US Rich vs Poor: प्राइवेट हाथों में GDP से सात गुना वेल्थ, गरीब होते जा रहे वर्कर्स, डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका में ये क्या हो रहा है?
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने देश को फिर से महान बनाने के चुनावी वादे के साथ वाइट हाउस पहुंचे थे। अपने दूसरे कार्यकाल में उन्होंने कई ऐसे फैसले लिए हैं जिससे दुनियाभर में उथलपुथल मची हुई है। लेकिन अमेरिका में अमीर और गरीब के बीच खाई लगातार बढ़ती जा रही है। देश में अमीरों की वेल्थ लगातार बढ़ती जा रही है जबकि वर्कर्स की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। देश में प्राइवेट सेक्टर की फाइनेंशियल एसेट्स देश की रियल जीडीपी के मुकाबले रेकॉर्ड 6.7 गुना पहुंच चुकी है।

इसका मतलब है कि अमेरिका में प्राइवेट सेक्टर के पास मौजूद स्टॉक्स, बॉन्ड्स और अन्य फाइनेंशियल इंस्ट्रमेंट्स की कुल वैल्यू रियल इकॉनमी के मुकाबले इतनी ज्यादा कभी नहीं रही। यह 2021 के रेकॉर्ड से भी आगे निकल गया है। तब कोरोना काल के बाद शेयरों में भारी तेजी आई थी और प्राइवेट सेक्टर की फाइनेंशियल एसेट्स देश की रियल जीडीपी के मुकाबले 6.3 गुना पहुंच गई थी। लेकिन अमेरिका के शेयर बाजारों में हाल में आई तेजी ने इस रेकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया।
प्राइवेट सेक्टर का दबदबा
अमीर-गरीब की खाई
अमेरिका में प्राइवेट सेक्टर की फाइनेंशियल एसेट्स की वैल्यू रियल जीडीपी के मुकाबले 1970 के लो लेवल के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा बढ़ चुकी है। जब प्राइवेट सेक्टर की फाइनेंशियल एसेट्स रियल इकॉनमी से ज्यादा तेजी से बढ़ती है तो अमीर लोग ज्यादा अमीर होते हैं और गरीब पिछड़ते जाते हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह अंतर और बढ़ेगा। इसकी वजह यह है कि तेल की कीमत में हाल में आई तेजी से महंगाई बढ़ गई है। इससे लोगों को अपनी सेविंग्स से खर्चा करना पड़ रहा है। यानी यह पैसा सीधे बड़ी कंपनियों की जेब में जाएगा।
इसका मतलब है कि अमेरिका में प्राइवेट सेक्टर के पास मौजूद स्टॉक्स, बॉन्ड्स और अन्य फाइनेंशियल इंस्ट्रमेंट्स की कुल वैल्यू रियल इकॉनमी के मुकाबले इतनी ज्यादा कभी नहीं रही। यह 2021 के रेकॉर्ड से भी आगे निकल गया है। तब कोरोना काल के बाद शेयरों में भारी तेजी आई थी और प्राइवेट सेक्टर की फाइनेंशियल एसेट्स देश की रियल जीडीपी के मुकाबले 6.3 गुना पहुंच गई थी। लेकिन अमेरिका के शेयर बाजारों में हाल में आई तेजी ने इस रेकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया।
प्राइवेट सेक्टर का दबदबा
- ट्रंप के देश अमेरिका में अमीरों की वेल्थ में लगातार तेजी आ रही है
- प्राइवेट सेक्टर की एसेट्स जीडीपी के मुकाबले रेकॉर्ड 6.7X पहुंची
- इससे पहले यह कोरोना काल के बाद 2021 में 6.3X पहुंच गई थी
- लेकिन शेयर बाजारों में हाल में आई तेजी ने इसे ध्वस्त कर दिया
अमीर-गरीब की खाई
अमेरिका में प्राइवेट सेक्टर की फाइनेंशियल एसेट्स की वैल्यू रियल जीडीपी के मुकाबले 1970 के लो लेवल के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा बढ़ चुकी है। जब प्राइवेट सेक्टर की फाइनेंशियल एसेट्स रियल इकॉनमी से ज्यादा तेजी से बढ़ती है तो अमीर लोग ज्यादा अमीर होते हैं और गरीब पिछड़ते जाते हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह अंतर और बढ़ेगा। इसकी वजह यह है कि तेल की कीमत में हाल में आई तेजी से महंगाई बढ़ गई है। इससे लोगों को अपनी सेविंग्स से खर्चा करना पड़ रहा है। यानी यह पैसा सीधे बड़ी कंपनियों की जेब में जाएगा।
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