IRFC OFS: आईआरएफसी में अपनी 2% तक हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, रिटेल इन्वेस्टर इस दिन लगा सकेंगे बोली, पूरी डिटेल
नई दिल्ली: सरकार ' ऑफर फॉर सेल ' (OFS) के जरिए इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) में 2% तक की हिस्सेदारी बेचेगी। इसके तहत नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए बोली बुधवार को खुलेगी। रिटेल निवेशकों को गुरुवार को इसमें हिस्सा लेने का मौका मिलेगा।
डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी।

इस बिक्री में रेलवे फाइनेंसिंग कंपनी में 1 फीसदी इक्विटी का बेस ऑफर शामिल है। अगर मांग अच्छी रही तो 'ग्रीन शू ऑप्शन' के तहत अतिरिक्त 1 फीसदी शेयर भी उपलब्ध होंगे।
मंगलवार को BSE पर IRFC के शेयर 2.53% गिरकर 98.37 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए।
भारतीय रेलवे से ऐसे जुड़ी है कंपनी12 दिसंबर, 1986 को स्थापित IRFC भारतीय रेलवे की खास फाइनेंसिंग शाखा के तौर पर काम करती है। यह रेलवे के विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए घरेलू और विदेशी कैपिटल मार्केट से फंड जुटाती है।
यह नवरत्न पब्लिक सेक्टर कंपनी रेल मंत्रालय के तहत काम करती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ 'सिस्टमेटिकली इम्पॉर्टेंट नॉन-डिपॉजिट टेकिंग नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी' और 'इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी' के तौर पर रजिस्टर्ड है।
तीन दशकों से ज्यादा समय में IRFC ने फाइनेंशियल मार्केट से कर्ज लेकर और रेलवे एसेट्स (संपत्तियों) को खरीदने और बनाने के लिए फाइनेंसिंग करके भारतीय रेलवे के लिए एक्स्ट्रा-बजटरी रिसोर्स (बजट के बाहर के संसाधन) का एक मुख्य जरिया बनाया है।
डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी।
इस बिक्री में रेलवे फाइनेंसिंग कंपनी में 1 फीसदी इक्विटी का बेस ऑफर शामिल है। अगर मांग अच्छी रही तो 'ग्रीन शू ऑप्शन' के तहत अतिरिक्त 1 फीसदी शेयर भी उपलब्ध होंगे।
मंगलवार को BSE पर IRFC के शेयर 2.53% गिरकर 98.37 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए।
भारतीय रेलवे से ऐसे जुड़ी है कंपनी12 दिसंबर, 1986 को स्थापित IRFC भारतीय रेलवे की खास फाइनेंसिंग शाखा के तौर पर काम करती है। यह रेलवे के विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए घरेलू और विदेशी कैपिटल मार्केट से फंड जुटाती है।
यह नवरत्न पब्लिक सेक्टर कंपनी रेल मंत्रालय के तहत काम करती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ 'सिस्टमेटिकली इम्पॉर्टेंट नॉन-डिपॉजिट टेकिंग नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी' और 'इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी' के तौर पर रजिस्टर्ड है।
तीन दशकों से ज्यादा समय में IRFC ने फाइनेंशियल मार्केट से कर्ज लेकर और रेलवे एसेट्स (संपत्तियों) को खरीदने और बनाने के लिए फाइनेंसिंग करके भारतीय रेलवे के लिए एक्स्ट्रा-बजटरी रिसोर्स (बजट के बाहर के संसाधन) का एक मुख्य जरिया बनाया है।
Next Story