Wipro Buyback: विप्रो का धमाका, अपने सबसे बड़े बायबैक प्लान को दी हरी झंडी, 15000 करोड़ के शेयर वापस खरीदेगी

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नई दिल्‍ली: विप्रो ने धमाका कर दिया है। कंपनी के निदेशक मंडल ने गुरुवार को 15,000 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक को मंजूरी दी। यह कंपनी के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा शेयर बायबैक है। हालांकि, आईटी सेक्टर की दूसरी बड़ी कंपनियों - इन्‍फोसिस और टीसीएस की ओर से हाल ही किए गए बायबैक के मुकाबले में यह छोटा है। इसके 2027 की पहली तिमाही में पूरा हो जाने की उम्मीद है।


कंपनी ने क्‍या बताया है?
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कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि:
  • बोर्ड ने दो रुपये अंकित मूल्य के 60 करोड़ पेड-अप इक्विटीज के बायबैक प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
  • यह कुल चुकता इक्विटी शेयर पूंजी का 5.7 फीसदी है।
  • बायबैक 250 रुपये प्रति इक्विटी शेयर की कीमत पर अधिकतम 15,000 करोड़ रुपये तक होगा।



विप्रो की सीएफओ अपर्णा अय्यर ने बताया कि निदेशक मंडल ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन 250 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 15,000 करोड़ रुपये के शेयरों को वापस खरीदने की घोषणा की है। उनके अनुसार, यह कंपनी की ओर से घोषित अब तक का सबसे बड़ा बायबैक है।

इन्‍फोस‍िस और टीसीएस से छोटा है ऑफर
कंपनी का ताजा बायबैक उसके 2023 के 12,000 करोड़ रुपये के बायबैक प्रोग्राम से बड़ा है। लेकिन, यह इन्‍फोसिस के 18,000 करोड़ रुपये के बायबैक ऑफर से कम है। इन्‍फोसिस का ऑफर किसी भी भारतीय कंपनी की ओर से किया गया सबसे बड़ा बायबैक था। टीसीएस के दिसंबर 2023 में पूरे हुए 17,000 करोड़ रुपये के बायबैक से भी विप्रो की पेशकश पीछे है।

शेयर बायबैक का इस्तेमाल आम तौर पर शेयरहोल्डर्स को अतिरिक्त कैश लौटाने, प्रति शेयर कमाई (EPS) को बेहतर बनाने और कंपनी की वित्तीय स्थिति में विश्वास जताने के लिए किया जाता है।

इसी द‍िन जारी हुए व‍िप्रो के नतीजे
इसी दिन विप्रो की चौथी तिमाही के नतीजे भी आए। कंपनी का बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में एकीकृत शुद्ध लाभ 1.89 फीसदी की गिरावट के साथ 3,501.8 करोड़ रुपये रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 3,569.6 करोड़ रुपये था।

विप्रो ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में उसकी आय 7.6 फीसदी बढ़कर 24,236.3 करोड़ रुपये हो गई। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही की तुलना में मुनाफे और राजस्व में 12.2 फीसदी और 2.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

कंपनी के मुनाफे में यह गिरावट चुनौतीपूर्ण व्यापक आर्थिक माहौल के बीच हुई। विप्रो के सीईओ और एमडी श्रीनि पलिया ने भू-राजनीतिक और नीतिगत व्यवधानों को 'न्‍यू नॉर्मल' बताया। हालांकि, उन्होंने कहा कि समग्र आईटी खर्च में मजबूती दिखी है।

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में विप्रो का शुद्ध लाभ 13,197.4 करोड़ रुपये रहा। यह 2024-25 की तुलना में मामूली 0.47 फीसदी अधिक है। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 का रेवेन्‍यू 3.96 फीसदी बढ़कर 92,624 करोड़ रुपये रहा।