रेलवे के पूर्व अधिकारी अनंत स्वरूप बने फिक्की के सेक्रेटरी जनरल
नई दिल्ली: भारतीय रेल कार्मिक सेवा (IRPS) में 1992 बैच के पूर्व अधिकारी अनंत स्वरूप उद्योग संगठन फिक्की के महासचिव Secretary General बने हैं। उनकी नियुक्ति 14 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुई है। विश्व व्यापार संगठन (WTO) के जेनेवा दफ्तर में फर्स्ट सेक्रेटरी के रूप में काम कर चुके स्वरूप को केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (Commerce & Industry Ministry) में काम करने का लंबा अनुभव है।

पब्लिक पॉलिसी के जानकार
पूर्व नौकरशाह अनंत स्वरूप को पब्लिक पॉलिसी का अच्छा जानकार माना जाता है। तभी तो उन्हें भारत में उद्योग एवं वाणिज्य जगत के सबसे बड़े संगठन Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry (FICCI) का महासचिव (Secretary General) बनाया गया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में लंबी पारीअनंत स्वरूप ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित सिविल सर्विसेज परीक्षा पास करने के बाद भारतीय रेल कार्मिक सेवा से जुड़े। इस दौरान रेलवे के फील्ड ऑफिस से लेकर रेलवे बोर्ड और उत्तर रेलवे के सीपीआरओ पद पर भी तैनात रहे। इसके बाद भारत सारकार ने उन्हें डब्ल्यूटीओ में फर्स्ट सेक्रेटरी के तौर पर नामित कर दिया। तब वह स्विटजरलैंड के जेनेवा चले गए। बाद में वह स्वदेश लौटने के बाद वह प्रतिनियुक्ति पर केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उस दौरान उन्होंने मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी की जिम्मेदारी का भी निर्वहन किया। उन्होंने रेलवे बोर्ड में एग्जीक्यूटिव डाइरेक्टर के पद पर भी काम किया है।
फाइनेंस में मास्टर डिग्रीस्वरूप ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जीव विज्ञान में बीएससी और मएससी करने के अलावा एलएलबी, एमबीए और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंस में मास्टर्स सर्टिफिकेट भी हासिल किया है। भारत सरकार की सेवा से समय पूर्व अवकाश ग्रहण करने के बाद उन्होंने बहुराष्ट्रीय फर्म ईएंडवाई (E&Y) में भी अपनी सेवा दी है।
पब्लिक पॉलिसी के जानकार
पूर्व नौकरशाह अनंत स्वरूप को पब्लिक पॉलिसी का अच्छा जानकार माना जाता है। तभी तो उन्हें भारत में उद्योग एवं वाणिज्य जगत के सबसे बड़े संगठन Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry (FICCI) का महासचिव (Secretary General) बनाया गया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में लंबी पारीअनंत स्वरूप ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित सिविल सर्विसेज परीक्षा पास करने के बाद भारतीय रेल कार्मिक सेवा से जुड़े। इस दौरान रेलवे के फील्ड ऑफिस से लेकर रेलवे बोर्ड और उत्तर रेलवे के सीपीआरओ पद पर भी तैनात रहे। इसके बाद भारत सारकार ने उन्हें डब्ल्यूटीओ में फर्स्ट सेक्रेटरी के तौर पर नामित कर दिया। तब वह स्विटजरलैंड के जेनेवा चले गए। बाद में वह स्वदेश लौटने के बाद वह प्रतिनियुक्ति पर केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उस दौरान उन्होंने मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी की जिम्मेदारी का भी निर्वहन किया। उन्होंने रेलवे बोर्ड में एग्जीक्यूटिव डाइरेक्टर के पद पर भी काम किया है।
फाइनेंस में मास्टर डिग्रीस्वरूप ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जीव विज्ञान में बीएससी और मएससी करने के अलावा एलएलबी, एमबीए और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंस में मास्टर्स सर्टिफिकेट भी हासिल किया है। भारत सरकार की सेवा से समय पूर्व अवकाश ग्रहण करने के बाद उन्होंने बहुराष्ट्रीय फर्म ईएंडवाई (E&Y) में भी अपनी सेवा दी है।
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