Nitin Gadkari News: टोल प्लाजा पर नहीं होगा कोई बैरियर, एक सेकेंड भी नहीं करना होगा इंतजार, नितिन गडकरी ने बता दी डेडलाइन
नई दिल्ली: FASTag ने देश में टोल कलेक्शन के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। इससे टोल प्लाजा पर इंतजार का समय काफी कम हो गया है। साथ ही टोल प्लाजा पर कैश या छुट्टे पैसे का झंझट भी खत्म हो गया है। फरवरी तक देश में टोल प्लाजा पर कोई बैरियर नहीं होगा और गाड़ियां बिना रुके फर्राटा भर सकेंगी। सरकार का अगला कदम यह पक्का करना है कि गाड़ियों को टोल प्लाजा पर बिल्कुल भी न रुकना पड़े।
यह दावा किया है केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने। उन्होंने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में शुक्रवार को कहा कि सरकार एक ऐसा हाईवे सिस्टम बनाना चाहती है जहां डिजिटल पेमेंट आसानी से हो, टोल पॉइंट पर गाड़ियों को बिल्कुल भी न रुकना पड़े और टेक्नोलॉजी से आर्थिक और पर्यावरण, दोनों तरह के फायदे मिलें।

गडकरी ने कहा कि भारत पूरी तरह से डिजिटल और बैरियर फ्री टोल कलेक्शन सिस्टम की ओर बढ़ रहा है। सरकार का मकसद गाड़ियों का स्टॉपेज खत्म करना, ईंधन की खपत कम करना और टोल ऑपरेशन की लागत घटाना है। इसके लिए फरवरी तक टोल प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम शुरू होने की उम्मीद है।
फास्टैग का फायदाउन्होंने कहा कि FASTag अपनाने के बाद टोल प्लाजा पर इंतजार का समय 80-90% तक कम हो गया है। पहले इसमें 12 मिनट और कुछ मामलों में 30 मिनट तक का समय लगता था। सरकार अब बाकी बची देरी को खत्म करने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। टोल पर वेटिंग टाइम कम होने से आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों फायदे हुए हैं। तेज टोल कलेक्शन से सालाना 71 करोड़ घंटे की बचत का अनुमान है, जबकि आर्थिक बचत सालाना लगभग 68,500 करोड़ रुपये है।
गडकरी ने कहा कि FASTag मोबिलिटी के लिए भारत के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर का एक अहम हिस्सा है, लेकिन सरकार इस सिस्टम को और आगे ले जाना चाहती है। MLFF के तहत गाड़ियां बिना किसी फिजिकल बैरियर के टोल पॉइंट से गुजर सकेंगी। इस सिस्टम को फरवरी तक शुरू किए जाने की उम्मीद है और इससे टोल प्लाजा के ऑपरेशन और मेंटेनेंस की लागत कम करने में भी मदद मिलेगी।
फिनटेक का मौकागडकरी ने कहा कि डिजिटल टोलिंग के विस्तार से फिनटेक कंपनियों के लिए भी बड़ा मौका बन रहा है। इसकी वजह यह है कि FASTag, गाड़ियों के रिकॉर्ड, इंश्योरेंस और बैंकिंग सिस्टम आपस में तेजी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने FASTag, VAHAN गाड़ी डेटाबेस, इंश्योरेंस और बैंकिंग को बड़े डिजिटल मोबिलिटी इकोसिस्टम के अहम हिस्से बताते हुए कहा कि सिर्फ टेक्नोलॉजी ही काफी नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि भारत के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को बनाने में भरोसे, स्पष्टता और गुडविल का उतना ही महत्व है जितना कि टेक्नोलॉजी की क्षमता और संसाधनों का। टोलिंग मार्केट में ज्यादा कॉम्पिटिशन की बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में और भी कंपनियों को आना चाहिए और सर्विस की क्वालिटी को बेहतर बनाना चाहिए।
यह दावा किया है केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने। उन्होंने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में शुक्रवार को कहा कि सरकार एक ऐसा हाईवे सिस्टम बनाना चाहती है जहां डिजिटल पेमेंट आसानी से हो, टोल पॉइंट पर गाड़ियों को बिल्कुल भी न रुकना पड़े और टेक्नोलॉजी से आर्थिक और पर्यावरण, दोनों तरह के फायदे मिलें।
गडकरी ने कहा कि भारत पूरी तरह से डिजिटल और बैरियर फ्री टोल कलेक्शन सिस्टम की ओर बढ़ रहा है। सरकार का मकसद गाड़ियों का स्टॉपेज खत्म करना, ईंधन की खपत कम करना और टोल ऑपरेशन की लागत घटाना है। इसके लिए फरवरी तक टोल प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम शुरू होने की उम्मीद है।
फास्टैग का फायदाउन्होंने कहा कि FASTag अपनाने के बाद टोल प्लाजा पर इंतजार का समय 80-90% तक कम हो गया है। पहले इसमें 12 मिनट और कुछ मामलों में 30 मिनट तक का समय लगता था। सरकार अब बाकी बची देरी को खत्म करने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। टोल पर वेटिंग टाइम कम होने से आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों फायदे हुए हैं। तेज टोल कलेक्शन से सालाना 71 करोड़ घंटे की बचत का अनुमान है, जबकि आर्थिक बचत सालाना लगभग 68,500 करोड़ रुपये है।
गडकरी ने कहा कि FASTag मोबिलिटी के लिए भारत के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर का एक अहम हिस्सा है, लेकिन सरकार इस सिस्टम को और आगे ले जाना चाहती है। MLFF के तहत गाड़ियां बिना किसी फिजिकल बैरियर के टोल पॉइंट से गुजर सकेंगी। इस सिस्टम को फरवरी तक शुरू किए जाने की उम्मीद है और इससे टोल प्लाजा के ऑपरेशन और मेंटेनेंस की लागत कम करने में भी मदद मिलेगी।
फिनटेक का मौकागडकरी ने कहा कि डिजिटल टोलिंग के विस्तार से फिनटेक कंपनियों के लिए भी बड़ा मौका बन रहा है। इसकी वजह यह है कि FASTag, गाड़ियों के रिकॉर्ड, इंश्योरेंस और बैंकिंग सिस्टम आपस में तेजी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने FASTag, VAHAN गाड़ी डेटाबेस, इंश्योरेंस और बैंकिंग को बड़े डिजिटल मोबिलिटी इकोसिस्टम के अहम हिस्से बताते हुए कहा कि सिर्फ टेक्नोलॉजी ही काफी नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि भारत के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को बनाने में भरोसे, स्पष्टता और गुडविल का उतना ही महत्व है जितना कि टेक्नोलॉजी की क्षमता और संसाधनों का। टोलिंग मार्केट में ज्यादा कॉम्पिटिशन की बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में और भी कंपनियों को आना चाहिए और सर्विस की क्वालिटी को बेहतर बनाना चाहिए।
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