South Coast Railway: भारतीय रेल को मिल गया 18वां जोन, नाम दक्षिण तट रेलवे, पूरी जानकारी यहां है

Newspoint
नई दिल्ली: यह साल 2019 का बजट था। उसमें एक नए रेलवे जोन (Railway Zone) की घोषणा की गई थी। उसका मुख्यालय आंध्र प्रदेश में होना था। उसके करीब सात साल वह दिन आ गया जबकि रेलवे के इस नए जोन के लिए भारत सरकार के गजट या राजपत्र में इस नए जोन का नोटिफिकेशन पब्लिश हो गया। यह भारतीय रेल (Indian Railways) का 18वां जोन होगा। अधिसूचना के मुताबिक अगले महीने की पहली तारीख से यह जोन फंक्शनल हो जाएगा।
Hero Image

नाम क्या रखा गया
इसी सप्ताह आए रेल मंत्रालय (Ministry Of Railways) द्वारा जारी इस गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक इसका नाम दक्षिणी तट रेलवे (South Coast Railway) रखा गया है। इसका मुख्यालय आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में होगा। इस जोन को अभी के ईस्ट कोस्ट रेलवे (East Coast Railway) और साउथ सेंट्रल रेलवे (South Central Railway) जोन से कुछ हिस्से को काट कर बनाया गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ईस्ट कोस्ट रेलवे ECoR का मुख्यालय ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में है जबकि साउथ सेंट्रल रेलवे (SCR) का मुख्यालय तेलंगाना की राजधानी वाले शहर हैदराबाद के पास सिकंदराबाद में है।

इस जोन में कितने डिवीजन
इस नवगठित जोन में करीब 3,300 रूट किलोमीटर का रेल मार्ग होगा। ये रेल मार्ग आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक में फैले हैं। दक्षिण तट रेलवे जोन में साउथ सेंट्रल रेलवे के अंतर्गत आने वाले गुंतकल, गुंटूर और विजयवाड़ा डिवीजन शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा, रेलवे ECoR के पुराने वाल्टेयर डिवीजन को बांट दिया गया है। इसका ओडिशा वाला हिस्सा पूर्वी तट रेलवे में रह जाएगा। इसे मैनेज करने के लिए वहां एक नया रायगड डिवीजन बनाया गया है। शेष हिस्से को मैनेज करने के लिए एक नया विशाखापत्तनम डिवीजन बनाया गया है।

मुख्यालय कहां होगा
दक्षिण तट रेलवे का हेडक्वार्टर विशाखापत्तनम में होगा। इस जोन के गठन को 7 फरवरी 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा एक्स पोस्ट फैक्टो मंजूरी दी गई थी। इसका अर्थ है कि निर्णय के बाद औपचारिक स्वीकृति प्रदान की गई। इस जोन का मुख्यालय बनना शुरू हो गया है। पीएम मोदी ने जनवरी 2025 में इसका शिलान्यास कर दिया था। नए जोन का मुख्यालय बनाने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने अगस्त 2024 में मुदासरलोवा क्षेत्र में 52.2 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई थी। इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 184 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

रेलवे के कितने जोनभारतीय रेल में अभी तक कुल 17 जोन थे। इनमें मध्य रेलवे (CR), पूर्व रेलवे (ER), पूर्व मध्य रेलवे (ECR), पूर्वी तट रेलवे (ECoR), उत्तर रेलवे (NR), उत्तर मध्य रेलवे (NCR), पूर्वोत्तर रेलवे (NER), पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR), उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR), दक्षिण रेलवे (SR), दक्षिण मध्य रेलवे (SCR), दक्षिण पूर्व रेलवे (SER), दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR), दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR), पश्चिम रेलवे (WR) और पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) शामिल हैं। इनके साथ ही कोलकाता में मेट्रो रेलवे (Metro Railway) को भी जोनल रेलवे का दर्जा दिया गया है। अब इसमें दक्षिणी तट रेलवे (SCor) भी जुड़ गया है। यह भारतीय रेल का 18वां जोन होगा।

क्या होता है रेलवे जोनभारतीय रेलवे में जोनल रेलवे को प्रशासनिक इकाई की तरह डेवलप किया गया है। इसके प्रधान जीएम होते हैं। इनके अंतर्गत डिवीजन होता है जिनके प्रधान डीआरएम होते हैं। भारतीय रेल के ढांचे में डीआरएम और जीएम बेहद महत्वपूर्ण पद होते हैं। इस पद तक पहुंचना हर रेल अधिकारी का सपना होता है। लेकिन सब कोई पहुंच नहीं पाते हैं। दरअसल, ये अधिकारी ही रेलवे के दैनिक ऑपरेशन के लिए उत्तरदायी होते हैं।