एक्सटेंशन प्रोग्राम के जरिए इसके एयरफ्रेम को मॉडर्न बनाया गया है।
क्या है खूबी?
अमेरिकी वायुसेना अभी इसके B-52H वर्जन का यूज कर रही है। क्रैश से पहले उसके पास ऐसे 76 विमान मौजूद थे। अमेरिका और ईरान के बीच हाल में हुए संघर्ष के दौरान बॉम्बिंग मिशन में इसका इस्तेमाल किया गया था। B-52H परमाणु बम और परमाणु हथियार वाली क्रूज मिसाइल ले जाने में सक्षम है। इसकी ऑपरेटिंग कॉस्ट 70,000 डॉलर प्रति घंटा है जबकि बी-2ए की ऑपरेटिंग कॉस्ट $160,000 प्रति घंटे है।
बोइंग का बनाया यह बॉम्बर 1962 से नहीं बन रहा है, हालांकि कई 'लाइफ-एक्सटेंशन' (उम्र बढ़ाने वाले) प्रोग्राम के जरिए इसके एयरफ्रेम को मॉडर्न बनाया गया है और इसे उड़ाया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूएस एयर फ़ोर्स ने हाल ही में B-52 को अपग्रेड करने का एक और प्रोग्राम शुरू किया है। इसमें नए इंजन डिजाइन करने पर फोकस किया गया है और इसकी कुल अनुमानित लागत $48.6 बिलियन है।
कितनी है कीमत?
सोमवार को हादसे का शिकार हुआ विमान B-52H स्ट्रैटोफोर्ट्रेस था। इसकी मौजूदा कीमत के बारे में कोई डेटा उपलब्ध नहीं है। लेकिन अमेरिकी एयर फोर्स के डेटा के मुताबिक 2012 में इसकी एक यूनिट की कीमत $84 मिलियन थी। एयर फोर्स को उम्मीद है कि B-52 विमान आधुनिकीकरण के बाद साल 2050 तक उड़ान भरते रहेंगे। इन विमानों ने ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म, सीरिया और इराक में भी अहम भूमिका निभाई थी।
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