अमेरिका में चुनाव और जापान में हाहाकार! तीन महीने के लो पर पहुंचा शेयर बाजार, जान लीजिए वजह?

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नई दिल्ली: अमेरिका के आज हो रहे मिडटर्म चुनावों पर भारत समेत पूरी दुनिया की नजरें लगी हैं। निवेशकों को यह जानने की उत्सुकता है कि इसके बाद वैश्विक राजनीति में स्थिरता आएगी या नहीं। यह खासकर इक्विटीज के लिए बेहद अहम है। इन चुनावों से तय होगा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अगले दो साल के कार्यकाल के दौरान अमेरिका में कौन सी पार्टी हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव और सीनेट को कंट्रोल करेगी।

भारत में शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में तेजी आई है लेकिन जापान में स्टॉक मार्केट में भारी गिरावट देखने को मिली है। शुरुआती रुझानों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत से एआई से जुड़े शेयरों में भारी गिरावट आई है और निक्केई तीन महीने के लो पर चला गया। माना जा रहा है कि डेमोक्रेट्स की जीत से डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स को लेकर नियम सख्त हो सकते हैं। साथ ही एआई इन्फ्रा पर कंपनियों के खर्च में गिरावट आ सकती है।

व्यापक असर की आशंकानिक्केई शेयर एवरेज 3.56 फीसदी गिरावट के साथ 60,835.36 अंक पर आ गया जो 29 जुलाई के बाद इसका न्यूनतम स्तर है। ब्रॉडर टॉपिक्स भी 2.45 फीसदी गिरावट के साथ 3832.27 अंक रह गया। निवेशकों को आशंका है कि डेमोक्रेटिक का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा है। इससे एआई इन्फ्रा पर सख्ती हो सकती है जिसका व्यापक असर टेक, हेल्थकेयर, बैंकिंग और क्रिप्टोकरेंसीज जैसे सेक्टर पर पड़ सकता है।

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक GCI Asset Management में सीनियर पोर्टफोलियो मैनेजर तकामासा इकेदा ने कहा, 'कुछ अहम राज्यों डेमोक्रेट्स सीटें जीत रहे हैं। इससे एआई इन्फ्रा में निवेश को लेकर सख्त नियमों की आशंका पैदा हो गई है।'

अमेरिका-जापान ट्रेड (2025) सबसे ज्यादा गिरावटजापान में चिप टेस्टिंग इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी Advantest का शेयर 7.8 फीसदी गिर गया जबकि Tokyo Electron में 6.28 फीसदी गिरावट आई। टेक इनवेस्टर सॉफ्टबैंक में 9 फीसदी और मेमोरी चिप
बनाने वाली कंपनी Kioxia में 11.55 फीसदी गिरावट रही। फाइबर ऑप्टिक केबल बनाने वाली कंपनियों Fujikura और Furukawa Electric में 8.49 फीसदी और 9.66 फीसदी गिरावट रही।