Reliance Jio IPO: मेटा और गूगल को ₹1 लाख करोड़ का 'प्रॉफिट', 6 साल पहले किया था ₹77,310 करोड़ निवेश

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नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म में अमेरिका की मेटा प्लेटफॉर्म्स और गूगल ने 2020 में निवेश किया था। दोनों कंपनियों ने मेटा और गूगल में कुल मिलाकर लगभग ₹77,310 करोड़ का जियो में निवेश किए थे। जियो के IPO प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर उनकी हिस्सेदारी की वैल्यू लगभग ₹1.77 लाख करोड़ हो सकता है। उन्हें कुल मिलाकर लगभग ₹99,841 करोड़ का ऐसा मुनाफा हो रहा है। हालांकि इस आईपीओ के जरिए कोई भी निवेशक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहा है। यह मुनाफा 'मार्क-टू-मार्केट' अनुमान है।
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जियो के ₹30,200 करोड़ के IPO में 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। मेटा की Jaadhu Holdings और गूगल इंटरनेशनल ने छह साल पहले जियो में हिस्सेदारी खरीदी थी। IPO प्रॉस्पेक्टस के अनुसार 2020 में मेटा और गूगल को जियो के शेयर ₹488.34 प्रति शेयर के भाव पर आवंटित किए गए थे। IPO प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, जियो के शेयरों की कीमत ₹1,119 तय की गई है। इसका मतलब है कि प्रति शेयर ₹630.66 का फायदा हो रहा है, जो लगभग 129% का रिटर्न है।

किसके पास कितने शेयर?जियो के IPO से पहले की हिस्सेदारी के हिसाब से मेटा के पास 89.23 करोड़ शेयर हैं। कंपनी का कुल निवेश लगभग ₹43,573 करोड़ का था। ₹1,119 प्रति शेयर के भाव पर कंपनी की हिस्सेदारी का मूल्य ₹99,846 करोड़ बैठता है। यानी कंपनी को अपने निवेश पर लगभग ₹56,272 करोड़ का प्रॉफिट हो रहा है। इसी तरह गूगल के पास जियो के 69.09 करोड़ शेयर हैं। उनका कुल निवेश लगभग ₹33,737 करोड़ का था। IPO प्राइस के हिसाब से उसकी हिस्सेदारी का मूल्य ₹77,307 करोड़ हो जाता है। यानी उसे लगभग ₹43,569 करोड़ का प्रॉफिट मिल रहा है।

मेटा और गूगल के अलावा कई और कंपनियों ने भी जियो में निवेश किया था। इनमें सिल्वर लेक मैनेजमेंट, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, मुबादला इन्वेस्टमेंट कंपनी, जनरल अटलांटिक, सऊदी अरब का पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और TPG कैपिटल शामिल थे। पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड, KKR, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स और सिल्वर लेक सहित अन्य निवेशकों को 549.31 रुपये प्रति शेयर के भाव पर शेयर आवंटित किए गए।

कब खुलेगा आईपीओ?जियो का आईपीओ 21 अक्टूबर, 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद हो जाएगा। शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर को फाइनल होने की उम्मीद है, और 28 अक्टूबर को इनके NSE और BSE पर लिस्ट होने की संभावना है। इस इश्यू के जरिए लगभग ₹30,213 करोड़ जुटाए जाएंगे जो इसे भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बना देगा। 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का आईपीओ ₹27,900 करोड़ का था।

फिलहाल, जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66.43% हिस्सेदारी है। मेटा के पास 9.98% और गूगल के पास 7.73% हिस्सेदारी है। मेटा की Jaadhu Holdings के पास जियो के 892.28 मिलियन शेयर हैं, जबकि गूगल इंटरनेशनल के पास 690.85 मिलियन शेयर हैं। इन दोनों टेक्नोलॉजी कंपनियों के पास मिलकर जियो की प्री-इश्यू इक्विटी का 17.71% हिस्सा है।