DA Hike Delay: अब महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की मांग को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन, अप्रैल में भी डीए न बढ़ने से नाराजगी

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नई दिल्‍ली: केंद्र सरकार के कर्मचार‍ियों और पेंशनरों को जनवरी-जून 2026 की अवधि के लिए केंद्र की ओर से महंगाई भत्ते/महंगाई राहत (डीए/डीआर) में बढ़ोतरी का इंतजार है। वे डीए/डीआर में बदलाव की घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। महंगाई भत्ते (डीए) की घोषणा साल में दो बार की जाती है। साल का पहला संशोधन आमतौर पर मार्च में होली के त्योहार के आसपास होता है। कम से कम पिछले 10 सालों के रुझान तो यही बताते हैं। कोरोना काल को छोड़कर। तब 18 महीनों के लिए डीए रोक दिया गया था। डीए बढ़ोतरी में मांग को लेकर गुरुवार को देशभर में अलग-अलग केंद्रीय कर्मचारी संगठन सांकेतिक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्‍लॉइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर मंजीत सिंह पटेल ने इसे लेकर सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर एक पोस्‍ट किया। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब इसके पहले नोएडा में मजदूरों का प्रदर्शन छाया रहा है।
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अप्रैल का मध्य बीत जाने के बावजूद भी डीए पर कोई घोषणा न होने से सरकारी कर्मचारियों का एक वर्ग आज विरोध प्रदर्शन कर रहा है। उसकी मांग है कि भत्ते को तुरंत जारी किया जाए। साथ ही तीन महीनों के बकाया (एरियर) का भुगतान हो।



कर्मचारी यून‍ियन ने दी है यह जानकारी कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स (सीसीजीईडब्‍ल्‍यू) ने कैबिनेट सचिव को संबोधित एक पत्र में सूचित किया है कि उसके संबद्ध संघ आज सभी कार्यस्थलों पर प्रदर्शन करेंगे।



पत्र में लिखा है, 'यह सूचित किया जाता है कि सीसीजीईडब्‍ल्‍यू के संबद्ध संगठनों के सदस्य कर्मचारी 16 अप्रैल, 2026 को सभी कार्यस्थलों पर 'लंच आवर' (दोपहर के भोजन के समय) में प्रदर्शन करेंगे और एक प्रस्ताव भेजेंगे।'

पत्र में आगे कहा गया है, 'जिस एकमात्र मांग को लेकर कर्मचारी उपरोक्त विरोध कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं, वह है - कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी डीए/डीआर की बकाया किस्त की तत्काल घोषणा।'

आमतौर पर कब बढ़ता है डीए?डीए में साल में दो बार संशोधन किया जाता है। ऐसा आमतौर पर मार्च और सितंबर में होता है। यह संशोधन 'अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक' (एआईसीपीआई) के जरिये मापे गए महंगाई के आंकड़ों पर आधारित होता है। हालांकि, इस बार मार्च में होने वाले संशोधन की घोषणा अभी तक नहीं की गई है। इसे कर्मचारी असामान्य बता रहे हैं।

कितना है डीए/डीआर?वर्तमान में डीए/डीआर कर्मचारी के मूल वेतन का 58% है। अगले संशोधन में इसके बढ़कर 60% होने की उम्मीद है। यानी इसमें 2% की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इससे भी ज्‍यादा जरूरी बात यह है कि 31 दिसंबर, 2025 को 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल खत्म होने के बाद केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के डीए/डीआर में यह पहला बदलाव होगा।

कई कर्मचारी संघ और प्रतिनिधि संगठन सरकार से यह गुजारिश कर रहे हैं कि बढ़ती महंगाई को देखकर कर्मचारियों को अंतरिम राहत के तौर पर मौजूदा डीए स्तर को मूल वेतन में मिला दिया जाए।

कर्मचारियों पर असरफाइनेंशियल एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस देरी का असर 1.2 करोड़ से ज्‍यादा लाभार्थियों पर पड़ रहा है। इनमें लगभग 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी और करीब 65–70 लाख पेंशनभोगी शामिल हैं। कई परिवारों के लिए डीए मासिक आय का एक अहम हिस्सा होता है। यह उन्हें महंगाई से निपटने में मदद करता है। भले ही बकाया राशि बाद में दे दी जाए। लेकिन, इस देरी का मतलब है कि कम समय के लिए हाथ में आने वाली नकदी कम हो जाएगी।