अमेरिका के इतिहास में कभी नहीं हुआ ऐसा, फेड रिजर्व के सामने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रख दी असंभव डिमांड
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फेड रिजर्व के पिछले चेयरमैन जेरोम पावेल से छत्तीस का आंकड़ा था। इसकी वजह यह थी कि उन्होंने कभी भी ट्रंप की बात नहीं मानी। इसलिए जब केविन वॉर्श चेयरमैन बने तो ट्रंप की उम्मीदों बढ़ गईं। लेकिन फेड रिजर्व ने तीन साल में पहली बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी है। राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि महंगाई बहुत ज्यादा है और वे चाहते हैं कि वॉर्श आजाद होकर काम करें। लेकिन साथ ही उन्होंने फिर से अपनी पुरानी मांग दोहराई है।

ट्रंप ने एक पोस्ट में कहा, 'अमेरिका में इंटरेस्ट रेट 1 फीसदी या उससे कम होना चाहिए क्योंकि हमारा क्रेडिट अब तक दुनिया में सबसे अच्छा है। हमारे देश में जमकर नया निवेश आ रहा है। अगर हम उन देशों के साथ ट्रेडिंग बंद कर दें, जिनके साथ हमारा व्यापार घाटा है तो हमें सालाना कम से कम 1.5 ट्रिलियन डॉलर का फायदा होगा। हम दुनिया के लगभग सभी देशों के साथ घाटे में हैं। ऐसा आगे नहीं चलेगा। अमेरिका के लिए इंटरेस्ट रेट कम कीजिए और वह भी जल्दी।'
अब तक कभी नहीं हुआ ऐसाबढ़ोतरी के बाद इंटरेस्ट रेट्स 3.75% से 4.00% हो गए हैं। इसका मतलब है कि आज दरें बढ़ने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप अब कम से कम 300 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की मांग कर रहे हैं। अभी तक, US के इतिहास में एक ही मीटिंग में सबसे बड़ी कटौती 100 बेसिस पॉइंट्स की रही है, जो 2020 और 2008 में हुई थी।
राष्ट्रपति ट्रंप मौजूदा रेकॉर्ड से 3 गुना ज्यादा कटौती की मांग कर रहे है। इससे साफ है कि चौथी तिमाही काफी दिलचस्प होने वाली है क्योंकि ट्रंप का कहना है कि ब्याज दरें बढ़ने के बावजूद उन्हें फेड चेयर वॉर्श पर अब भी भरोसा है। फेड रिजर्व ने इससे पहले आखिरी बार जुलाई 2023 में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी। उसके बाद छह बार ब्याज दरों में कटौती की गई। लेकिन हाल में महंगाई बढ़ने के कारण उसे फिर ब्याज दरों में इजाफा करना पड़ा।
ट्रंप ने एक पोस्ट में कहा, 'अमेरिका में इंटरेस्ट रेट 1 फीसदी या उससे कम होना चाहिए क्योंकि हमारा क्रेडिट अब तक दुनिया में सबसे अच्छा है। हमारे देश में जमकर नया निवेश आ रहा है। अगर हम उन देशों के साथ ट्रेडिंग बंद कर दें, जिनके साथ हमारा व्यापार घाटा है तो हमें सालाना कम से कम 1.5 ट्रिलियन डॉलर का फायदा होगा। हम दुनिया के लगभग सभी देशों के साथ घाटे में हैं। ऐसा आगे नहीं चलेगा। अमेरिका के लिए इंटरेस्ट रेट कम कीजिए और वह भी जल्दी।'
अब तक कभी नहीं हुआ ऐसाबढ़ोतरी के बाद इंटरेस्ट रेट्स 3.75% से 4.00% हो गए हैं। इसका मतलब है कि आज दरें बढ़ने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप अब कम से कम 300 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की मांग कर रहे हैं। अभी तक, US के इतिहास में एक ही मीटिंग में सबसे बड़ी कटौती 100 बेसिस पॉइंट्स की रही है, जो 2020 और 2008 में हुई थी।
राष्ट्रपति ट्रंप मौजूदा रेकॉर्ड से 3 गुना ज्यादा कटौती की मांग कर रहे है। इससे साफ है कि चौथी तिमाही काफी दिलचस्प होने वाली है क्योंकि ट्रंप का कहना है कि ब्याज दरें बढ़ने के बावजूद उन्हें फेड चेयर वॉर्श पर अब भी भरोसा है। फेड रिजर्व ने इससे पहले आखिरी बार जुलाई 2023 में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी। उसके बाद छह बार ब्याज दरों में कटौती की गई। लेकिन हाल में महंगाई बढ़ने के कारण उसे फिर ब्याज दरों में इजाफा करना पड़ा।
Next Story