Gold Silver Import Duty: पीएम मोदी की अपील के बाद सोने-चांदी पर यह अटकल साफ, भारत-अमेरिका शुरू करने वाले हैं बात

Newspoint
नई दिल्‍ली: केंद्र सरकार की सोने और चांदी के आयात पर ड्यूटी बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। एक सरकारी सूत्र ने यह जानकारी दी। यह बात ऐसे समय सामने आई है जब देश में इंपोर्ट ड्यूटी को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की थी कि कि वे विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) को बचाने के लिए अगले एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीद से बचें।

सूत्र ने रॉयटर्स को यह भी बताया कि व्यापार के मोर्चे पर अमेरिकी अधिकारियों के व्यापार वार्ता के लिए भारत आने की उम्मीद है। हालांकि, अभी तारीखें तय नहीं हुई हैं। अमेरिका के साथ होने वाली बातचीत में सभी लंबित मुद्दे शामिल होने की संभावना है। इसमें भारत पर चल रही 'सेक्शन 301' की जांच भी शामिल है। हालांकि, जब तक यूएसटीआर की 'सेक्शन 301' जांच जारी है तब तक अमेरिका के साथ किसी व्यापार समझौते की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए।
Hero Image

भारत ने आरोपों का किया हैं खंडन
इस बीच, भारत ने यूएसटीआर (अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि) की ओर से की जा रही उस जांच में लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जो भारत सहित कई देशों में 'अतिरिक्त संरचनात्मक क्षमता और उत्पादन' से संबंधित है। भारत ने कहा है कि जांच शुरू करने वाले नोटिस में इन दावों को सही साबित करने के लिए कोई 'ठोस तर्क' नहीं दिया गया है।

नई दिल्ली की ओर से यूएसटीआर को सौंपे गए एक दस्तावेज के अनुसार, भारत ने अनुरोध किया है कि भारत के संबंध में वह एक 'निगेटिव डिटर्मिनेशन' जारी करके उसके खिलाफ जारी जांच को समाप्त कर दे।

क्या है जांच का मामला?
  • 11 मार्च को अमेरिका ने अपने ट्रेडिंग पार्टनर्स के खिलाफ जांच शुरू करने की घोषणा की थी।
  • इनमें भारत, चीन, जापान और यूरोपीय संघ (EU) शामिल हैं।
  • अमेरिकी दावा है कि इस जांच का उद्देश्य अनुचित विदेशी व्यापारिक तरीकों की पड़ताल करना और उन्हें रोकना है।
  • इनका अमेरिकी मैन्‍युफैक्‍चरिंग उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

अमेरिका गया था भारतीय प्रतिनिधिमंडल
यह घटनाक्रम भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अमेरिका यात्रा के कुछ ही हफ्तों बाद सामने आया। व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए यह यात्रा की गई थी। इसके समापन पर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने नई दिल्ली को 'टेढ़ी खीर' (टफ नट टू क्रैक) बताया था। यह प्रतिनिधिमंडल अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के पहले चरण पर चर्चा जारी रखने के लिए अमेरिका गया था। इस समझौते की घोषणा सबसे पहले इसी साल फरवरी में डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी ने की थी।

प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते के तहत अमेरिका ने भारत पर लगने वाले टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया है। पिछले साल अगस्त में ट्रंप ने भारत पर 25% का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था। इसके साथ ही भारत की ओर से रूस से कच्चे तेल की खरीद से जुड़ा अतिरिक्त 25% का 'दंडात्मक शुल्क' भी लगा दिया था।