PM Modi on Gold: पीएम मोदी की गोल्ड वाली बात से हड़कंप, ज्वेलरी एसोसिएशन करेगा मुलाकात, किस बात पर होगी चर्चा?

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक रैली में देश के नागरिकों से अपील की कि वे एक साल तक सोना ना खरीदें। वैश्विक उथल-पुथल और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच देश के विदेश मुद्रा भंडार पर दबाव बन रहा है। इसे बचाने और तेल के आयात को बनाए रखने के लिए उन्होंने यह अपील की। लेकिन सोमवार को इसका असर कुछ उलटा दिखाई दिया। एमसीएक्स पर सोने की कीमत में गिरावट आई और गोल्ड स्टॉक्स लुढ़क गए। वहीं ज्वेलरी एसोसिएशन भी पीएमओ अधिकारियों से मिलने जा रहा है।
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पीएम मोदी की इस अपील का सोमवार को सोने की कीमत पर असर देखा गया। एमसीएक्स और आईबीजेए के डेटा के मुताबिक सोने की कीमतों में गिरावट आई। सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे एमसीएक्स पर जून डिलीवरी वाले सोने का भाव प्रति 10 ग्राम करीब 400 रुपये गिरकर 1,52,134 रुपये पर था। वहीं आईबीजेए डेटा के मुताबिक सोमवार सुबह 24 कैरेट सोना 800 रुपये गिरकर 1,50,277 रुपये पर था।


कल होगी मुलाकातइस समय सोने के आयात में गिरावट आई है। इस साल जनवरी से लेकर अप्रैल तक सोने का आयात हर महीने गिरा है। इस कारण देश में ज्वेलर्स के पास कम सोना आ रहा है। वहीं अभी शादियों के भी सीजन है। शादियों में सोने की मांग और बढ़ जाती है। ऐसे में ज्वेलरी इंडस्ट्री एसोसिएशन कल मंगलवार (12 मई) को प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों से मुलाकात करेगा। सीएनबीसी टीवी-18 के मुताबिक इस मुलाकात में आपूर्ति संबंधी चुनौतियों और आयात संबंधी चिंताओं पर चर्चा हो सकती है।

पीएम मोदी ने क्यों की अपील?
  • अभी पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव है। इससे दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं।
  • भारत को महंगी कीमत पर कच्चा तेल खरीदना पड़ रहा है। इस कारण देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ रहा है।
  • भारत अपनी जरूरत का काफी सोना विदेश से आयात करता है। सोने का भुगतान भारत को अमेरिकी डॉलर में करना होता है, जिससे भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कम होता है।
  • अगर विदेशी मुद्रा भंडार कम होगा तो रुपये की गिरावट को रोकने और तेल समेत दूसरी कई चीजों को खरीदने के लिए पैसा नहीं बचेगा। नतीजा भारत में आर्थिक संकट और गहरा सकता है।
  • 1 मई को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7.794 अरब डॉलर घटकर 690.693 अरब डॉलर रह गया। इससे एक सप्ताह पहले भी विदेशी मुद्रा भंडार में 4.82 अरब डॉलर की कमी हुई थी।

भारत दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ताभारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। भारत अपनी जरूरत का 90 फीसदी से अधिक सोना आयात करता है। भारत में हर साल लगभग 700 से 800 टन सोने की खपत होती है। वहीं घरेलू स्तर पर इसका उत्पादन मात्र 1 से 2 टन ही होता है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का सोने का आयात 72 अरब डॉलर तक पहुंच गया। वहीं एक साल पहले यह आयात 58 अरब डॉलर था। यानी पिछले साल के मुकाबले सोने के आयात में करीब 24 फीसदी की तेजी आई है।