8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग से सिर्फ बंपर सैलरी हाइक ही नहीं, एरियर की रकम भी ₹10 लाख पहुंचने की उम्मीद, डिटेल
नई दिल्ली: 8वें वेतन आयोग से जुड़ी बातें देशभर में ध्यान खींच रही हैं। अगर कर्मचारियों के प्रतिनिधियों की मुख्य मांगें मान ली जाती हैं तो केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी में जबरदस्त बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही उनके बैंक खातों में बड़ी रकम बकाया यानी एरियर के तौर पर सीधे जमा हो सकती है। अनुमानों के मुताबिक, कुछ खास शर्तों के तहत कम वेतन वाले कर्मचारियों के लिए सिर्फ एरियर की रकम ही 10 लाख रुपये से ज्यादा हो सकती है।

इस चर्चा का एक मुख्य पहलू 'फिटमेंट फैक्टर' है। यह मूल वेतन को संशोधित करने के लिए इस्तेमाल होने वाला अहम मल्टीप्लायर है। है। 7वें वेतन आयोग के तहत यह आंकड़ा 2.57 था। हालांकि, नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने 3.833 का कहीं ज्यादा ऊंचा फिटमेंट फैक्टर प्रस्तावित किया है।
अगर इस सिफारिश को मंजूरी मिल जाती है तो न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 69,000 रुपये तक पहुंच सकता है। इस तरह के संशोधन से न सिर्फ मासिक वेतन बढ़ेगा, बल्कि अगर इसे पिछली तारीख से लागू किया जाता है तो एरियर के कैलकुलेशन पर भी इसका काफी असर पड़ेगा।
एरियर की रकम 10 लाख या उससे ज्यादा कैसे हो सकती है?ऐसी अटकलें हैं कि 8वां वेतन आयोग 2027 में लागू हो सकता है। वहीं संशोधित वेतन 1 जनवरी, 2026 से पिछली तारीख से लागू किए जा सकते हैं। ऐसे में कर्मचारियों को बीच के समय (गैप पीरियड) का एरियर पाने का अधिकार होगा।
पूरा कैलकुलेशन समझिए
अगर इसे सितंबर 2027 के आस-पास लागू किया जाता है तो इसका नतीजा लगभग 20 महीनों के बकाया के रूप में सामने आ सकता है। लेवल 1 के कर्मचारियों के लिए मौजूदा और संशोधित मूल वेतन के बीच का अंतर लगभग 51,000 रुपये प्रति माह होने का अनुमान है। 20 महीनों में बकाये की यह रकम बढ़कर लगभग 10.2 लाख रुपये हो जाती है।
ऊंचे वेतन स्तरों पर और भी बड़ी रकम मिल सकती है। उदाहरण के लिए:
कब तक लागू होने की उम्मीद?
सरकार ने नवंबर 2025 में 8वें वेतन आयोग का गठन किया था। उसे अपनी सिफारिशें जमा करने के लिए 18 महीने का समय दिया था। इससे उम्मीद है कि सबमिशन मई 2027 के आस-पास होगा। इसके बाद मंजूरी और लागू होने में 3 से 9 महीने और लग सकते हैं।
हालांकि, अभी तक कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है। 3.833 का प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर अभी भी विचाराधीन है। इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है कि संशोधित वेतन 1 जनवरी, 2026 या किसी बाद की तारीख से लागू होगी।
इस चर्चा का एक मुख्य पहलू 'फिटमेंट फैक्टर' है। यह मूल वेतन को संशोधित करने के लिए इस्तेमाल होने वाला अहम मल्टीप्लायर है। है। 7वें वेतन आयोग के तहत यह आंकड़ा 2.57 था। हालांकि, नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने 3.833 का कहीं ज्यादा ऊंचा फिटमेंट फैक्टर प्रस्तावित किया है।
अगर इस सिफारिश को मंजूरी मिल जाती है तो न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 69,000 रुपये तक पहुंच सकता है। इस तरह के संशोधन से न सिर्फ मासिक वेतन बढ़ेगा, बल्कि अगर इसे पिछली तारीख से लागू किया जाता है तो एरियर के कैलकुलेशन पर भी इसका काफी असर पड़ेगा।
एरियर की रकम 10 लाख या उससे ज्यादा कैसे हो सकती है?ऐसी अटकलें हैं कि 8वां वेतन आयोग 2027 में लागू हो सकता है। वहीं संशोधित वेतन 1 जनवरी, 2026 से पिछली तारीख से लागू किए जा सकते हैं। ऐसे में कर्मचारियों को बीच के समय (गैप पीरियड) का एरियर पाने का अधिकार होगा।
पूरा कैलकुलेशन समझिए
अगर इसे सितंबर 2027 के आस-पास लागू किया जाता है तो इसका नतीजा लगभग 20 महीनों के बकाया के रूप में सामने आ सकता है। लेवल 1 के कर्मचारियों के लिए मौजूदा और संशोधित मूल वेतन के बीच का अंतर लगभग 51,000 रुपये प्रति माह होने का अनुमान है। 20 महीनों में बकाये की यह रकम बढ़कर लगभग 10.2 लाख रुपये हो जाती है।
ऊंचे वेतन स्तरों पर और भी बड़ी रकम मिल सकती है। उदाहरण के लिए:
- लेवल 2 के कर्मचारियों को लगभग 11.27 लाख रुपये मिल सकते हैं
- लेवल 3 के कर्मचारियों को लगभग 12.29 लाख रुपये मिल सकते हैं
- लेवल 4 के कर्मचारियों को लगभग 14.44 लाख रुपये मिल सकते हैं
- लेवल 5 के कर्मचारियों को लगभग 16.54 लाख रुपये मिल सकते हैं
कब तक लागू होने की उम्मीद?
सरकार ने नवंबर 2025 में 8वें वेतन आयोग का गठन किया था। उसे अपनी सिफारिशें जमा करने के लिए 18 महीने का समय दिया था। इससे उम्मीद है कि सबमिशन मई 2027 के आस-पास होगा। इसके बाद मंजूरी और लागू होने में 3 से 9 महीने और लग सकते हैं।
हालांकि, अभी तक कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है। 3.833 का प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर अभी भी विचाराधीन है। इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है कि संशोधित वेतन 1 जनवरी, 2026 या किसी बाद की तारीख से लागू होगी।
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