Crude Import: पहली बार बंद हुआ 'इराक का पानी', फिर कैसे चल रही है भारत की गाड़ी? देख लीजिए ये आंकड़े
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण दुनिया में तेल का सप्लाई बुरी तरह बाधित हुई है। इससे दुनिया के कई देशों में हाहाकार मचा हुआ है। भारत पश्चिम एशिया से काफी तेल मंगाता था। हाल तक इराक हमारा दूसरा बड़ा सप्लायर था। भारत कई दशकों से इराक से तेल खरीदता आया है। यहां तक की ट्रकों पर डीजल की टंकी पर इराक का पानी लिखा होता था। लेकिन होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के कारण भारत को वहां से एक बूंद भी कच्चा तेल नहीं मिल रहा है। पहली बार ऐसी नौबत आई है।

लेकिन भारतीय कंपनियों ने पश्चिम एशिया से सप्लाई में आई बाधा का तोड़ निकाल लिया है। ईरान युद्ध होने से पहले रूस, इराक, सऊदी अरब, यूएई और अमेरिका भारत को कच्चे तेल के 5 टॉप सप्लायर थे। लेकिन अब पूरा गणित बदल चुका है। अब वे वेनेजुएला और ब्राजील जैसे देशों भारत के टॉप 5 सप्लायर में शामिल हो गए हैं।
भारत के बड़े सप्लायर
इराक के साथ-साथ अमेरिका भी टॉप 5 से बाहर हो चुका है। रूस अब भी भारत का सबसे बड़ा सप्लायर बना हुआ है लेकिन अप्रैल में वहां से क्रूड की खरीद में कमी आई है। Kpler के आंकड़ों के मुताबिक भारत ने अप्रैल में रोजाना 4.4 मिलियन बैरल तेल खरीदा। मार्च में यह आंकड़ा 4.5 मिलियन बैरल और फरवरी में 5.2 मिलियन बैरल था।
अप्रैल में भारत ने रूस से रोजाना 1.7 मिलियन बैरल तेल खरीदा। सऊदी अरब से रोजाना 7.04 लाख मिलियन बैरल और यूएई से 5.91 बैरल कच्चे तेल का आयात किया गया। सऊदी अरब और यूएई होर्मुज स्ट्रेट को बाइपास करते हुए पाइपलाइन और पोर्ट्स के जरिए तेल का एक्सपोर्ट कर रहे हैं। लेकिन इराक के पास इस तरह की सुविधा नहीं है। ईरान युद्ध से पहले वह भारत को रोजाना 1 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई कर रहा था।
कौन अंदर, कौन बाहर
वेनेजुएला से आयात
वेनेजुएला से अप्रैल में रोजाना 2.98 लाख बैरल कच्चे तेल भारत आया। इससे पहले भारत की वेनेजुएला से खरीद जीरो थी क्योंकि अमेरिका ने उस पर प्रतिबंध लगा रखा था। वेनेजुएला से ज्यादातर तेल रिलायंस इंडस्ट्रीज ने खरीदा क्योंकि उसकी रिफाइनरी इस तेल को रिफाइन करने में सक्षम हैं। अमेरिका ने हाल में वेनेजुएला के तेल संसाधनों को अपने कब्जे में ले लिया था। वेनेजुएला के पास दुनिय का सबसे बड़ा तेल भंडार है।
ब्राजील से तेल की सप्लाई अप्रैल में दोगुनी होकर रोजाना 2.75 लाख बैरल पहुंच गई जो मार्च में 1.37 लाख बैरल थी। बीपीसीएल ने ब्राजील से तेल खरीदने के लिए वहां की सरकारी तेल कंपनी पेट्रोब्रास के साथ एक एग्रीमेंट किया है। इस करार के तहत ब्राजील की कंपनी इस फाइनेंशियल ईयर में 12 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई करेगी।
लेकिन भारतीय कंपनियों ने पश्चिम एशिया से सप्लाई में आई बाधा का तोड़ निकाल लिया है। ईरान युद्ध होने से पहले रूस, इराक, सऊदी अरब, यूएई और अमेरिका भारत को कच्चे तेल के 5 टॉप सप्लायर थे। लेकिन अब पूरा गणित बदल चुका है। अब वे वेनेजुएला और ब्राजील जैसे देशों भारत के टॉप 5 सप्लायर में शामिल हो गए हैं।
भारत के बड़े सप्लायर
इराक के साथ-साथ अमेरिका भी टॉप 5 से बाहर हो चुका है। रूस अब भी भारत का सबसे बड़ा सप्लायर बना हुआ है लेकिन अप्रैल में वहां से क्रूड की खरीद में कमी आई है। Kpler के आंकड़ों के मुताबिक भारत ने अप्रैल में रोजाना 4.4 मिलियन बैरल तेल खरीदा। मार्च में यह आंकड़ा 4.5 मिलियन बैरल और फरवरी में 5.2 मिलियन बैरल था।
अप्रैल में भारत ने रूस से रोजाना 1.7 मिलियन बैरल तेल खरीदा। सऊदी अरब से रोजाना 7.04 लाख मिलियन बैरल और यूएई से 5.91 बैरल कच्चे तेल का आयात किया गया। सऊदी अरब और यूएई होर्मुज स्ट्रेट को बाइपास करते हुए पाइपलाइन और पोर्ट्स के जरिए तेल का एक्सपोर्ट कर रहे हैं। लेकिन इराक के पास इस तरह की सुविधा नहीं है। ईरान युद्ध से पहले वह भारत को रोजाना 1 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई कर रहा था।
कौन अंदर, कौन बाहर
- रूस अब भी भारत का सबसे बड़ा क्रूड सप्लायर बना हुआ है
- इराक-अमेरिका टॉप 5 से बाहर, ब्राजील-वेनेजुएला शामिल
- ईरान युद्ध से पहले इराक भारत का दूसरा बड़ा सप्लायर था
- अप्रैल में ब्राजील से तेल की सप्लाई करीब दोगुनी हुो गई
वेनेजुएला से आयात
वेनेजुएला से अप्रैल में रोजाना 2.98 लाख बैरल कच्चे तेल भारत आया। इससे पहले भारत की वेनेजुएला से खरीद जीरो थी क्योंकि अमेरिका ने उस पर प्रतिबंध लगा रखा था। वेनेजुएला से ज्यादातर तेल रिलायंस इंडस्ट्रीज ने खरीदा क्योंकि उसकी रिफाइनरी इस तेल को रिफाइन करने में सक्षम हैं। अमेरिका ने हाल में वेनेजुएला के तेल संसाधनों को अपने कब्जे में ले लिया था। वेनेजुएला के पास दुनिय का सबसे बड़ा तेल भंडार है।
ब्राजील से तेल की सप्लाई अप्रैल में दोगुनी होकर रोजाना 2.75 लाख बैरल पहुंच गई जो मार्च में 1.37 लाख बैरल थी। बीपीसीएल ने ब्राजील से तेल खरीदने के लिए वहां की सरकारी तेल कंपनी पेट्रोब्रास के साथ एक एग्रीमेंट किया है। इस करार के तहत ब्राजील की कंपनी इस फाइनेंशियल ईयर में 12 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई करेगी।
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