Air Fare: एयरलाइन को किराया कम करने को कह सकती है सरकार, लेकिन यह होना जरूरी

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नई दिल्ली: इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें नरम होने लगी हैं। इसके साथ ही एक बार फिर से एयर फेयर में कटौती ( Air Fare Cut) के हालात बनने लगे हैं। सरकार का कहना है कि एक बार क्रूड की कीमतें स्टेबल हो जाए तो फिर वह एयरलाइनों से सर्ज चार्ज और अतिरिक्त किराए की समीक्षा करने के लिए कह सकती है। यह जानकारी केंद्र में नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने दी है।
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10,000 करोड़ का कोषन्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक गुरुवार को नायडू ने बताया कि इस समय केंद्र सरकार हर पखवाड़े एयर टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों की समीक्षा करता है। यह वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों की गति पर आधारित होती है। इसके अलावा, इसने एयरलाइनों को संकट के समय समर्थन देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का मूल्य स्थिरीकरण कोष (Price Stabilisation Fund) भी बनाया है। नायडू ने बताया कि केंद्र एटीएफ की कीमतों पर करीबी नजर रख रहा है और हाल की कीमतों में गिरावट स्थायी है या नहीं, यह आंकने के लिए एयरलाइनों से चर्चा कर रहा है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा "दूसरे, अब जब हम कीमतें कम होते देख रहे हैं, हमें अभी यह देखना होगा कि यह दीर्घकालिक कमी है या अचानक हुई गिरावट, और हम इस पर एयरलाइनों से बात कर रहे हैं।"