क्या है वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर? पीएम मोदी ने WDFC के 3 सेक्शन राष्ट्र को किए समर्पित, जानें बड़े फायदे

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के तीन अहम हिस्सों को राष्ट्र को समर्पित किया। इनके शुरू होने के साथ डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का पश्चिमी नेटवर्क अपनी पूरी लंबाई में चालू हो जाएगा।
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पीएम मोदी ने WDFC के साणंद (उत्तर)-मकरपुरा, न्यू उमरगाम-न्यू सफाले और न्यू सफाले-जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) सेक्शन को राष्ट्र को समर्पित किया। इन तीनों सेक्शन की कुल लंबाई 326 रूट किलोमीटर है और इन्हें 20,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया गया है।


WDFC से क्या होगा फायदा?
  • WDFC के इन सेक्शन के चालू होने से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी तक सीधे माल ढुलाई की सुविधा मिलेगी।
  • इससे औद्योगिक केंद्रों से बंदरगाह तक एक्सपोर्ट-इंपोर्ट कार्गो की आवाजाही तेज होने की उम्मीद है।
  • रेलवे के मुताबिक, इससे लॉजिस्टिक्स लागत और माल पहुंचाने में लगने वाला समय कम करने में मदद मिलेगी।
  • साथ ही मुंबई के मौजूदा रेलवे नेटवर्क पर मालगाड़ियों का दबाव कम होगा और यात्री ट्रेनों के लिए भी क्षमता उपलब्ध हो सकेगी।
2843 किमी का नेटवर्कवेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के दादरी से महाराष्ट्र में JNPA तक जाता है। दादरी में इसका संपर्क ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EDFC) से होता है।

EDFC का लुधियाना से सोननगर तक का हिस्सा भी पूरा हो चुका है। इन दोनों कॉरिडोर के पूरी तरह चालू होने के बाद देश में अब करीब 2,843 किलोमीटर लंबा डेडिकेटेड फ्रेट रेल नेटवर्क परिचालन में आ जाएगा।

20 साल पहले मिली थी मंजूरीडेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना को करीब 20 साल पहले मंजूरी दी गई थी। रेलवे के अनुसार, अगस्त तक पहले से चालू DFC सेक्शन पर करीब 5.2 लाख मालगाड़ी ट्रिप संचालित हो चुकी थीं। इन पर रोजाना औसतन करीब 435 मालगाड़ियां चल रही थीं।