LIC Share Price: ₹830 पर बंद और ₹417.60 पर ओपन, LIC के शेयरों को क्या हुआ?
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी का शेयर पिछले सत्र में एनएसई पर 830 रुपये पर बंद हुआ था और आज 417.60 रुपये पर खुला। इससे ऐसा लगा कि कंपनी के शेयरों में 50 फीसदी से अधिक गिरावट आई। लेकिन मामला कुछ और ही था। इस सरकारी कंपनी ने पहली बार अपने 21 लाख से अधिक निवेशकों को 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर जारी किया था जो आज एडजस्ट हुआ। कारोबार के दौरान यह 1.5 फीसदी गिरावट के साथ 411.45 रुपये तक गिरा।

एलआईसी ने अप्रैल में बोनस इश्यू जारी करने की योजना को मंजूरी दी थी। इसके लिए 29 मई रेकॉर्ड डेट तय की गई थी। एलआईसी 2022 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी और उसके बाद से कंपनी 5 अंतरिम डिविडेंड की घोषणा कर चुकी है लेकिन उसके बोनस इश्यू पहली बार दिया है। शुक्रवार, 29 मई तक जिन शेयरहोल्डर्स के डीमैट अकाउंट्स में एलआईसी के शेयर होंगे, वे बोनस शेयर पाने के हकदार होंगे।
रेकॉर्ड डेट
सेबी के T+1 सेटलमेंट नियम के कारण निवेशकों को रेकॉर्ड डेट से कम से कम एक ट्रेडिंग डे पहले शेयर खरीदना जरूरी है ताकि रेकॉर्ड डेट तक शेयर उनके डीमैट अकाउंट्स में क्रेडिट हो जाएं और वे बोनस इश्यू के हकदार बन जाएं। बकरीद के कारण 28 मई को बाजार बंद था, इसलिए 27 मई एलआईसी का शेयर खरीदने के लिए अंतिम दिन था ताकि वे रेकॉर्ड डेट तक डीमैट अकाउंट में आ जाएं।
जब कोई कंपनी अपने मौजूदा शेयरधारकों को मुफ्त में अतिरिक्त शेयर देती है तो उसके बोनस इश्यू कहा जाता है। इससे शेयरहोल्डर के पास शेयरों की संख्या बढ़ जाती है, लेकिन निवेश का कुल वैल्यू समान रहती है। कई बार जब किसी शेयर की कीमत बहुत अधिक हो जाती है, तो खुदरा निवेशकों के लिए उसे खरीदना मुश्किल होता है। बोनस देने से शेयर की कीमत कम हो जाती है और बाजार में उनकी खरीद-फरोख्त बढ़ जाती है।
एलआईसी ने अप्रैल में बोनस इश्यू जारी करने की योजना को मंजूरी दी थी। इसके लिए 29 मई रेकॉर्ड डेट तय की गई थी। एलआईसी 2022 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी और उसके बाद से कंपनी 5 अंतरिम डिविडेंड की घोषणा कर चुकी है लेकिन उसके बोनस इश्यू पहली बार दिया है। शुक्रवार, 29 मई तक जिन शेयरहोल्डर्स के डीमैट अकाउंट्स में एलआईसी के शेयर होंगे, वे बोनस शेयर पाने के हकदार होंगे।
रेकॉर्ड डेट
सेबी के T+1 सेटलमेंट नियम के कारण निवेशकों को रेकॉर्ड डेट से कम से कम एक ट्रेडिंग डे पहले शेयर खरीदना जरूरी है ताकि रेकॉर्ड डेट तक शेयर उनके डीमैट अकाउंट्स में क्रेडिट हो जाएं और वे बोनस इश्यू के हकदार बन जाएं। बकरीद के कारण 28 मई को बाजार बंद था, इसलिए 27 मई एलआईसी का शेयर खरीदने के लिए अंतिम दिन था ताकि वे रेकॉर्ड डेट तक डीमैट अकाउंट में आ जाएं।
जब कोई कंपनी अपने मौजूदा शेयरधारकों को मुफ्त में अतिरिक्त शेयर देती है तो उसके बोनस इश्यू कहा जाता है। इससे शेयरहोल्डर के पास शेयरों की संख्या बढ़ जाती है, लेकिन निवेश का कुल वैल्यू समान रहती है। कई बार जब किसी शेयर की कीमत बहुत अधिक हो जाती है, तो खुदरा निवेशकों के लिए उसे खरीदना मुश्किल होता है। बोनस देने से शेयर की कीमत कम हो जाती है और बाजार में उनकी खरीद-फरोख्त बढ़ जाती है।
Next Story