Yes Bank Share Fall: सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला और 15% लुढ़क गया यस बैंक का शेयर, क्या है मामला?
नई दिल्ली: यस बैंक के 8,415 करोड़ रुपये के 'एडिशनल टियर-1' (AT1) बॉन्ड को राइट ऑफ करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला दिया है। कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के 2023 के फैसले को बरकरार रखा। हाई कोर्ट ने यस बैंक के AT1 बॉन्ड को बट्टे खाते में डालने के फैसले को रद्द कर दिया गया था। यस बैंक ने मार्च 2020 में अपनी वित्तीय बदहाली के बाद बैंक के पुनर्गठन की योजना के तहत इन बॉन्ड को राइट-ऑफ कर दिया था।

ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस निप्पॉन जैसे म्यूचुअल फंड सहित कई संस्थागत निवेशकों और खुदरा निवेशकों ने इन बॉन्ड में 8,415 करोड़ रुपये का निवेश किया था। बॉन्ड धारकों ने बैंक के फैसले को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अपना निवेश वापस पाने की मांग की थी। जनवरी 2023 में हाई कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया। यस बैंक, RBI और केंद्र सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस निप्पॉन जैसे म्यूचुअल फंड सहित कई संस्थागत निवेशकों और खुदरा निवेशकों ने इन बॉन्ड में 8,415 करोड़ रुपये का निवेश किया था। बॉन्ड धारकों ने बैंक के फैसले को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अपना निवेश वापस पाने की मांग की थी। जनवरी 2023 में हाई कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया। यस बैंक, RBI और केंद्र सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
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